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“एक पोता भी  नही दे सकी कलमुंही”  वार्ड में सास की आवाज़ गूँजी,

इतने में अंदर आते हुये डॉक्टर ने जब ये सुना तो कहा- “पति के शरीर में एक्स- वाई(X-Y) क्रोमोसोम्स होते हैं, पत्नि के शरीर में एक्स-एक्स(X-X) क्रोमोसोम्स होते हैं, पति का वाई(Y) क्रोमोसोम पत्नि के एक्स(X) क्रोमोसोम से मिलता है तो बेटा होता है, पति का एक्स(X) क्रोमोसोम पत्नि के एक्स(X) क्रोमोसोम से मिलता है तो बेटी होती है l

पता नही आपके क्या समझ में आया?  लेकिन इतना सच जान लीजिये आपको पोता नही मिला उसका पूरा दोष आपके बेटे का है।“

 

बहू की आँखें मानो पूछ रही थी- “ क्या अब आप अपने बेटे से बोल सकती हैं एक पोता भी नही दे सका.....................?”

 

-मौलिक व अप्रकाशित

 

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Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on December 25, 2013 at 11:04am

जब तक इन्सान अपनी  मानसिकता न बदल ले तब तक डाक्टर क्या, भगवान भी आ जाये तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा, बहुत अच्छी लघुकथा आदरणीय शिज्जू जी हार्दिक बधाई स्वीकारें

Comment by vandana on December 25, 2013 at 6:56am

मार्मिक किन्तु सत्य बयां करती रचना आदरणीय शिज्जू जी 

Comment by upasna siag on December 24, 2013 at 10:22pm

नहीं बोल सकती थी .... रिवाज़ ही नहीं है !

Comment by coontee mukerji on December 24, 2013 at 10:21pm

बहुत सुंदर व अच्छा संदेश दिये है शिज्जू जी. हार्दिक बधाई.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 24, 2013 at 6:58pm

आपका आभार आदरणीया अन्नपूर्णाजी 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 24, 2013 at 6:58pm

आदरणीय तपन जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 24, 2013 at 6:57pm

आदरणीय गणेश जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 24, 2013 at 6:57pm

आदरणीय योगराज सर आपका बहुत बहुत शुक्रिया,
मैंने बहुत कोशिश की लेकिन ये क्रोमोसोम के बारे में कैसे लिखूं समझ में ही नही आ रहा था इसलिये जो मैं जानता था जस का तस उतार दिया, आपका मार्ग दर्शन अपेक्षित है।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 24, 2013 at 6:51pm

आदरणीया मीना जी आपका आभार,


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 24, 2013 at 6:48pm

आपका बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय गिरिराज सर

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