For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बाबा-अन्ना लाइव - मीडिया पर सरकारी चाबुक

देश, भ्रष्टाचार के बुखार से तप रहा है और आम जनता महंगाई की आग में जल रही है, मगर सरकार के कारिंदों को इन सब बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता। यदि ऐसा नहीं होता तो वे इन घातक समस्याओं के मामले में माकूल कदम जरूर उठाते। बीते एक दशक में महंगाई चरम पर पहुंच गई है और इसकी आसमानी हवाईयां भी रूकने का नाम नहीं ले रहा है। भ्रष्टाचार की समस्या तो जैसे इस देश के लिए नासूर बनता जा रहा है। वैसे तो देश में सफेदपोश भ्रष्टाचारियों की कोई कमी नहीं है, यह इस बात से भी पता चलता चलता है कि ऐसा कोई दिन नहीं जाता, जब कोई घूसखोर पकड़ा नहीं जाता। एक बात है कि बड़े सफेदपोशों का भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते कुछ भी बिगाड़ नहीं पाते। नतीजा यही होता है कि भारत में सफेद धन को विदेशी बैंकों में काला धन बनाकर रखा जाता है और देश की अर्थव्यवस्था तार-तार होती रहती है। देश की आधी से अधिक आबादी भूख से तड़पती है, दो जून की रोटी के लिए उन्हें त्राही-त्राही होनी पड़ती है, ऐसे में देश में एक वर्ग ऐसा बनता जा रहा है, जो एशो-आराम की जिंदगी जी रहा है, शानो-शौकत को छोड़िए, उल्टे देश में अरब-खरबपतियों की नई जमात खड़ी हो रही है । कहने को तो, भारत में सर्वहिताय-बहुजन सुखाय की दिशा में कार्य किए जाने की बात, उंची इमारतों में रहने वालों द्वारा किया जाता है, मगर यह बात किसी से छिपी नहीं है कि भारत में किस तरह आर्थिक असमानता बढ़ती जा रही है ?

अब मुद्दे की बात करें तो बेहतर होगा। अभी पिछले छह-सात दिनों से मीडिया में, देश में योगदक्षी बाबा रामदेव तथा समाजसेवी अन्ना हजारे के द्वारा काला धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ किए जा रहे आंदोलन छाए हुए हैं। देश की हर जुबान पर इन्हीं मुद्दों की चर्चा है और मीडिया में हर आंखें इन्हीं खबरों को ढूंढ रही हैं। मीडिया भी दर्शकों के मर्म को पूरी तरह समझता है, तभी तो पिछले पांच दिनों तक न जाने कितनी बार ‘बाबा लाइव तथा अन्ना लाइव’ के अलावा ‘सरकारी हुक्मरानों का लाइव’ छाया रहा। इस बीच जिस तरह बाबा लाइव व अन्ना लाइव को जनता ने सिर-आंखों पर लिया, उस तरह देश की अवाम ने सरकार के मंत्रियों की बेतुकी सफाई को कितने हल्के में लिए, यह इस बात से समझा जा सकता है कि 8 जून को अन्ना द्वारा राजघाट किए गए अनशन में हजारों लोगों की स्वस्फूर्त उपस्थिति रही। यहां गौर करने वाली बात यह रही है कि किसी राजनीतिक पार्टी की रैली या सभा की तरह ‘बाबा या अन्ना’ के सत्याग्रह-अनशन में भीड़ जुटाए नहीं गए थे, बल्कि वे एक ऐसे मुद्दे के समर्थन में जुटे थे, जिससे भारत का हर अवाम त्रस्त है। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि दिल्ली में जारी आंदोलन को देश भर में समर्थन तो मिल ही रहा है, साथ ही दिल्ली में दूसरे राज्यों से भी लोग आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। इसी को बाबा रामदेव व अन्ना हजारे अपनी सबसे बड़ी जीत मान रहे हैं और लगातार काला धन व भ्रष्टाचार के खिलाफ हर स्तर पर लड़ने दंभ भर रहे हैं।

निश्चित ही बाबा रामदेव और अन्ना हजारे के आंदोलन की आग में घी डालने का काम किया है, इलेक्ट्रानिक मीडिया का व्यापक कव्हरेज ने। जिस तरह लगातार कई दिनों से बाबा रामदेव तथा अन्ना हजारे मीडिया की टीआरपी का आधार स्तंभ बने हुए हैं। साथ ही मीडिया भी ‘बाबा लाइव तथा अन्ना लाइव‘ से अटा पड़ा दिखाई देता है। मीडिया में अनुमान से ज्यादा कव्हरेज दिखाने से केन्द्र सरकार की मुश्किलें और बढ़ी हैं, क्योंकि एक अरसे में अब तक ऐसे हालात कभी बने भी नहीं है। लिहाजा इसी का परिणाम रहा है कि इलेक्ट्रानिक चैनलों को सरकार की ओर से पत्र जारी किया गया, जिसमें कहा गया है कि बाबा रामदेव तथा अन्ना हजारे के आंदोलन का ‘लाइव कव्हरेज’ न करें। इसके अलावा इनके आंदोलन से जुड़े कुछ ऐसे मुद्दे को न दिखाएं, जिससे देश में स्थिति बिगड़े। यहां पर सवाल यही है कि क्या बाबा रामदेव की मांग जायज नहीं है ? क्या देश में काला धन वापस आना नहीं चाहिए ? क्या देश से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होना चाहिए ? ऐसे तमाम तरह के सवाल कई बरसों से खड़े हैं, जिनके जवाब पाने आम जनता भी बेचैन है, परंतु केन्द्र सरकार द्वारा इन मुद्दों पर हाथ ही खींचा जा रहा है। अब, जब काला धन तथा भ्रष्टाचार का मुद्दे को लेकर वृहद स्तर पर आंदोलन शुरू हुआ है तो उसे सरकार द्वारा किसी न किसी तरह कुचलने की कोशिश की जा रही है। इससे सरकार की छवि भी धूमिल होती जा रही है। इस बात को सरकार के मुखिया प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह तथा यूपीए अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी को समझने की जरूरत है, मगर अफसोस, इनकी ओर से जैसा जवाब आना चाहिए, वह नहीं आ सका।
सरकार ने 4-5 जून की दरमियानी रात रामलीला मैदान में जिस तरह दबंगई दिखाते हुए रात में ही हजारों लोगों को पुलिसिया हाथों से खदेड़ा। उसके बाद तो सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वाभाविक था, क्योंकि केन्द्र की यही सरकार है, जो यह कहती है कि उसका हाथ, हर आम आदमी के साथ है। जब इस सरकार का हाथ आम आदमी के साथ है, तो फिर क्यों जनताहित के मुद्दों को दरकिनार किया जा रहा है। सरकार काला धन को वापस लाने तथा उन सफेदपोश चेहरों के नाम उजागर करने क्यों पीछे हट रही है ? यह बात भी जगजाहिर है कि अब तक केन्द्र में जितनी भी सरकार रही हैं, उनके कार्यकाल के मुकाबले इस यूपीए सरकार के दामन में भ्रष्टाचार के ज्यादा धब्बे लगे हैं। भ्रष्टाचार के कारण यूपीए की सरकार, जनता की अदालत में पूरी तरह कटघरे में खड़ी है। बावजूद, खुद को पाक-साफ बताने के साथ भ्रष्टाचारियों का बचाव करने, यह सरकार कोई गुरेज नहीं कर रही है। ऐसी सरकार को आने वाले चुनाव में जनता का करारा जवाब जरूर मिलेगा, क्योंकि मीडिया भी आम जनता के दर्द को सामने लाता है, उस पर भी सरकार, दंभी चाबुक चलाने हिचक नहीं रही है।

राजकुमार साहू
जांजगीर, छत्तीसगढ़
मोबा . - 098934-94714

Views: 249

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 190 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा नौजवान शायर…See More
Tuesday
आशीष यादव posted a blog post

मशीनी मनुष्य

आज के समय में मनुष्य मशीन बनता जा रहा है या उसको मशीन बनने पर मजबूर किया जाता है. कारपोरेट जगत…See More
Monday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जयहिंद रायपुरी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर आपने  दोहा छंद रचने का सुन्दर प्रयास किया है।…"
Sunday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  सही कहना है हम भारतीय और विशेषकर जो अभावों में पलकर बड़े हुए हैं, हर…"
Sunday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी हार्दिक धन्यवाद आभार आपका"
Sunday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  हार्दिक धन्यवाद आभार आपका।"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर मेरी प्रस्तुति की सराहना के लिए आपका हार्दिक…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"    आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी सादर, प्रस्तुत दोहों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार ।…"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"किल्लत सारे देश में, नहीं गैस की यार नालियाँ बजबजा रही, हर घर औ हर द्वार गैस नहीं तो क्या हुआ, लोग…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। दोहों पर आपकी विस्तृत टिप्पणी और सुझाव के लिए हार्दिक…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. प्रतिभा बहन, सादर अभिवादन। चित्रानुरूप सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service