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सत्य की लम्बी उमर हो - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

2122     2122

***************
पाप   का  अवसान  मागूँ
पुण्य  का  उत्थान   मागूँ
**
सत्य  की  लम्बी उमर हो
झूठ  को  विषपान   मागूँ
**
व्यर्थ   है  आकाश  होना
सिर्फ  लधु  पहचान  मागूँ
**
राजपथ  की   राह   नीरस
पथ  सदा  अनजान  मागूँ
**
स्वर्ण   देने   की  न  सोचो
मैं तो  बस  खलिहान मागूँ
**
कोयलों   का   वंश   फूले
आज  यह  वरदान   मागूँ
**
साथ ही पर  काक के हित
इक  मधुर  सा गान मागूँ
**
मिल गए  नवरात  मुझको
उसके हित  रमजान  मागूँ
**
भूल  निश्चित  मानवों  से
इसलिए    अवदान   मागूँ
**
मौलिक और अप्रकाशित

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Comment

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Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 24, 2015 at 11:41am


आ0 भाई गुमनाम जी , लम्बे समय बाद आपकी उपस्थिति से मन प्रसन्न हुआ । उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 24, 2015 at 11:40am

आ0 भाई महर्षी जी , गजल की प्रशंसा कर उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 24, 2015 at 11:40am

आ0 भाई गिरिराज जी , आपकी उपस्थिति भर से कुछ नया और बेहतर लिखने का नया उत्साह पैदा हो जाता है । उपस्थिति बनाते हुए मार्गदर्शन करते रहें ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 24, 2015 at 11:40am

आ0 भाई सत्यनारायण जी, भावपूर्ण प्रशंसा के लिए कोटि कोटि धन्यवाद ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 24, 2015 at 11:40am

 
आ0 भाई गोपाल नारणन जी , आपकी उपस्थिति से गजल का मान बढ़ा । हार्दिक धन्यवाद ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 24, 2015 at 11:39am

आ0 भाई नीरज मिश्रा जी, गजल की सराहना और अनुमोदन के लिए हार्दिक आभार ।

Comment by Dr. Vijai Shanker on February 24, 2015 at 1:24am
व्यर्थ है आकाश होना
सिर्फ लघु पहचान मागूँ
बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, सादर।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on February 24, 2015 at 12:43am

बहुत सुन्दर ग़ज़ल....बधाई 

Comment by Hari Prakash Dubey on February 23, 2015 at 11:10pm

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, गज़ब ,  संपूर्ण रचना ही सुन्दर है , बधाई आपको ! सादर

Comment by Samar kabeer on February 23, 2015 at 10:57pm
जनाब लक्ष्मण धामी जी,आदाब,छोटी बह्र में बहुत ख़ूब ग़ज़ल कही है,मेरी दुआ है कि आपने जो जो माँगा है सब आपको मिल जाए,मुबारकबाद क़ुबूल फ़रमाऐं |

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