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सुगंध सुहानी आयेंगी  इस मोड़ के बाद 

यादें गाँव की लाएंगी  इस मोड़ के बाद 

जिस नीम पे झूला करता था बचपन मेरा 

वही डालियाँ बुलाएंगी इस मोड़ के बाद 

अब तक बसी हैं फसलें जो मेरी नज़रों में

देखो अभी लहरायेंगी इस मोड़ के बाद 

बिछुड़ गई थी दोस्ती जीवन की राहों में 

वो झप्पियाँ बरसाएंगी इस मोड़ के बाद 

नखरों से खाते थे जिन हाथों से निवाले 

वो अंगुलियाँ तरसायेंगी इस मोड़ के बाद 

मचल रही होंगी बड़ी भाभी और बहनिया 

बैग मेरा खुलवायेंगी इस मोड़ के बाद 

समझ  लेता था मैं जिनके मन की भाषाएँ 

वो गइयां पूंछ हिलाएंगी इस मोड़ के बाद 

देख के फौजी वर्दी  भर आयेंगी आँखें

माँ आँचल में छुपायेंगी  इस मोड़ के बाद 

मिलती हैं जो जाकर मेरे घर के द्वार से 

 पगडंडियाँ अब आयेंगी इस मोड़ के बाद

                     *********

 

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 19, 2012 at 8:08am

हार्दिक आभार मृदु जी आपकी सराहना और उत्साह वर्धन के लिए 

Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on July 18, 2012 at 11:17pm

क्या खूबसूरत भाव संजोये हैं आपने आदरणीया राजेशकुमारी जी इस कृति में आपने एक फौजी के विचारों को इतने सहज रूप में लिख दिया है आपको शत-शत नमन एवं हार्दिक बधाई


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 18, 2012 at 7:35pm

बहुत- बहुत हार्दिक बधाई प्राची जी रचना के आंतरिक भावों की सही नब्ज पकड़ी जो चित्र आपने पहचाना वही है  पहली बार फौजी वर्दी पहनकर किसी का लाडला गाँव वापस आते हुए क्या क्या सोचता है बस उन्ही भावों को उकेरा है 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on July 18, 2012 at 7:19pm

एक नाज़ुक सा पल , जब फ़ौजी अपने घर लौट रहा है/ या फिर एक मुकाम के बाद उसे लौटना है.....उसके मन का भावों का, अन्तर्वार्ता का पूरा का पूरा X -RAY उतार कर रख दिया आपने आदरणीया राजेश कुमारी जी. इस सुन्दर भावाभिव्यक्ति पर हार्दिक बधाई.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 18, 2012 at 3:44pm

संदीप कुमार पटेल जी हार्दिक आभार 

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on July 18, 2012 at 2:53pm

आह समेटे इस सुन्दर काव्य को आपने भावों से अलंकृत किया है वो अद्भुत है
सुन्दर सहज शब्दावली में सारी बात कह डाली है आपने
लाजवाब बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीया राजेश कुमारी जी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 18, 2012 at 12:04pm

हार्दिक आभार अरुन शर्मा जी 

Comment by अरुन 'अनन्त' on July 18, 2012 at 11:22am

आदरणीया बहुत ही खूबसूरती से लिखी है ये रचना आपने. बधाई स्वीकार करें.

कृपया ध्यान दे...

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