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Naveen Mani Tripathi
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Naveen Mani Tripathi's Page

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बसंत कुमार शर्मा commented on Naveen Mani Tripathi's blog post गज़ल- कैसे कहूँ मै आप से मुझको गिला नहीं
"बेहतरीन ग़ज़ल "
12 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल ---झुकी झुकी सी नज़र में देखा
"आ0 मित्र श्री जयनित मेहता जी सादर आभार ।"
13 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post 52 शेर की ग़ज़ल।
"आ0 गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी आभार ।"
13 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post 52 शेर की ग़ज़ल।
"भाई जयनित मेहता जी आभार मित्र"
13 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post गज़ल- कैसे कहूँ मै आप से मुझको गिला नहीं
"आ0 अनिता मौर्या जी शुक्रिया ।"
13 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post गज़ल- कैसे कहूँ मै आप से मुझको गिला नहीं
"आ0 जयनित मेहता जी सादर आभार ।"
13 hours ago
Anita Maurya commented on Naveen Mani Tripathi's blog post गज़ल- कैसे कहूँ मै आप से मुझको गिला नहीं
"wah.. "
16 hours ago
जयनित कुमार मेहता commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल ---झुकी झुकी सी नज़र में देखा
"बहुत खूब, बहुत सुंदर आदरणीय।।"
18 hours ago
जयनित कुमार मेहता commented on Naveen Mani Tripathi's blog post 52 शेर की ग़ज़ल।
"काम ऐसा बचा नहीं कोई । अब जिसे आदमी नहीं करते ।। इस शेर ने अकेले ही दिल लूट लिया आदरणीय। ग़ज़ल भी बहुत अच्छी हुई है। हाफ सेंचुरी के लिए विशेष बधाई आपको।।"
18 hours ago
जयनित कुमार मेहता commented on Naveen Mani Tripathi's blog post गज़ल- कैसे कहूँ मै आप से मुझको गिला नहीं
"मुझसे मेरा ज़मीर नहीं माँगिये हुजूर । इसकी ही वज़ह से मैं अभी तक मरा नहीं ।। हालात आजमा के गए मुझको बार बार । रहमत खुदा की थी कि नज़र से गिरा नहीं ।। बेहद खूबसूरत हक़ीक़ी ग़ज़ल हेतु हार्दिक बधाई आपको।।"
19 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - तेरी महफ़िल में दीवाने रहेंगे
"आ0 आरिफ साहब तहे दिल से शुक्रिया ।"
yesterday
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post गज़ल- कैसे कहूँ मै आप से मुझको गिला नहीं
"आ0 आरिफ साहब शुक्रिया ।"
yesterday
Mohammed Arif commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - तेरी महफ़िल में दीवाने रहेंगे
"आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब, बहुत अच्छी ग़ज़ल । दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें ।"
yesterday
Mohammed Arif commented on Naveen Mani Tripathi's blog post गज़ल- कैसे कहूँ मै आप से मुझको गिला नहीं
"आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब, हर शे'र मारक क्षमता वाला । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए । बाक़ी गुणीजन अपनी राय देंगे ।"
yesterday
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

गज़ल- कैसे कहूँ मै आप से मुझको गिला नहीं

देखिए ग़ज़ल हुई क्या ??*221 2121 1221 212*कैसे कहूँ मैं आपसे मुझको गिला नहीं ।चेहरे से क्यूँ नकाब अभी तक उठा नहीं ।।भूखा किसान शाख से लटका हुआ मिला ।।शायद था उसके पास कोई रास्ता नहीं ।।नेता को चुन रहे हैं वही जात पाँत पर ।जिसने कहा था जात मेरा फ़लसफ़ा नहीं ।।मजबूरियों के नाम पे बिकता है आदमी ।तेरे दयार में तो कोई रहनुमा नहीं ।।मुझसे मेरा ज़मीर नहीं माँगिये हुजूर ।इसकी ही वज़ह से मैं अभी तक मरा नहीं ।।हालात आजमा के गए मुझको बार बार ।रहमत खुदा की थी कि नज़र से गिरा नहीं ।।उठती हैं बेटियां भी यहां रोज…See More
yesterday
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post गज़ल
"आ0 गोपाल नारायण सर सादर नमन सर।"
Friday

Profile Information

Gender
Male
City State
Kanpur , Uttar Pradesh
Native Place
Basti
Profession
Govt. Service
About me
I am a poet and trained astrologer. Write geet and ghazal.

Naveen Mani Tripathi's Blog

गज़ल- कैसे कहूँ मै आप से मुझको गिला नहीं

देखिए ग़ज़ल हुई क्या ??



*221 2121 1221 212*



कैसे कहूँ मैं आपसे मुझको गिला नहीं ।

चेहरे से क्यूँ नकाब अभी तक उठा नहीं ।।



भूखा किसान शाख से लटका हुआ मिला ।।

शायद था उसके पास कोई रास्ता नहीं ।।



नेता को चुन रहे हैं वही जात पाँत पर ।

जिसने कहा था जात मेरा फ़लसफ़ा नहीं ।।



मजबूरियों के नाम पे बिकता है आदमी ।

तेरे दयार में तो कोई रहनुमा नहीं ।।



मुझसे मेरा ज़मीर नहीं माँगिये हुजूर ।

इसकी ही वज़ह से मैं अभी तक मरा नहीं… Continue

Posted on June 24, 2017 at 8:33pm — 7 Comments

ग़ज़ल - तेरी महफ़िल में दीवाने रहेंगे

1222 1222 122



शमा के पास परवाने रहेंगे ।

तेरी महफ़िल में दीवाने रहेंगे ।।



तुम्हारी शोखियाँ कातिल हुई हैं ।

तुम्हारे खूब अफ़साने रहेंगे ।।



बना देंगे नया इक ताज़ हम भी ।

हमें जब हाथ कटवाने रहेंगे ।।



तुम्हारी बज्म में आता रहूँगा ।

खुले जब तक ये मैखाने रहेंगे ।।



जिसे है फिक्र दौलत की नहीं अब ।

उसी के साथ याराने रहेंगे ।।





तुम्हारी शोखियाँ कातिल हुई हैं ।

तुम्हारे खूब अफ़साने रहेंगे ।।



बड़ा… Continue

Posted on June 24, 2017 at 11:15am — 2 Comments

ग़ज़ल ---झुकी झुकी सी नज़र में देखा

-----**** ग़ज़ल ***------



121 22 121 22 121 22 121 22



झुकी झुकी सी नज़र में देखा ,

कोई फ़साना लिखा हुआ है ।।

ये सुर्ख चेहरा बता रहा है

के दिल का मौसम जुदा जुदा है ।।



------------------------------------------------



फ़िजा की सूरत बदल रही है ,

अजीब मंजर है आशिकी का ।।

हैं मुन्तजिर ये सियाह रातें ,

वो चांद कितना ख़फ़ा खफ़ा है ।।



-----------------------------------------------



तमाम शिकवे गिले हुए हैं ,

तमाम… Continue

Posted on June 21, 2017 at 1:49pm — 10 Comments

52 शेर की ग़ज़ल।

-------ग़ज़ल -------

2122 1212 22

बात तुम भी खरी नही करते ।

काम कोई सही नही करते ।



चोट दिल पर लगी है फिर उसके ।

काम ये मजहबी नहीं करते ।।



जब से अफसर बना दिया कोटा ।

बात अच्छी भली नहीं करते ।।



दोस्तों की किसी तरक्की में ।

यूँ मुसीबत खड़ी नहीं करते ।।



जिंदगी पर यकीन है जिनको । वो कभी खुदकुशी नहीं करते ।।



कुछ तो खुन्नस बनी रही होगी ।

बेसबब बेरुखी नहीं करते ।।



पेंग गर प्यार की बढ़ानी है ।

प्यार में… Continue

Posted on June 18, 2017 at 12:00am — 4 Comments

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