For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

परिँदे बोलते नहीँ हैँ, लेकिन महसूस तो करते ही हैँ। इन्सान कुछ कहना चाहे तो उसके पास जुबान है किन्तु इन के पास नहीँ हैँ।इस गर्मी मे इन पंक्षीयो का प्यास से बुरा हाल हो रहा हैं। हमने तो धीरे-धीरे इनका प्राकृतिक जल स्रोत नष्ट कर दिया। ये बेचारे प्यास से मर रहे हैँ। आइये हम और आप मिलकर इनके लिये अपने छत पे, बालकनी मे, अहाते मे इनके लिए दाना-पानी रखे।इसमे अपना क्या जाता है। कवी जी ने सही लिखा है-
राम जी के चिरइ, राम जी के खेत।
खा ले चिरइ भर-भर पेट।।

Views: 474

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Rana Pratap Singh on September 6, 2010 at 6:47pm
गुरुनानक जी ने कहा था
राम दी चिड़िया राम दा खेत
चक्कों चिड़िया भर भर पेट|
Comment by Raju on March 30, 2010 at 8:59pm
Mahesh jee bahut badhiya PAHAL kiya hai aapne........
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on March 30, 2010 at 9:21am
bahut badhiay tarah se likha hai aapne mahesh jee......
chiriyo ka chahchana subah me to acchha lagta hi hai aur uske alawa bhi har samay acchah lagta hai.......
bahut badhiay pahal; hai mahesh jee
aisehi likhte rahiye...
aage bhi aapki isi tarah ki rachna ka intezaar rahega....

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on March 30, 2010 at 8:32am
हमारे आस पास शांत बातावरण मे चिडियों का चहचहाना मन को बहुत ही सुकून देने वाला होता है, इन्हे बचाना हमारा कर्त्तव्य है, आखिर ये पक्षी भी तो हमारे प्रकृति के अंग ही तो है, तो आइये महेश जी के इस पहल को हम सभी आगे बढ़ाये ....
Comment by Admin on March 30, 2010 at 8:27am
महेश जी, आपने बहुत ही बढ़िया तरीके से एक पहल के तरफ हम सब का ध्यान आक्रिस्ट कराया है, पशु पक्षी, पेड़ पौधों को बचा कर ही जीवन को बचाया जा सकता है तथा अपने परिश्थितिकी को बनाया रखा जा सकता है बहुत बहुत धन्यबाद इस पोस्ट के लिये .

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Thursday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service