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धुम्रपान
स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है
इससे कैंसर होता है
सभी जान गए हैं
मगर
क्या बीड़ी सिगरेट की फैक्ट्रियाँ
देश के लिए
दर्द निवारक हैं?
शराब का अधिक सेवन
स्वास्थ्य के लिए
हानिकारक है
इससे लीवर खराब होता है
सभी मान गए हैं
मगर
क्या मधुशालाएं
और शराब के कारखाने
देश के तारणहार हैं?
शायद
इनके बिना काम
नहीं चल सकता।
और भी बहुत सी
नशीली दवाएं व मादक
क्या केवल
टैक्स कमाने के लिए हैं?
आम जनता
मर रही है।
घर बर्बाद हो रहे हैं।
सरकारें टैक्स इकट्ठा कर रही हैं।
क्या मादक पदार्थों की
बन्दी की बजाय
उनकी फैक्टरियों को
बन्द नहीं किया जा सकता?
क्यों?
आखिर क्यों?
अगर ताला लग गया
उन कारखानों पर
आमदनी बंद हो जाएगी
भूखे मर जाएंगे
बेचारे वो लोग
जो केवल कानून तो बनाते हैं
नशाबंदी का ढोंग भी करते हैं
मगर
जहर घोलते हैं
आम जन की जिन्दगी में
जहर पिलाते हैं
भोली-भाली जनता को
मादक पदार्थों के जरिये।
क्यों बन्द नहीं होती फैक्ट्रियाँ?
आम जन पूछ रहा है।
जन-जन पूछ रहा है।
शायद
जवाब किसी के पास
नहीं है।

मौलिक व अप्रकाशित

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Comment

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Comment by सुरेश कुमार 'कल्याण' on December 4, 2016 at 9:24am
आदरणीया राजेश कुमारी जी रचना को अपना कीमती समय व सम्मान देने के लिए हार्दिक आभार।सादर।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on December 3, 2016 at 5:06pm

आद० सुरेश कुमार जी ,अच्छी कटाक्षपूर्ण प्रस्तुति बहुत बहुत बधाई 

Comment by सुरेश कुमार 'कल्याण' on December 3, 2016 at 3:08pm
आदरणीय डाॅ सुरेन्द्र कुमार वर्मा जी रचना को समय व सम्मान देने के लिए हार्दिक आभार।सादर।
Comment by सुरेश कुमार 'कल्याण' on December 3, 2016 at 3:06pm
आदरणीय सुरेन्द्र नाथ कुशक्षत्रप जी रचना प्रशंसा के लिए हार्दिक आभार।सादर।
Comment by डा॰ सुरेन्द्र कुमार वर्मा on December 3, 2016 at 1:43pm

प्रिय सुरेश 'कल्याण' जी,

इतना भी सच न बोलें इस साफगोई से, आपका हो न हो, सारा तंत्र 'कल्याणकारी' ही मानता है खुद को.. ढोंग हो न हो पर नशाबंदी के अलावा 'नोटबंदी' भी काला धन रोकेगी... दुकानें पीढ़ियों को शिक्षित कर रही हैं...डायन महंगाई पर लोकतंत्र का मन्त्र काम कर रहा है, रात के बाद ही दिन आता है, बुरे दिनों के बाद ही अच्छे दिन आएँगे और हम होंगे कामयाब..पूरा है विश्वास..जय हिन्द!

(बधाई तो मान ही लीजिये...देने से ही थोड़े बनती है..रचना अपने आप में स्वयं ही आपकी बधाई है भाई!)

Comment by नाथ सोनांचली on December 3, 2016 at 3:42am
आदरणीय सुरेश कुमार जी सादर अभिवादन, अच्छा व्यंगात्मक और समाज तथा सरकार पर तंज कसती उत्तम रचना। बधाई निवेदित हैं।
Comment by सुरेश कुमार 'कल्याण' on December 2, 2016 at 8:29pm
आदरणीय विजय निकोरे जी सादर आभार।
Comment by सुरेश कुमार 'कल्याण' on December 2, 2016 at 8:28pm
आदरणीय लक्ष्मण रामानुज जी हार्दिक आभार।
Comment by vijay nikore on December 2, 2016 at 3:35pm

बहुत ही खूबसूरत तंज। बधाई।

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on December 2, 2016 at 1:35pm

नशा बंदी पर धुम्रपान और शराब का नशा हानिकारक है किन्तु सता के लिए उस पर लगे कारभार से अधिक धन कमाने का जरिया | इसे  कविता के बजाय आलेख के रूप में आप और प्रभावी रूप से अपने भावनाओं का इजहार कर सकते थे | प्रस्तुति के लिए बधाई 

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