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Rajkumar sahu's Blog – June 2011 Archive (14)

महंगाई व प्रधानमंत्री के वायदे

प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने मार्च 2012 तक महंगाई दर में 6 प्रतिशत की कमी होने का एक बार फिर दावा किया है। दरअसल, प्रधानमंत्री जी प्रिंट मीडिया के कुछ प्रमुख संपादकों से बुधवार को मुखातिब हुए। यहां उन्होंने भ्रष्टाचार, लोकपाल बिल समेत अन्ना हजारे, बाबा रामदेव के आंदोलन के संबंध में अपनी बात रखी। साथ ही खुद को कमजोर प्रधानमंत्री कहे जाने को एक सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह विपक्ष का दुष्प्रचार है, जबकि वे हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि देश में कैसे विकास दर को बढ़ाया जाए और देश की… Continue

Added by rajkumar sahu on June 30, 2011 at 12:57am — No Comments

जरा इधर भी करें नजरें इनायत

1. समारू - प्रधानमंत्री ने प्रिंट मीडिया के प्रमुख संपादकों से चर्चा की।

पहारू - दिखाना चाह रहे हैं कि मेरी उछल-कूद में कोई कमी है तो बताओ।





2. समारू - खटारा गाड़ी में शहीद के शव मामले में छग के मुख्यमंत्री की सफाई।

पहारू - जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की जहमत कहां उठा सकते हैं।





3. समारू - आरबीआई ने चवन्नी के सिक्के को बंद कर दिया।

पहारू - अब कोई चवन्नी छाप नहीं होगा।





4. समारू - प्रधानमंत्री ने साल भर में पांचवीं बार महंगाई कम होने… Continue

Added by rajkumar sahu on June 29, 2011 at 11:17pm — No Comments

जरा इधर भी करें नजरें इनायत

1. समारू - महंगाई ने आर्थिक बजट बिगाड़ दिया है।

पहारू - ‘आम आदमी के साथ हाथ‘ वाली सरकार पर और विश्वास करो।





2. समारू - बाबा रामदेव ने कहा है कि वे कायर नहीं है।

पहारू - सच है, नहीं भागते तो पुलिस का कोपभाजन बनना पड़ जाता।





3. समारू - छग कांग्रेस में नए जिलाध्यक्षों की घोषणा जल्द होने वाली है।

पहारू - फिर क्या है, कलह भी जल्द आने वाली है।







4. समारू - भाजपा के मध्यप्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा ने बढ़ती महंगाई को लेकर मौत मांगी… Continue

Added by rajkumar sahu on June 29, 2011 at 1:27pm — 1 Comment

‘राष्ट्रपति को भा गई छत्तीसगढ़ की आत्मीयता’

छत्तीसगढ़ ने ‘धान का कटोरा’ के तौर पर देश-दुनिया में पहचान रखी है। प्रदेश की प्राचीन संस्कृति व लोककला यहां की प्रमुख विरासत है। छग में दूसरे राज्यों तथा अन्य देशों से जब भी कोई पहुंचते हैं तो वे सहसा ही यहां के लोगों की आत्मीयता से अभिभूत हो जाते हैं। वनांचल क्षेत्रों की आदिवासी संस्कृति व परंपरा जानकर हर कोई वाह-वाह किए बगैर नहीं रहता और यहां की यादों को अपनी संस्मरण में उतार लेते हैं। छत्तीसगढ़ के लिए अक्सर कहा जाता है - ‘छत्तीसगढ़िया-सबसे बढ़िया’। यह उक्ति आज की बनाई हुई नहीं है, बल्कि बरसों से… Continue

Added by rajkumar sahu on June 24, 2011 at 5:16pm — No Comments

परीक्षा, फर्जीवाड़ा और छत्तीसगढ़

ऐसा लगता है, जैसे छत्तीसगढ़ की परीक्षाओं का, फर्जीवाड़ा और विवादों से चोली-दामन का साथ है। तभी तो प्रदेश में होने वाली अधिकांश परीक्षाओं में किसी न किसी तरह से धब्बा लगा ही जाता है। छग में शिक्षा नीति जिस तरह लचर है, उसी का खामियाजा होनहार छात्रों व उनके अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश के लिए परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा की बात कोई नई नहीं रह गई है, यही कारण है कि छग से दूसरे राज्यों में जाकर पढ़ने वाले प्रतिभावान छात्रों को ‘हेय’ की दृष्टि से देखा जाता है, यह किसी भी सूरत में विकास पथ पर आगे…

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Added by rajkumar sahu on June 24, 2011 at 2:00am — No Comments

व्यंग्य - बाबागिरी का कमाल

बाबागिरी का कमाल अभी चहुंओर छाया हुआ है। अब लोगों को समझ में आ गया है, गांधीगिरी में भलाई नहीं है, बल्कि बाबागिरी से ही तिजोरी भरी जा सकती है। गांधीगिरी से केवल आत्मा को संतुष्ट किया जा सकता है, मगर बाबागिरी में करोड़ों कमाए बगैर, मन की धनभूख शांत नहीं होती। जब से इस बात का खुलासा हुआ है कि देश का एक बड़ा बाबा महज कुछ बरसों में करोड़पति बन गया तथा अभी अरबों की संपत्ति का और राज खुलना बाकी है, उसके बाद तो हम जैसे लोग बाबागिरी की तिमारदारी में लगे हुए हैं। बरसों कलम खिसते रहो, लेकिन इतना तय है कि इन… Continue

Added by rajkumar sahu on June 15, 2011 at 4:37pm — No Comments

यहां होता है तालाब का विवाह !

- 80 बरस बाद दोहराई गई परंपरा

- केरा गांव के लोगों का अनूठा कार्य

- तालाबों के अस्तित्व को बचाने की मुहिम

- जल संरक्षण की दिशा में ग्रामीणों का अहम योगदान

- ‘जल ही जीवन है’, ‘जल है तो कल है’ का संदेश

              

भारतीय संस्कृति में संस्कार का अपना एक अलग ही स्थान है। सोलह संस्कारों में से एक होता है, विवाह संस्कार। देश-दुनिया में चाहे कोई भी वर्ग या समाज हो, हर किसी के अपने विवाह के तरीके होते हैं। मानव जीवन में वंश वृद्धि के लिए भी विवाह का महत्व सदियों से कायम…

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Added by rajkumar sahu on June 15, 2011 at 1:52am — 1 Comment

जरा इधर भी करें नजरें इनायत

1. समारू - छग में नक्सली हमले में जवान शहीद हो रहे हैं।

पहारू - यही हाल रहा तो, धान का कटोरा, खून का कटोरा बनते देर नहीं लगेगी।





2. समारू - देश की मिनिस्ट्री पर छग के बाबू भारी पड़ रहे हैं।

पहारू - भारीपन का जलवा अभी दिखा कहां है।





3. समारू - दिल्ली में नक्सली समस्या पर मंथन हो रहा है।

पहारू - फिर दोहराया जाएगा, कड़े कदम उठाए जाएंगे।





4. समारू - बाबा रामदेव ने दो सौ बरस जीने का दावा किया था।

पहारू - नौ दिनों में तो दावे की हवा… Continue

Added by rajkumar sahu on June 14, 2011 at 3:00pm — No Comments

‘हमें मालिक बने रहने दीजिए, मजदूर मत बनाइए’

पर्यावरण की चिंता हर बरस शुरू होती है, उसके बाद दम तोड़ देती है। पेड़ों की अंधा-धुंध कटाई के बाद जंगल घटते जा रहे हैं, वहीं प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है। पर्यावरण से खिलवाड़ का खामियाजा हर किसी को भुगतना पड़ रहा है, फिर भी हम चेत नहीं रहे हैं और हरियाली को हर तरह से उजाड़ने में लगे हैं। विकास के नाम पर पेड़ों की बलि चढ़ाई जा रही हैं और यही धीरे-धीरे हमारे जीवन पर आफत बनती जा रही है या फिर दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि पर्यावरण में धीमी मौत घुलती जा रही है, जो प्रदूषण के तौर पर हमें मुफ्त…

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Added by rajkumar sahu on June 12, 2011 at 11:14pm — No Comments

जरा इधर भी करें नजरें इनायत

1. समारू - छग में नक्सली हमले से फिर शहीद हुए जवान।

पहारू - सरकार के कारिंदे इतना जरूर कहेंगे, मुआवजे का ऐलान कर दो।





2. समारू - छत्तीसगढ़ में सैकड़ों डॉक्टरों की कमी बरसों से बरकरार है।

पहारू - जो हैं, वही तो ड्यूटी पर नहीं आते।





3. समारू - छग में 15 जून से 15 जुलाई तक कर्मचारियों के स्थानांतरण होंगे।

पहारू - देखो, सबसे ज्यादा आंख में कौन खटका।





4. समारू - बाबा रामदेव ने संतो के कहने पर अनशन तोड़ा।

पहारू - राजनीति के बर्र को हाथ… Continue

Added by rajkumar sahu on June 12, 2011 at 4:37pm — No Comments

बाबा-अन्ना लाइव - मीडिया पर सरकारी चाबुक

देश, भ्रष्टाचार के बुखार से तप रहा है और आम जनता महंगाई की आग में जल रही है, मगर सरकार के कारिंदों को इन सब बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता। यदि ऐसा नहीं होता तो वे इन घातक समस्याओं के मामले में माकूल कदम जरूर उठाते। बीते एक दशक में महंगाई चरम पर पहुंच गई है और इसकी आसमानी हवाईयां भी रूकने का नाम नहीं ले रहा है। भ्रष्टाचार की समस्या तो जैसे इस देश के लिए नासूर बनता जा रहा है। वैसे तो देश में सफेदपोश भ्रष्टाचारियों की कोई कमी नहीं है, यह इस बात से भी पता चलता चलता है कि ऐसा कोई दिन नहीं जाता, जब कोई… Continue

Added by rajkumar sahu on June 9, 2011 at 6:44pm — No Comments

26 बरसों से पिला रहा प्यासों को पानी

समाज सेवा की दिशा में वैसे तो कई तरह के अनुकरणीय कार्यों की बानगी आए दिन सुनने को मिलती है और उनके कार्यों से समाज के लोगों को निश्चित ही बहुत कुछ सीखने को मिलता है। ऐसी ही मिसाल कायम कर रहे हैं, जिला मुख्यालय जांजगीर से लगे नैला के श्री गोविंद सोनी। वे पिछले 26 बरसों से निःस्वार्थ ढंग से नैला रेलवे स्टेशन में गर्मी के दिनों में यात्रियों को पानी पिलाते आ रहे हैं। बरसों से जारी उनके जज्बे को देखकर हर कोई दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाता है, क्योंकि ढलती उम्र के बाद भी उनके चेहरे पर कहीं… Continue

Added by rajkumar sahu on June 9, 2011 at 2:51pm — 1 Comment

जरा इधर भी करें नजरें इनायत

1. समारू - उमा भारती पुराने कुनबे भाजपा में लौट आई है।

पहारू - जिस दिन मूड बिगड़ा, उस दिन पूरे कुनबे को खरी-खोटी सुनाएगी।



2. समारू - रायपुर नगर निगम में खड़ी गाड़ियां डीजल पी रही हैं।

पहारू - कौन सी नई बात है, छग में अरबों के निर्माण कार्य कागजों में हो जाते हैं।



3. समारू - बाबा रामदेव ने केन्द्र सरकार को माफ कर दिया है।

पहारू - यही तो सत्याग्रह व सच्ची गांधीवादी है, कोई एक गाल को मारे तो दूसरा गाल आगे कर दो।



4. समारू - छग के गृहमंत्री ने डीजीपी पर… Continue

Added by rajkumar sahu on June 8, 2011 at 2:44pm — 1 Comment

जरा इधर भी करें नजरें इनायत

1. समारू -दिग्विजय सिंह ने लादेन को ‘ओसामा जी’ कहा। पहारू - विवादों में नहीं होने पर उनके पेट का चारा नहीं पचता। 2. समारू - बाबा रामदेव के पीछे भाजपाई राजनीति कर रहे हैं। पहारू - भाजपा में नैया पार कराने वाला कोई नेता भी तो नहीं है। 3. समारू - छग सरकार दो बच्चों से अधिक होने पर नौकरी नहीं देगी। पहारू - मगर चार-छह बच्चे वाले नेता को मंत्री जरूर बना सकती है। 4. समारू - बाबा के सत्याग्रह व अनशन से सरकार घबरा गई है। पहारू - क्यों नहीं, सत्ता की कुर्सी का सवाल जो है। 5. समारू - देश में भ्रष्टाचार व… Continue

Added by rajkumar sahu on June 8, 2011 at 1:34am — 1 Comment

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