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मेरे शहर का मौसम !

============
बूँद बरखा 
हरियाला मौसम 
सजा के रखा 
****
आँख झपकी 
घनघोर घटायें 
बूँद टपकी 
****
झूमते पत्ते 
नाचते तरुवर 
घनों के छत्ते 
****
रसिक मन 
भीगने को आतुर 
तन -बदन 
========
@अविनाश बागडे 

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Comment

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on August 6, 2014 at 8:21pm

बहुत खूबसूरत मौसम है आपके शहर का मेरे शहर का तो फिर से डरा रहा है :))))

सुन्दर हाइकु लिखे हैं आपने बधाई आपको अविनाश जी 

Comment by AVINASH S BAGDE on August 6, 2014 at 1:12am

 

बहुत बहुत शुक्रिया डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव जी 
Comment by AVINASH S BAGDE on August 6, 2014 at 1:11am

आदरणीया Umashanker Mishra जी ,बहुत बहुत आभार आपका 

Comment by AVINASH S BAGDE on August 6, 2014 at 1:10am

 

आदरणीय सौरभ पांडे सर ,आपकी हौसला अफज़ाई सर आँखों पर /साधुवाद 
Comment by AVINASH S BAGDE on August 6, 2014 at 1:10am

आदरणीया मीना पाठक जी ,बहुत बहुत आभार आपका 

Comment by UMASHANKER MISHRA on August 5, 2014 at 10:46pm

प्रिय बागडे जी नमस्कार 

सभी हाइकु बेहतरीन है 

प्रत्येक हाइकु दृश्य पैदा  कर रहे हैं  सादर बधाई   

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on August 5, 2014 at 8:43pm

बागडे जी  i

पूरी तरह शिल्प से न्याय करती  i भाव संपदा भी i  क्या बात है ?


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 5, 2014 at 7:30pm

प्रत्येक हाइकु उत्कृष्ट है आदरणीय अविनाश भाई.

सादर धन्यवाद.. .

Comment by Meena Pathak on August 5, 2014 at 5:12pm

बहुत सुन्दर हाइकू ..सादर बधाई 

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