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"देश प्रेम" लघुकथा

कमांडर ऑफ़ चीफ़ - "शाबाश राकेश ! तुम्हारा शौर्य पराक्रम अन्य सैनिकों से अलग है । तुम्हारे शौर्य और पराक्रम में जोश है,दीवानगी है,आक्रोश है । वेल डन ।"
राकेश राणा - "यस सर । देश प्रेम मेरा परम धर्म है । देखना एक दिन मैं इस धर्म को निभाकर दिखाऊँगा । माँ को यही वचन देकर आया हूँ ।"
सीमा पर से गोली बारी शुरू हुई और देखते ही देखते युद्ध छिड़ गया । राकेश राणा अंत समय तक लड़ते लड़ते वीर गति को प्राप्त हो गया ।
तिरंगे में लिपटा ताबूत जैसे ही गाँव पहुँचा ,जन सैलाब उमड़ पड़ा । राकेश राणा की माँ शारदा देवी राणा चीख़ चीख़ कर यही कह रहीं थी कि "आज मेरे बेटे ने देश प्रेम का धर्म शहीद होकर निभाया है । मैं भी अपना धर्म निभाऊँगी । अपने बेटे को ख़ुद मुखाग्नि दूँगी ।" सारे गाँव वाले हतप्रभ थे ।

"समर कबीर"
मौलिक/अप्रकाशित

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 12, 2016 at 10:35am

आदरणीय समर भाई , सबसे पहले तो आपको बधाई , आप हर विधा मे कलम चला रहे हैं इस लिये ! देश प्रेम से ओतप्रोत आपकी कथा के लिये आपको हार्दिक बधाइयाँ ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 11, 2016 at 10:52pm

देश भक्ति से ओतप्रोत लघु कथा जाँ बाज बेटे की जाँ बाज माँ ..पंच्च लाइन सिहरन पैदा कर गई |बहुत बहुत मुबारकबाद भाई जी लघु कथाओं में भी कमाल कर रहे हैं आप |

Comment by Samar kabeer on July 11, 2016 at 10:24am
आली जनाब डॉ.विजय शंकर साहिब आदाब,रचना आपको पसन्द आई मेरा लिखना सार्थक हुआ,सराहना के लिये आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।
Comment by Samar kabeer on July 11, 2016 at 10:21am
जनाब शैख़ साहिब,इन्तिज़ार रहेगा,शुक्रिया ।
Comment by Dr. Vijai Shanker on July 11, 2016 at 7:27am
आदरणीय समर कबीर साहब , नमस्कार , प्रेरक लघु-कथा , माँ और पुत्र दोनों के पक्ष से , बधाई , सादर।
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on July 10, 2016 at 11:49pm
मोहतरम जनाब समर कबीर साहब पुनः पढ़कर शीघ्र ही चर्चा कर सकते हैं।
Comment by Samar kabeer on July 10, 2016 at 11:22pm
मोहतरमा नीता जी आदाब,रचना की सराहना हेतु आपका बहुत बहुत आभार ।
Comment by Samar kabeer on July 10, 2016 at 11:19pm
मोहतरमा राहिला जी आदाब,रचना की सराहना हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।
Comment by Samar kabeer on July 10, 2016 at 11:18pm
जनाब तस्दीक़ अहमद जी आदाब,रचना की सराहना हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।
Comment by Samar kabeer on July 10, 2016 at 11:17pm
जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब,रचना की सराहना हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद,निवेदन है कि अगर मेरी इस लघुकथा में आपको हलकी सी भी कमी नज़र आई हो तो मुझे ज़रूर बताऐं ।

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