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जामवंत ने याद दिलाया, सारी शक्ति पास बुलाया!

तुम हो धीर वीर बलवाना, तुम्हरे गुरू सूर्य भगवाना!!
पवन पुत्र तुम वेगि समाना, इन्द्रादि सब करे प्रनामा!
तुम्ह सागर को तालहि मानो, आप ही सकल बृह्महि जानो!1 बम बम..

काल कूट हर अमृत धारो, भूत प्रेत पटक कर मारो!
तुम हो अटल ज्ञान के राशी, दुष्ट दानव सबके गल फाॅसी!!
तुम हो सब संकट से पारा, सब गुन आगर करो विचारा!
लॅाघि करो तुम सागर पारा, जयति राम श्री राम पुकारा!!2 बम बम..

सुरसा मॅा को बहुत छकायो! लंकिनी को झट मार गिरायो!
विभीषण संग कियो विचारा, प्र्रभु कथा कहि नाम प्रचारा!!
जातुधान और अक्षय मारा, रावण धमका लंका जारा!
सीता मॅा को आश बॅधायो, लौटि कथा पुनि राम सुनायो!!3
बम बम बलवाना बम बम, बम बम बलवाना बम बम!
सत्यम/मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on March 26, 2013 at 6:06am

आदरणीय श्री राजेश कुमार झा,श्री योगी सारस्वत एव श्री बृजेश कुमार सिंह जी, आप सभी का बहुत बहुत हार्दिक आभार एवं धन्यवाद।

Comment by राजेश 'मृदु' on March 21, 2013 at 4:56pm

दंडक वन में सांवरे, मायाधर जगनाथ

विकल सिया को ढूंढते, अनुज लखन के साथ     सियावर रामचंद्र शंकर शरणम्

हार्दिक बधाई सुंदर चौपाई पर, सादर

Comment by Yogi Saraswat on March 21, 2013 at 10:52am

काल कूट हर अमृत धारो, भूत प्रेत पटक कर मारो!
तुम हो अटल ज्ञान के राशी, दुष्ट दानव सबके गल फाॅसी!!
तुम हो सब संकट से पारा, सब गुन आगर करो विचारा!
लॅाघि करो तुम सागर पारा, जयति राम श्री राम पुकारा!!2 बम बम..

sundar , jay bajrang bali

Comment by बृजेश नीरज on March 20, 2013 at 8:12pm

अप्रतिम! जय बजरंग बली! आभार!

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on March 19, 2013 at 7:17pm

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी, आपको चैपाइयां अच्छी लगी,  ‘जय बजरंग बली जी की‘। धन्यवाद एवं बहुत-बहुत आभार!

 

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on March 19, 2013 at 7:14pm

आदरणीय राम शरण पाठक जी, आपको चैपाइयां अच्छी लगी, मेरी मेहनत सफल हुई। धन्यवाद एवं बहुत-बहुत आभार!

Comment by ram shiromani pathak on March 19, 2013 at 1:53pm

आदरणीय केवल प्रसाद जी सुन्दर चौपाइयां प्रस्तुत की है बधाई स्वीकारें.

Comment by Ashok Kumar Raktale on March 19, 2013 at 12:43pm

आदरणीय केवल प्रसाद जी सुन्दर चौपाइयां प्रस्तुत की है बधाई स्वीकारें.

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