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Nita Kasar commented on babitagupta's blog post परिचय [लघु कथा ]
"रूढ़िवादी सोच पर प्रहार करती संदेशप्रद कथा के लिये बधाई आद० बबिता गुप्ता जी ।"
Mar 13
Sheikh Shahzad Usmani commented on babitagupta's blog post परिचय [लघु कथा ]
"आदाब। बहुत बढ़िया प्रस्तुति। हार्दिक बधाई आदरणीया बबीता गुप्ता साहिबा। सुझावों पर ग़ौर फ़रमाइयेगा।"
Mar 10
Nita Kasar commented on babitagupta's blog post तपस्या [लघु कथा ]
"संदेशप्रद कथा के लिये बधाई आद० बबिता गुप्ता जी ।धाराप्रवाह होने की वजह से लगता है कथा कहानी में परिणित हो गई है लगता है ।"
Mar 10
babitagupta commented on babitagupta's blog post तपस्या [लघु कथा ]
"आभार, आदरणीया नीलम दी,आदरणीय तेजवीर सरजी।"
Mar 7
babitagupta commented on babitagupta's blog post परिचय [लघु कथा ]
"आदरणीया नीलम दी,आदरणीय हरिओम सरजी,समर सरजी,तेजवीर सरजी,आप सभी का आभार ।बेहतरीन करने की कोशिस करूंगी ।"
Mar 7
Hariom Shrivastava commented on babitagupta's blog post परिचय [लघु कथा ]
"वाह,बहुत सुंदर कहानी। कहानी और छोटी रखने का प्रयास होना चाहिए। "
Mar 7
Samar kabeer commented on babitagupta's blog post परिचय [लघु कथा ]
"मुहतरमा बबीता गुप्ता जी आदाब,अच्छी लघुकथा हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
Mar 7
Neelam Upadhyaya commented on babitagupta's blog post तपस्या [लघु कथा ]
"अच्छी प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें आदरणीया बबिता गुप्ता जी। आदरणीय उस्मानी जी के विचार से मैं भी सहमत हूँ।"
Mar 6
Neelam Upadhyaya commented on babitagupta's blog post परिचय [लघु कथा ]
"आदरणीया बबिता गुप्ता जी, बहुत ही अच्छी लघुकथा की प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Mar 6
TEJ VEER SINGH commented on babitagupta's blog post तपस्या [लघु कथा ]
"हार्दिक बधाई आदरणीय बबिता गुप्ता जी।बेहतरीन लघुकथा।"
Mar 6
TEJ VEER SINGH commented on babitagupta's blog post परिचय [लघु कथा ]
"हार्दिक बधाई आदरणीय बबिता गुप्ता जी।बेहतरीन लघुकथा।"
Mar 6
babitagupta posted a blog post

परिचय [लघु कथा ]

परिचय मेला प्रांगण में आयोजित बारहवाँ साहित्य सम्मेलन में देशभर के साहित्यकारों का जमावड़ा लगा हुआ था,जिसमें माननीय राज्यपाल के करकमलों से पुस्तक का विमोचन किया जाना था. आगंतुकों में शहर के प्रतिष्ठित,मनोहर बाबू भी विशिष्ठजन की पंक्ति मंं विराजमान थे.शीघ्र ही मंच पर राज्यपाल की उपस्थित से सन्नाटा खिंच गया.औपचारिकताओं के पश्चात,जिस लेखक की किताब ‘मेरा परिचय’का अनुमोदन किया जाना था,उसे संबोधित कर मंच पर आने का आग्रह किया गया.तो सभी की उत्सुकता में एकटक निगाहें मंचासीन होने वाले के इंतजार मे ठहर…See More
Mar 5
babitagupta commented on babitagupta's blog post तपस्या [लघु कथा ]
"आभार सरजी।सहमत हूँ, सुधारात्मक प्रयास करूंगी ।"
Mar 5
Samar kabeer commented on babitagupta's blog post तपस्या [लघु कथा ]
"मुहतरमा बबीता गुप्ता जी आदाब,अच्छी लघुकथा लिखी,बधाई स्वीकार करें । जनाब उस्मानी जी से सहमत हूँ ।"
Mar 5
babitagupta commented on babitagupta's blog post तपस्या [लघु कथा ]
"जी सरजी।"
Mar 4
Sheikh Shahzad Usmani commented on babitagupta's blog post तपस्या [लघु कथा ]
"बहुत बढ़िया। हार्दिक बधाई आदरणीया बबीता गुप्ता जी।  लेकिन ज़रा कहानीनुमा हो गई है रचना।"
Mar 3

Profile Information

Gender
Female
City State
chhattisgarh
Native Place
Bilaspur
Profession
Retired teacher
About me
Simplicity

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At 7:30am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

Babitagupta's Blog

परिचय [लघु कथा ]

परिचय

मेला प्रांगण में आयोजित बारहवाँ साहित्य सम्मेलन में देशभर के साहित्यकारों का जमावड़ा लगा हुआ था,जिसमें माननीय राज्यपाल के करकमलों से पुस्तक का विमोचन किया जाना था.

आगंतुकों में शहर के प्रतिष्ठित,मनोहर बाबू भी विशिष्ठजन की पंक्ति मंं विराजमान थे.शीघ्र ही मंच पर राज्यपाल की उपस्थित से सन्नाटा खिंच गया.औपचारिकताओं के पश्चात,जिस लेखक की किताब ‘मेरा परिचय’का अनुमोदन किया जाना था,उसे संबोधित कर मंच पर आने का आग्रह किया गया.तो सभी की उत्सुकता में एकटक निगाहें मंचासीन होने वाले के…

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Posted on March 4, 2019 at 10:45pm — 7 Comments

तपस्या [लघु कथा ]

तपस्या     

राशि  को एकटक सास-श्वसुर की फोटो देख,रोमिल के झकझोरने पर,सपने से जागी,कहने लगी,‘मेरी तपस्या पूरी हुई.’

'मुझे पाकर,अब कौन-सी तपस्या?'प्रश्नभरी निगाहों से,देखकर बोला.

झेप गई,,फिर संभलते हुए बोली,'हां,लेकिन मम्मी-पापा की बहू,दिल से अपनाने की तपस्या.' 

सुनकर,खुशी में,हाथ पकड़कर बोला,'पर,तुम्हें.... कैसे..........?'

चेहरे पर बनते-बिगड़ते भावों से,लगा,जैसे उसे स्वर्ग मिल गया,‘आज तड़के सुबह,फोन पर मम्मी ने पहली बार बात…

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Posted on March 3, 2019 at 4:51pm — 8 Comments

प्यार का दंश या फर्ज

प्यार का दंश या फर्ज

तुलसीताई के स्वर्गवासी होने की खबर लगते ही,अड़ोसी-पड़ोसी,नाते-रिश्तेदारों का जमघट लग गया,सभी के शोकसंतप्त चेहरे म्रत्युशैय्या पर सोलह श्रंगार किए लाल साड़ी मे लिपटी,चेहरे ढका हुआ था,पास जाकर अंतिम विदाई दे रहे थे.तभी अर्थी को कंधा देने तुलसीताई के पति,गोपीचन्दसेठ का बढ़ा हाथ,उनके बेटों द्वारा रोकने पर सभी हतप्रद रह गए.पंडितजी के आग्रह करने पर भी,अपनी माँ की अंतिम इच्छा का मान रखते हुये, ना तो कंधा लगाने दिया,ना ही दाहसंस्कार में लकड़ी.यहाँ तक कि उनके चेहरे के अंतिम…

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Posted on February 26, 2019 at 4:24pm — 3 Comments

अनूठा इजहार [लघु कथा ]

अनूठा इजहार

नितिशा के बाबूजी के अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे थे,तभी अंदर से शांत मुद्रा में नितिशा की दादी,सरल चिरनिद्रा में लीन बाबूजी के पार्थवशरीर के समक्ष बैठी,हाथ मे पकड़े नए सफेद रूमाल से मुंह पौछा,फिर कान के पास जाकर जो कहा,सभी उन्हें विस्मयद्रष्टि से देखने लगे,वो सिर पर हाथ फेरते हुये कह रही थी- ‘तुम आराम से रहना,मेरी चिंता मत करना. रामायण की चौपाई सुनाई,फिर बाबूजी का मनपसंद गीत गया,और सूखीआँखें चली गई.पूरे तेरह दिन सरला अपने ही कमरे मे ही रही. गरूढ़पुराण में शामिल होने को कहते तो…

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Posted on February 22, 2019 at 3:33pm — 2 Comments

 
 
 

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