For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")


आँखों में भरे खूँ लिए तलवार खड़ा है 
करने को मुझे कत्ल मेरा यार खडा है

.
दे दे तु मुझे अपनी दुआओँ का सहारा
चोखट पे तेरी आज ये बीमार खडा है

.
जाने दे मुझे मौत की आगोश मे हमदम
क्योँ बनके मेरी राह मे दीवार खडा है

.
मरकर ही सही  आज ये एजाज मिला तो 
करने को मेरा आज वो दीदार खडा है

.
गर मुझको मिटाने का वो रखते हें इरादा
हसरत भी फना होने को तय्यार खडा है.

Views: 750

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by SHARIF AHMED QADRI "HASRAT" on March 14, 2012 at 8:51am
बहुत बहुत शुक्रिया वीनस भाई आपकी मदद से मेरी रचना पूरी तरह से दोष रहित हो गयी है
आपने मक्ते के ऊला मिसरे के बारे मे भी कुछ बताया था लेकिन किसी वजह से वो मेरी मोबा. स्क्रीन पर नहीँ आ रहा हे
इसलिये आपसे गुजारिश हे कि मक्ते के बारे मे दोबारा बता देँ
Comment by वीनस केसरी on March 13, 2012 at 10:28pm

जाने दे मुझे मौत की आगोश मे हमदम
क्योँ बनके मेरी राह मे दीवार खडा है

वाह वा हसरत भाई खूबसूरत शेर कहे हैं
बधाई
आपकी ग़ज़ल बाबह्र है


मर कर के मुझे आज ये एजाज मिला है
इस मिसरे में के भर्ती का शब्द है मर कर के कि जगह मर कर होना चाहिए
और मिसरे में तलाबुले रदीफ दोष भी आ रहा है
इसे यूं किया जा सकता है ..

मर कर ही सही आज ये एजाज मिला तो
करने को मेरा आज वो दीदार खडा है
आप इसे और अच्छा कह सकते हैं

गर मुझको मिटाने का वो रखता हे इरादा
इस मिसरे को यूं कर लें तो
गर मुझको मिटाने का वो रखते हैं इरादा

Comment by विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी on March 13, 2012 at 9:34pm
मेरी भी हसरत है हसरत साहब कि मैं भी कोई ऐसी उम्दी गजल लिखूं पर अफसोस मैं लिख नही पाता हूं।बहरहाल आप अपने गजल के लिए एक लम्बा................................................................................................................. सा दाद कुबूल कर लीजिए।बाकी जय हिन्द!जय ओ.बी.ओ.
Comment by AVINASH S BAGDE on March 13, 2012 at 8:49pm

दे दे तु मुझे अपनी दुआओँ का सहारा

चोखट पे तेरी आज ये बीमार खडा है

हसरत साहब,बधाईयां

Comment by shashiprakash saini on March 13, 2012 at 7:03pm

बहोत अच्छी गज़ल है 

बधाई स्वीकारे हसरत जी 

Comment by संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' on March 13, 2012 at 2:03pm

हसरत साहब,

बड़ी ही ख़ूबसूरत पेशकश है आपकी| मैंने मकता कई बार पढ़ा थोड़ी सी मात्रा बढ़ी हुई लग रही है मगर मेरे ख़याल से ये शेर पूरी तरह से बहर में है| बधाईयां|


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on March 13, 2012 at 1:14pm

//मर कर के मुझे आज ये एजाज मिला है
करने को मेरा आज वो दीदार खडा है//

वाह वाह वाह हसरत साहिब - बहुत खूब. इन दिलकश आशार के लिए मेरी दिली मुबारकबाद कुबूल फरमाएं.

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on March 13, 2012 at 10:07am

भाई जी मुझे तकनीकी ज्ञान नहीं है , जो बात कही जाये वो लोगों तक सरलता से पहुँच जाये ये ही लक्ष्य रखिये. वर्ना किताबों में बंद पन्ने की तरह रह जायेंगे. लिखते रहिये सब ठीक हो जायेगा. ये मंच बहुत उपयोगी है. यहाँ गुनिजन सप्रेम सुझाव देते हैं . मैं तो उनका ऋणी हूँ. बहुत सुन्दर भाव पूर्ण अभिव्यक्ति. बधाई.

गर मुझको मिटाने का वो रखता हे इरादा
हसरत भी फना होने को तय्यार खडा है.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service