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Mahesh Jee
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कन्या के लक्षण से जाने कन्या का व्यक्तित्व
10 Replies

1 - आँख से आँख मिलाकर बात करने वाली लड़की नियंत्रण से बाहर होती हैँ। 2 - गर्दन ऊँची करके बात करने वाली कन्या घमण्डी होती हैँ। 3 - गर्दन नीची करके बात करने वाली कन्या बहुत शर्मीली होती हैँ। 4 - धीमे…Continue

Started this discussion. Last reply by abha sinha May 24, 2010.

 

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Ballia
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Govt Job
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I am simple .

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"मजदूर"(१ मई मजदूर दिवस पर विशेष)

देह के चमड़ी धुप मे जलावेला,

खून के पसीना बनाके बहावेला,

रुखा सूखा खाके पेट के आग बुझावेला,

सुते खातीर धरती के बिछवना,

अकाश के ओढ़ना बनावेला,

लोग उनका सम्मान मे,

मजदूर दिवस मनावेला ।



सूई से लेके जहाज ले,

सब कुछ मजदूर बनावेला,

ओकरा बादो उनकर नाम,

कबो सामने ना आवेला,

सृजन करीहे मजदूर,

अफसर काटेले फिता,

फिर भी मजदूर आपन,

सेवा हम सब के देता।



सेठ जी जबरन काम करावेले,

मजदूरी मांगे पर डंडा देखावेले,

बंधुवा… Continue

Posted on April 30, 2010 at 10:00pm — 5 Comments

अइसन होले नेता

आईल जब चुनाव त नेता जी दिहले दिखाई ।

हाथ जोड़ के सबसे कहले वोट हमरे के दिहजा भाई।। दिन मे हाथ जोड़ पाव पड़ सबसे वोट मंगीहे भाई। राती मे घरे घरे नोट , दारु के गंगा दिहे बहाई।।

करिहे वादा कि बिजली हैन्डपम्प घरे घरे देब लगवाई।

सड़क नाली स्कूल तलाब नहर सब कुछ देब बनवाई।।

आप सब मिल के हमके सांसद दिही बनाई।

सब कर मनरेगा मे काम देब लगवाई।।

अगर बन जाइब मंत्री त अफसर लोग के दिमाग देब ठिक कराई।

आप सब के अन्नपुर्णा योजना के कार्ड घरे घरे देब पहुचाई।।

दारु गुन्डागर्दी के… Continue

Posted on April 17, 2010 at 11:41pm — 4 Comments

जाने एक पहाड़ी को

आप अब तक ये जानते है कि किसी ढलान पर कार को न्यूट्रल मे कर दे तो वह निचे की तरफ लुढकने लगती है। लेकिन फ्लोरिडा के लेक वेल्स का स्पूक हिल इलाका अपने आप मे एक अजुबा है जहा पर फिजिक्स के नियमो के विपरीत काम होता हैं। ग्रेविटेशनल ला के हिसाब से कोई भी वस्तु ऊपर से नीचे की तरफ आती है। पर स्पूक हिल पे वस्तु नीचे से ऊपर कि तरफ जाती हैं। यहां आकर लोग पहाड़ी के निचे अपनी कार खड़ी कर देते हैँ। कुछ ही पल मे कार अपने आप पहाड़ी पर चढ़ने लगती हैँ। यहा ऐसा कुछ भी नही दिखता जिससे पता चले कि कोई अज्ञात ताकत कारो को… Continue

Posted on April 15, 2010 at 3:32pm — 4 Comments

आँसू

केहू के प्यार के एहसास बा आँसू। केहू के खुशी के अरमान बा आँसू । केहू के जिनगी के फरमान बा आँसू। केहू के याद के अन्जाम बा आँसू। केहू के आँख के अल्फाज बा आँसू। केहू के जुदाई के दर्द जान बा आँसू। केहू के बेवफाई के इल्जाम बा आँसू। केहू के बुझल दिल के जुबान बा आँसू। केहू के मौत के पैगाम बा आँसू। केहू के विदाई के रस्म रिवाज बा आँसू। केहू से मिलल प्यार के दर्द जवाब बा आँसू। जी के जिनगी के हिसाब बा आँसू।

Posted on April 12, 2010 at 11:53pm — 1 Comment

Comment Wall (5 comments)

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At 7:22am on April 19, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 4:49pm on March 27, 2010, Rash Bihari Ravi said…
sawagat ba raur
At 12:30pm on March 27, 2010, Admin said…

At 12:29pm on March 27, 2010, Admin said…

At 11:09am on March 27, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…

 
 
 

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