For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दोहा त्रयी. . . . . .राजनीति

दोहा त्रयी : राजनीति

जलकुंभी सी फैलती, अनाचार  की बेल ।
बड़े गूढ़ हैं क्या कहें, राजनीति के खेल ।।

आश्वासन के फल लगे, भाषण की है बेल ।
राजनीति के खेल की , बड़ी अज़ब है रेल ।।

राजनीति के खेल की, छुक- छुक करती रेल।
डिब्बे बदलें पटरियां, नेता खेलें खेल ।।

सुशील सरना / 23-1-22

मौलिक एवं अप्रकाशित 

Views: 642

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on February 6, 2022 at 9:06am

अच्छा प्रयास हुआ है, आदरणीय. 

जय-जय 

Comment by Sushil Sarna on January 31, 2022 at 1:34pm
आदरणीय अमीरुद्दीन साहिब, आदाब - स्थिति स्पष्ट करने के लिए हार्दिक आभार
Comment by Chetan Prakash on January 31, 2022 at 4:17am

आ. अमीर साहब, इस तरह की आधारहीन टिप्पणी करना आपकी कदाचित आदत बन गयी है! अभी सम्पन्न मुशायरे में भी आप मुझे ज्ञान दे रहे थे कि " ग़ज़ल "उर्दू की विधा है! " और, जब मैं ने बताया कि उर्दू मूलतः भारत में विकसित हिन्दी

की बोली है जिसे पहले हिन्दुस्तानी, हिन्दवी और तत्पश्चात उर्दू कहा जाने लगा तो आप ने मुझे मंच पर असत्य भाषण का आरोप लगाते हुए चेतावनी जारी कर दी! इतना ही नहीं ग़ज़ल उर्दू की विधा यह झूठ और बोला बिना यह समझे हुए कि कोई भी विधा किसी भाषा विशेष की मोहताज नहीं होती! 

के लिए चेतावनी देते हुए मेरे प्रोफेसर होने पर व्यंग किया है! 

Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी on January 30, 2022 at 10:51pm

आदरणीय सुशील सरना जी आदाब, क्षमा पूर्वक निवेदित है कि मैंने त्रुटिवश दोहे के चरण "बड़ी अज़ब है रेल" का प्रारम्भ 'जगण' से होना मानकर टिप्पणी की थी। वास्तव में उक्त चरण दोष रहित है। 'जगण' तीन अक्षरों का ऐसा समूह (शब्द) जिसका पहला अक्षर लघु दूसरा दीर्घ तथा तीसरा लघु हो, जैसे रमेश, गरीब, अजीब, मशीन, किसान आदि हो, को कहते हैं। मेरे द्वारा इंगित चरण में दो अलग-अलग शब्दों के अक्षरों को मिला कर त्रुटिवश जगण मानकर टिप्पणी की गयी जो कि ग़लत है। पुन: क्षमा सहित।  सादर। 

Comment by Sushil Sarna on January 30, 2022 at 4:43pm
आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय ।
Comment by Sushil Sarna on January 30, 2022 at 4:43pm
आदरणीय अमीरुद्दीन साहिब, आदाब - सृजन के भावों को मान एवं सुझाव के लिए दिल से आभार । सहमत एवं भविष्य के लिए अवगत हुआ सर ।
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 29, 2022 at 12:44pm

आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुन्दर दोहावली हुई है । हार्दिक बधाई।

Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी on January 25, 2022 at 8:22pm

आदरणीय सुशील सरना जी आदाब, तुच्छ राजनीति पर कटाक्ष करते सुंदर दोहे रचे हैं आपने, हार्दिक बधाई।

'बड़ी अज़ब है रेल'   दोहे में चरणों का प्रारम्भ जगण से होने का निषेध है, 'अजब' शब्द में नुक़्ता नहीं लगेगा, सादर। 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
48 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
2 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
2 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
3 hours ago
Admin posted a discussion

ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा

साथियों,विगत कई माह से ओ बी ओ लाइव आयोजनों में कतिपय कारणवश सदस्यों की भागीदारी बहुत ही कम हो रही…See More
3 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय  अखिलेश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । सहमत एवं संशोधित "
10 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय सुशीलजी हार्दिक बधाई। लगातार बढ़िया दोहा सप्तक लिख रहें हैं। घूस खोरी ....... यह …"
12 hours ago
Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Thursday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Mar 4
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Mar 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
Mar 3
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Mar 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service