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रूठो न दिलदार कि होली आई है- होली गीत-सलीम रज़ा

रूठो न दिलदार कि होली आई है
झूम उठा संसार कि होली आई है
-
साजन हैं परदेस न भाए रंग-अबीर 
गोरी के आँखों से बहता झर-झर नीर
ख़त में साजन को ये लिखकर भेजा है 
तुम बिन नहीं क़रार कि होली आई है
-
होली के दिन बदला हर रुख़सार लगे 
रंग-बिरंगा होली का श्रंगार लगे
पिए भांग हैं मस्त फाग की टोली में 
बरसे रंग-फुहार कि होली आई है
-
होली के दिन बड़ों का आशीर्वाद रहे 
छोटो के संग होली का पल याद रहे
हर मज़हब के लोग खुशी मे खोए हैं 
रंगो का त्यौहार कि होली आई है
_________________________
"मौलिक व अप्रकाशित"

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Comment by Samar kabeer on March 2, 2018 at 10:08pm

जनाब असरार धारवी साहिब आदाब,ओबीओ मंच पर आपका स्वागत है ।

इस मंच पर देवनागरी में लिखने की परम्परा है, कृपया अपनी प्रतिक्रया रोमन लिपि में न दें,और अपनी मैयारी ग़ज़लों से भी मंच को नवाज़ें,धन्यवाद ।

Comment by ASRAR DHARVI on March 2, 2018 at 8:17pm
JANAB SALIM RAZA SAHIB .
BAHUT HI KHOOBSURAT HOLI GEET HUA HAI .,.MUBARAQBAD QUBOOL KAREN .
Comment by SALIM RAZA REWA on March 2, 2018 at 4:03pm
आदरणीय हर्ष महाजन जी,
गीत पसंद करने के लिए शुक्रिया.
Comment by SALIM RAZA REWA on March 2, 2018 at 4:01pm
जनाबे मोहतरम तस्दीक़ साहब ।
आपकी दुआएँ सलामत रहे।
आपकी महब्बत के लिए शुक्रिया.
Comment by SALIM RAZA REWA on March 2, 2018 at 3:58pm
आदरणीय तेजवीर सिंह जी,
आपकी महब्बत के लिए शुक्रिया.
Comment by SALIM RAZA REWA on March 2, 2018 at 3:57pm

आली जनाब समर साहब, 

आप की दुआयों के लिए बहुत बहुत शुक्रिया. अल्लाह आपको सेहतमंद rakh

Comment by Harash Mahajan on March 2, 2018 at 1:17pm

होली के उपलक्ष्य में पेश करदा रचना के लिए हार्दिक बधाई  आदरणीय रज़ा साहब ।

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on March 2, 2018 at 12:33pm

जनाब सलीम रज़ा साहिब , बहुत ही सुन्दर होली गीत हुआ है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं।

Comment by TEJ VEER SINGH on March 2, 2018 at 12:09pm

हार्दिक बधाई आदरणीय सलीम रज़ा रीवा साहब ई। बहुत बढ़िया गीत।

Comment by Samar kabeer on March 2, 2018 at 10:55am

जनाब सलीम रज़ा साहिब आदाब,होली पर बहुत सुंदर गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

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