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2122 1221 2212
चोट खाते रहे मुस्‍कुराते रहे
प्‍यार के फूल हम तो खिलाते रहे
अब भरोसा नहीं जिन्‍दगी का हमे
दर्द सह कर उसे हम मनाते रहे
जिन्‍दगी प्‍यार उनको सिखाती रही
और वो जिन्‍दगी को भुलाते रहे
साथ वो चल दिये है किसी गैर के
प्रीत की रीत हम तो निभाते रहे
आज की रात हम मर न जाये कही
पास अपने उसे हम बुलाते रहे
बात जब है चली बेवफाई की तो
बेवफा कह हमे वह बुलाते रहे
बात उनकी करे ना करे हम मगर
याद मे उन की आँसू बहाते रहे

 
मौलिक एवं अप्रकाशित अखंड गहमरी

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Comment by Akhand Gahmari on June 2, 2014 at 11:04am

उत्‍साहवर्धन एवं मागर्दशन के हम सदैव आकांक्षी है प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीय सौरभ पांडे जी 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on May 23, 2014 at 11:35pm

बात उनकी करे ना करे हम मगर
याद मे उन की आँसू बहाते रहे... वाह !

भाईजी, बह्र साधने का सुन्दर प्रयास हुआ है. आप बहुत मेहनत कर रहे हैं.. यह प्रशंसनीय है.

शुभेच्छाएँ

Comment by Akhand Gahmari on May 23, 2014 at 9:35pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीय गिरिराज भंडारी  जी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on May 23, 2014 at 9:26pm

आदरणीय अखण्ड भाई , सुन्दर ग़ज़ल कही है , बधाइयाँ स्वीकार करें ॥

Comment by Akhand Gahmari on May 23, 2014 at 7:00pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीय डाक्‍टर आशुतोष मिश्रा जी

Comment by Dr Ashutosh Mishra on May 23, 2014 at 5:15pm

आदरणीय अखंड जी ..प्रेम में पगी इस शानदार ग़ज़ल के माध्यम से एक सच्चे आशिक के चरित को बखूबी उभारा है आपने ..मेरी तरफ से तहे दिल बधाई सादर 

Comment by Akhand Gahmari on May 21, 2014 at 12:07pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीया coontee mukerji जी

Comment by Akhand Gahmari on May 21, 2014 at 12:07pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीया Meena Pathak जी

Comment by Akhand Gahmari on May 21, 2014 at 12:06pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीय Madan Mohan saxena जी

Comment by Akhand Gahmari on May 21, 2014 at 12:06pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीयShyam Narain Verma जी

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