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Sanjay Shukla's Discussions (134)

Discussions Replied To (134) Replies Latest Activity

"आदारणीय समर कबीर सर, क्या 4 को यूँ कहा जा सकता है ?....जागे तो गर्द-ए-पाँव ने हैरान…"

Sanjay Shukla replied Sep 25 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135

284 Sep 25
Reply by नादिर ख़ान

"आदरणीय सालिक जी, अच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार करें। २, ३, ४ के मफ़हूम बहुत अच्छे…"

Sanjay Shukla replied Sep 25 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135

284 Sep 25
Reply by नादिर ख़ान

"आदरणीया रचना जी, अच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार किया"

Sanjay Shukla replied Sep 25 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135

284 Sep 25
Reply by नादिर ख़ान

"आदरणीय डंडापानी जी, अच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार करें"

Sanjay Shukla replied Sep 25 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135

284 Sep 25
Reply by नादिर ख़ान

"आदरणीय अनिल जी, अच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार करें"

Sanjay Shukla replied Sep 25 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135

284 Sep 25
Reply by नादिर ख़ान

"आदरणीय लक्ष्मण जी, अच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार करें। चर्चा भी बहुत ज्ञानवर्धक रह…"

Sanjay Shukla replied Sep 25 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135

284 Sep 25
Reply by नादिर ख़ान

"आदरणीय डंडापानी जी, बहुत धन्यवाद"

Sanjay Shukla replied Sep 25 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135

284 Sep 25
Reply by नादिर ख़ान

"आदरणीय सालिक जी, बहुत धन्यवाद"

Sanjay Shukla replied Sep 25 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135

284 Sep 25
Reply by नादिर ख़ान

"आदरणीया रचना जी, बहुत धन्यवाद"

Sanjay Shukla replied Sep 25 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135

284 Sep 25
Reply by नादिर ख़ान

"आदरणीय लक्ष्मण जी, आप ने बहुत गौर से ग़ज़ल को पढ़ा और कीमती सुझाव दिए। उस्ताद साहब क…"

Sanjay Shukla replied Sep 24 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135

284 Sep 25
Reply by नादिर ख़ान

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Sushil Sarna posted a blog post

अनपढ़े ग्रन्थ

कुछ दर्द एक महान ग्रन्थ की तरह होते हैं पढना पड़ता है जिन्हें बार- बार उनकी पीड़ा समझने के लिए…See More
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"ग़ज़ल और मतले पर हुई चर्चा में भाग लेने वाले सभी गुणीजनों का आभार व्यक्त करते हुए, ख़ासतौर पर…"
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Samar kabeer commented on Anjuman Mansury 'Arzoo''s blog post ग़ज़ल - फिर ख़ुद को अपने ही अंदर दफ़्न किया
"//इस पर मुहतरम समर कबीर साहिब की राय ज़रूर जानना चाहूँगा// 'पहले दफ़्न 'आरज़ू' दिल…"
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सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"//यहाँ पर मैं उन के आलेख से सहमत नहीं हूँ. उनके अनुसार रहे और कहे आदि में इता दोष होगा-यह कथ अपने…"
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Anjuman Mansury 'Arzoo' posted a blog post

ग़ज़ल - फिर ख़ुद को अपने ही अंदर दफ़्न किया

वज़्न - 22 22 22 22 22 2उनसे मिलने का हर मंज़र दफ़्न किया सीप सी आँखों में इक गौहर दफ़्न कियादिल…See More
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Anjuman Mansury 'Arzoo' commented on Anita Maurya's blog post एक साँचे में ढाल रक्खा है
"मुहतरमा अनिता मौर्य जी आदाब, अच्छे अशआर कहे आपने, दाद क़ुबूल फ़रमाएं। समर कबीर साहिब से सहमत हूँ।…"
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"आदरणीय सुशील सरना जी , सच्ची पूजा का नहीं, समझा कोई अर्थ ।बिना कर्म संंसार में,अर्थ सदा है व्यर्थ…"
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Dr. Vijai Shanker commented on Anita Maurya's blog post एक साँचे में ढाल रक्खा है
"अच्छा है , बधाई , सादर."
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अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Anita Maurya's blog post एक साँचे में ढाल रक्खा है
"मुहतरमा अनिता मौर्य जी आदाब, अच्छे अशआर कहे आपने, दाद क़ुबूल फ़रमाएं। समर कबीर साहिब से सहमत हूँ।…"
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Samar kabeer commented on Anita Maurya's blog post एक साँचे में ढाल रक्खा है
"मुहतरमा अनीता मौर्य जी आदाब, ओबीओ पर आपकी ये पहली रचना है शायद । अच्छे अशआर हैं, इसे ग़ज़ल इसलिये…"
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