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श्रद्धांजलि

हिन्दी का जग सूना सूना,कवि नीरज के जाने से

मर्माहत साहित्य जगत है, यह हीरा खो जाने से

भूल नहीं पाएंगे हम सब,नीरज की कविताओं को

गीतों में ढाला है जिसने,नित मदमस्त फिजाओं को ll

देदीप्यमान अम्बरादित्य, बिन काव्यजगत ये रीता है

नीरज अब नीर विलीन हुआ, मन भ्रमर गमों को पीता है

मुखरित होता था प्रेम रुदन,सौंदर्य वेदना गीतों में

इक रूह झंकरित होती थी, उनके हर संगीतों में ll

कविता कानन का मन मयूर, ढूंढ रहा अमराई को

जीवन तरुवर का विहग वृन्द, तरस रहा कविताई को

मिल गयी अमरता नीरज को, श्रध्दा सुमन चढ़ाते हैं

काव्यजगत के अमर कुंज को,अपना शीश झुकाते 

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on July 29, 2018 at 2:12pm

वाह वाह सुन्दर सरस श्रद्धा सुमन अर्पित किये हैं आपने परम आदरणीय नीरज जी को..

Comment by TEJ VEER SINGH on July 26, 2018 at 8:49pm

हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ छोटेलाल जी। सुंदर श्रद्धाँजली।

Comment by Samar kabeer on July 25, 2018 at 11:42am

जनाब डॉ.छोटेलाल सिंह जी आदाब,गीतों के बादशाह को अच्छे शब्दों में श्रद्धांजलि पेश की आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

Comment by babitagupta on July 24, 2018 at 7:06pm

सुंदर सटीक शब्दों में पंक्तियों द्वारा नीरज जी को श्रद्धांजलि,हार्दिक बधाई स्वीकार कीजियेगा आदरणीय सरजी।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on July 24, 2018 at 4:44pm

बेहतरीन श्रद्धांजलि, हार्दिक बधाई ।

Comment by Mohammed Arif on July 24, 2018 at 11:58am

आदरणीय छोटे लाल जी आदाब,

                गीत-ऋषि नीरज को श्रद्धांजलि स्वरूप प्रस्तुत बेहतरीन रचना । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

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