For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

क्षणिका - तूफ़ान ....

क्षणिका - तूफ़ान ....

शब्
सहर से
उलझ पड़ी
सबा
मुस्कुराने लगी
देख कर
चूड़ी के टुकड़ों से
झांकता
शब् की कतरनों में
उलझता
सुलझता
जज़्बात का
तूफ़ान

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 28

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on July 23, 2018 at 11:58am

आदरणीय   narendrasinh chauhan जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार।

Comment by narendrasinh chauhan on July 22, 2018 at 12:35pm
खुब सुन्दर रचना
Comment by Sushil Sarna on July 21, 2018 at 6:02pm

आदरणीय   Samar kabeerजी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार।

Comment by Sushil Sarna on July 21, 2018 at 6:01pm

आदरणीय  Shyam Narain Vermaजी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार।

Comment by Samar kabeer on July 20, 2018 at 11:37am

जनाब सुशील सरना जी आदाब,वाह बहुत ख़ूब, बहुत उम्दा क्षणिका हुई,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Shyam Narain Verma on July 19, 2018 at 3:52pm
अच्छी प्रस्तुति आदरणीय ,बधाई 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post जीवन के दोहे :
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,बहुत उम्दा दोहे रचे आपने, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । जनाब अशोक…"
25 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (तोड़ते भी नहीं यारी को निभाते भी नहीं)
"जनाब बसंत कुमार साहिब   , ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया…"
33 minutes ago
Mohammed Arif commented on Chandresh Kumar Chhatlani's blog post भटकना बेहतर (लघुकथा)
"आदरणीय चंद्रेश छतलानी जी आदाब,                  …"
1 hour ago
बसंत कुमार शर्मा commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (तोड़ते भी नहीं यारी को निभाते भी नहीं)
"वाह क्या कहने, लाजबाब अशआर आपके आनंद आ गया आदरणीय "
1 hour ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नवगीत- लोकतंत्र
" आदरणीया KALPANA BHATT ('रौनक़') जी बहुत बहुत धन्यवाद आपका "
1 hour ago
नवीन श्रोत्रिय उत्कर्ष added a discussion to the group धार्मिक साहित्य
Thumbnail

भजन : रट लै रट लै हरि कौ नाम ,प्राणी भव तर जायगौ

रट लै रट लै हरी कौ नाम, प्राणी भव तर जायेगौरे प्राणी भव तर जायेगो, तेरो जनम सुधर जायेगौरट लै रट लै…See More
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post जीवन के दोहे :
"आ. भाई सुशील जी, जीवन से सम्बद्ध सुंदर दोहे हुये हैं ।हार्दिक बधाई ।"
5 hours ago
Chandresh Kumar Chhatlani posted a blog post

भटकना बेहतर (लघुकथा)

कितने ही सालों से भटकती उस रूह ने देखा कि लगभग नौ-दस साल की बच्ची की एक रूह पेड़ के पीछे छिपकर सिसक…See More
5 hours ago
नवीन श्रोत्रिय उत्कर्ष joined Admin's group
Thumbnail

धार्मिक साहित्य

इस ग्रुप मे धार्मिक साहित्य और धर्म से सम्बंधित बाते लिखी जा सकती है,See More
9 hours ago
Chandresh Kumar Chhatlani commented on Chandresh Kumar Chhatlani's blog post अस्वीकृत मृत्यु (लघुकथा)
"बहुत-बहुत आभार आदरणीया नीता कसार जी "
11 hours ago
Chandresh Kumar Chhatlani commented on Chandresh Kumar Chhatlani's blog post खोटा सिक्का (लघुकथा)
"रचना के मर्म तक जाकर समीक्षात्मक मार्गदर्शन देती टिप्पणी हेतु सादर आभार आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी…"
11 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post घूंघट - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीलम उपाध्याय जी।"
13 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service