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Nilesh Shevgaonkar's Blog – May 2025 Archive (4)

ग़ज़ल नूर की - मुक़ाबिल ज़ुल्म के लश्कर खड़े हैं

मुक़ाबिल ज़ुल्म के लश्कर खड़े हैं

मगर पाण्डव हैं मुट्ठी भर, खड़े हैं.

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हम इतनी बार जो गिर कर खड़े हैं

मुख़ालिफ़ हार कर शश्दर खड़े हैं.      शश्दर-आश्चर्यचकित, स्तब्ध

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कभी कोई बसेगा दिल-मकां में

हम इस उम्मीद में जर्जर खड़े हैं.

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ऐ रावण! अब तेरा बचना है मुश्किल

तेरे द्वारे पे कुछ बंदर खड़े हैं.

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उसे लगता है हम को मार देगा

हम अपने जिस्म से बाहर खड़े हैं.

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मुझे क़तरा समझ बैठा है नादाँ

मेरे पीछे…

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Added by Nilesh Shevgaonkar on May 29, 2025 at 6:45pm — 13 Comments

ग़ज़ल नूर की - ज़िन्दगी की रह-गुज़र दुश्वार भी करते रहे

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ज़िन्दगी की रह-गुज़र दुश्वार भी करते रहे

दुश्मनी हम से हमारे यार भी करते रहे.

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जादू टोना यूँ लब ओ रुख़्सार भी करते रहे

जो मुदावा थे वही बीमार भी करते रहे.

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उस की सुहबत के असर में हो गए उस की तरह  

फिर उसी के लहजे में गुफ़्तार भी करते रहे.

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जिस्म को जीते रहे हम एक क़िस्सा मान कर  

और अपनी रूह को तैय्यार भी करते रहे.

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हर क़िले के द्वार अन्दर ही से खोले जाते हैं

दुश्मनों का काम चौकीदार भी करते रहे.

.

‘नूर’ ऐसा…

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Added by Nilesh Shevgaonkar on May 25, 2025 at 6:00pm — 10 Comments

ग़ज़ल नूर की - ताने बाने में उलझा है जल्दी पगला जाएगा

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ताने बाने में उलझा है जल्दी पगला जाएगा,

मुझ को बुनने वाला बुनकर ख़ुद ही पगला जाएगा.

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इश्क़ के रस्ते पर चलना है तेरी मर्ज़ी; लेकिन सुन

इस रस्ते को श्राप मिला है राही पगला जाएगा.

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उस के हुनर पर किस को शक़ है लेकिन उस की सोचो तो

ज़ख़्म हमारे सीते सीते दर्ज़ी पगला जाएगा.  

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उस को समुन्दर जैसी छोटी मोटी जगहें भाती हैं

इन आँखों में आएगा तो पानी पगला जाएगा.

.

जिससे बदला लूँगा उस को इतना याद करूँगा मैं

मेरे नाम की लेते लेते…

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Added by Nilesh Shevgaonkar on May 15, 2025 at 2:59pm — 17 Comments

ग़ज़ल नूर की - आँखों की बीनाई जैसा

आँखों की बीनाई जैसा

वो चेहरा पुरवाई जैसा.

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तेरा होना क्यूँ लगता है

गर्मी में अमराई जैसा.

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तेरे प्यार में तर होने दे

मुझ को माह-ए-जुलाई जैसा.

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जोबन आया है, फिसलोगे

ये रस्ता है काई जैसा.

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साथ हैं हम बस कहने भर को

दूध हूँ मैं वो मलाई जैसा.  

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जाते जाते उस का बोसा

जुर्म के बाद सफ़ाई जैसा.

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ज़ह’न है मानों शह्र का एसपी  

और ये दिल बलवाई जैसा.

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तेरा आना पल दो पल को

सरकारी…

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Added by Nilesh Shevgaonkar on May 3, 2025 at 4:22pm — 19 Comments

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