For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सरकार भइल हिजड़ा,नेता भइले दलाल।
रोअता कानून देश भइले बेहाल।।
ऊपर से लेके निचे तक सबकर बा आपस मे मेल। दलाली देला के बल पर कुछु करत रह खेल।। सरकार बनावे खातिर नक्सलियनो से हो जाई मेल।
भलही रोजे नक्सली जनता के निकाले तेल।। नक्सलियन के गोली से 76 गो जवान के साँस रुठ गईल।
तवनो पर कहेले चिदंबरम कि सुरक्षा बल से हि भूल हो गईल।।
दलाली खइहे ताबुत के, कांड करीहे हवाला।
तबो इ कहिये कि हम हई कानून के रखवाला।। विदेशी त विदेशी जब देशीये करता जनता के हलाल।
कहा जायी जनता आ केकरा से करी सवाल।।
सरकार भइल हिजड़ा, नेता भइले दलाल।
रोअता जनता "जी" भइले बेहाल।।

Views: 408

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Admin on April 8, 2010 at 10:40am
कहा जायी जनता आ केकरा से करी सवाल।।
सरकार भइल हिजड़ा, नेता भइले दलाल।
आज कल के हालात पर बिलकुल सटीक रचना, और काफी खुबसूरत रचना यह है, और हा पहले से अब आप बहुत ही बढ़िया लिख रहे है, धन्यबाद ,

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on April 7, 2010 at 11:34pm
सरकार बनावे खातिर,
नक्सलियनो से हो जाई मेल।
भलही रोजे नक्सली,
जनता के निकाले तेल।।
नक्सलियन के गोली से,
76 गो जवान के साँस रुठ गईल।
तवनो पर कहेले चिदंबरम,
कि सुरक्षा बल से हि भूल हो गईल।।
बेहतरीन कविता लिखले बाडS महेश,एह कविता के जोड़ नईखे , बहुत बढ़िया ई कविता लागल ,सही कहत बाड़S ए कुल नेतवन के खेल बा, बिना ईन्हनि के सरगम लिखले कवनो संगीत ना बाज सकेला,नक्सली समस्या के समाधान आज के समय मे बल पर्योग से ही हो सकेला, काहे से की ई समस्या अब नासूर बन गईल बा आ अब एकर ईलाज मलहम नईखे बल्कि चिर फाड़ ही करे के पड़ी
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on April 7, 2010 at 11:25pm
bahut badhiay mahesh bhai........ek aur zordaar rachna hamesha ki tarah.....sach puchiye to aapki rachna ka intezaar rahta hai.....................सरकार भइल हिजड़ा,नेता भइले दलाल।
रोअता कानून देश भइले बेहाल।
bahut badhiya aisehi likhat rahi...........

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Monday
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Jul 24

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service