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मुलाकात......

आजकल ग़मों में भी
बरसात कहाँ हो पाती है
सब से हो जाती है
पर खुद से बात कहाँ हो पाती है
फुर्सत ही नहीं इस तेज रफ्तार
जिन्दगी की राहों में
कि रुक कर

खुद से चंद लम्हे बात करें
कोई नहीं होता
जब रात के अँधेरे में
कैद से रिहा होते
अँधेरे से सवेरे में
बावजूद अकेला होने के
पलक कहाँ सो पाती है
दिल के निहाँखाने से
कहाँ ख़ुद की रिहाई हो पाती है
धीरे धीरे ज़िंदगी
कहीं गर्द में खो जाती है
बंद होते ही सांस के
ख़ुदा से तो बात हो जाती है
पर लाख कोशिशों के बाद भी
जीते जी

कहाँ खुद से
मुलाकात हो पाती है


सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Sushil Sarna on June 6, 2015 at 11:05am

आदरणीय   maharshi tripathi- रचना पर आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया का हार्दिक आभार। 

Comment by Sushil Sarna on June 6, 2015 at 11:04am

आदरणीय  Mohan Sethi 'इंतज़ार' - रचना पर आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया का हार्दिक आभार। 

Comment by maharshi tripathi on June 5, 2015 at 7:47pm

कहीं गर्द में खो जाती है
बंद होते ही सांस के 
ख़ुदा से तो बात हो जाती है 
पर लाख कोशिशों के बाद भी
जीते जी

कहाँ खुद से 
मुलाकात हो पाती है,,,,,,वाह ! उम्दा पंक्तियाँ आ. Sushil Sarna जी ,,,आपको सादर बधाई |

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on June 5, 2015 at 4:24pm

आदरणीय सुशील जी क्या सुंदर लिखा है ...

ख़ुदा से तो बात हो जाती है पर लाख कोशिशों के बाद भी
जीते जी कहाँ खुद से मुलाकात हो पाती है...

Comment by Sushil Sarna on June 5, 2015 at 2:31pm

आदरणीय डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव - रचना पर आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया का हार्दिक आभार। 

Comment by Sushil Sarna on June 5, 2015 at 2:30pm

आदरणीय krishna mishra 'jaan'gorakhpuri - रचना पर आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया का हार्दिक आभार। 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on June 5, 2015 at 12:32pm

बढ़िया है सरना जी , सादर .

Comment by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri on June 5, 2015 at 12:06pm

सुंदर रचना हुयी है आदरणीय सुशील जी हार्दिक बधाई!

Comment by Sushil Sarna on June 5, 2015 at 12:02pm

आदरणीय समर कबीर जी,आदाब - रचना पर आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया का हार्दिक आभार। 

Comment by Samar kabeer on June 4, 2015 at 11:02pm
जनाब सुशील सरना जी,आदाब,दिल का दर्द रचना में बोल रहा है ,सुन्दर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।

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