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"क्या यह बात सच है कि कल तुम्हारी बेटी से बलात्कार किया गया ?"
"हाँ साहब, कल शाम खेतों से लौटते हुए मेरी बेटी की इज्ज़त लूटी गई !"
"क्या तुम जानते हो कि दोषी कौन है !?"
"मैं ही नही साहब, सारा गाँव जानता है उस पापी को जिसने मेरी बेटी को बर्बाद किया है !"
"मगर इतनी बड़ी बात होने के बावजूद भी तुमने थाने जाकर रिपोर्ट क्यों नहीं लिखवाई ?"
"क्योंकि मैं अपनी बेटी का सामूहिक बलात्कार नही चाहता था ! "

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Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on August 21, 2017 at 9:23pm

वाह | सामूहिक बलात्कार नहीं करवाना चाहता था , गज़ब का तंज़ | सादर नमन सर |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 3, 2015 at 8:02pm
नमन सर। कथा की कसावट गज़ब है।

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on May 21, 2012 at 11:48am

तह-ए-दिल से शुक्रिया आदरणीय सौरभ भाई जी..


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on May 21, 2012 at 11:47am

आभार महिमा जी 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 16, 2012 at 9:39pm

आदरणीय, अद्भुत कसावट के साथ उत्कृष्ट लघुकथा केलिये आपको सादर नमन.

Comment by MAHIMA SHREE on April 16, 2012 at 9:23pm
आदरणीय सर ,
ओह !! कितनी घिनोना है हमारा समाज का आचरण , इस छोटी सी कथा ने इसका मुखोटा निकाल दिया |
एक गरीब आदमी के औकात ही क्या है जो अपनी बेटी के लिये वयवस्था से लड़ सके, गहरा व्यंग जो तीर के तरह लगी
साधुवाद आपको सर
 
 
 

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on December 25, 2010 at 12:54pm
भास्कर भाई, भूल के लिए क्षमा चाहता हूँ ! आपने लघुकथा पसंद की और अपना कीमती वक़्त निकाल कर उस पर प्रतिक्रिया दी , इसके लिए दिल से आभारी हूँ आपका !
Comment by Bhasker Agrawal on December 25, 2010 at 12:32pm
में रह गया योगराज जी ;)

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on December 25, 2010 at 12:27pm
श्री रवि कुमार गुरु जी, भाई गणेश बागी जी, भाई शमशाद अंसारी जी, भाई नवीन चतुर्वेदी जी, भाई आशुतोष कुमार सिंह जी, भाई अरुण पाण्डेय अभिनव जी, भाई राकेश गुप्ता जी, सुश्री नीलम उपाध्याय जी, अनीता मौर्य जी, रंजना सिंह जी, लता ओझा जी, अलका तिवारी जी, एवं आदरणीय आचार्य संजीव सलिल जी - उत्साहवर्धक प्रतिक्रियाओं के लिए आप सब का दिल से आभार !
Comment by sanjiv verma 'salil' on December 25, 2010 at 12:04pm
मार्मिक... विचारणीय... पहलू को उद्घाटित किया है आपने.

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