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रसिया- - आज होली मनाओ रे रसिया

रसिया       

आज होली मनाओ रे रसिया

रंग में भीग जाओ रे रसिया  

दिल से दिल को मिलाओ रे रसिया 

दुश्मनी भूल जाओ रे रसिया.

 आज होली मनाओ रे रसिया........

मस्तों की रंग - भंग है टोली 

नैनों से मारे रंगों की गोली 

छोड शर्मो हया मेरे हमजोली 

आओ खेलेंगे मिल के हम होली...

दोस्तों को मिलाओ रे रसिया ..

प्यार दिल से जगाओ रे रसिया..

आज होली मनाओ रे रसिया..

रंग में भीग जाओ रे रसिया.......

डांस करके दिखाओ रे रसिया

लटके-झटके दिखाओ रे रसिया

नैंनों के तीरों से जो पकडा है, 

दूर हटके दिखाओ रे रसिया....

आज होली मनाओ रे रसिया..

रंग में भीग जाओ रे रसिया....

एक पल साथ आओ रे रसिया 

दूरियों को मिटाओ रे रसिया 

दुनियां को भूल जाओ रे रसिया 

रंग ऐसा उडाओ रे रसिया  

आज होली मनाओ रे रसिया  

रंग में भीग जाओ रे रसिया.....

कोई छोटा - बडा नहीं होता

हम सही होते कोई न रोता

हमसफ़र मुफ़्लिसों के बन जाओ,

सबसे पहले खुद को समझाओ 

मुफ़्लिसों को उठाओ रे रसिया..

आ गले से लगाओ रे रसिया...

आज होली मनाओ रे रसिया....

मौलिक व अप्रकाशित गीत

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Comment

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Comment by सूबे सिंह सुजान on March 10, 2014 at 11:09pm

Meena Pathak, जी आपका स्वागत है । बहुत बहुत धन्यवाद। आपकी टिप्पणी पर

Comment by Meena Pathak on March 10, 2014 at 10:53pm
Bahut sundar ... Badhai
Comment by सूबे सिंह सुजान on March 10, 2014 at 9:08pm

मनोज कुमार सिंह 'मयंक', जी हां रसिया का  प्रयोग अधिक तो है लेकिन मैंने रसिया को ही शीर्षक रखा है।

रसिया ही मुख्य आकर्षण है।

आपकी प्रतिक्रिया प्रकट की , आपका धन्यवाद।

Comment by सूबे सिंह सुजान on March 10, 2014 at 9:00pm

Shyam Narain Verma,जी, आपकी सहृदयता के लिये धन्यवाद ,

Comment by मनोज कुमार सिंह 'मयंक' on March 10, 2014 at 8:57pm

अच्छा है..शायद रसिया का ओवरडोज हो गया है..भाई..अभिव्यक्ति के स्तर पर बधाई हो..

Comment by Shyam Narain Verma on March 10, 2014 at 11:18am
बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय

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