For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Naveen Mani Tripathi
Share

Naveen Mani Tripathi's Friends

  • Ajay Tiwari
 

Naveen Mani Tripathi's Page

Latest Activity

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - दिल मे भगवान का डर पैदा कर
"आद0 नवीन मणि त्रिपाठी जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल कही आपने। शैर दर शैर दाद के साथ बधाई स्वीकार कीजिए"
Friday
Naveen Mani Tripathi posted blog posts
Thursday
TEJ VEER SINGH commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि जी।बेहतरीन गज़ल। बेदर्द जहां पर अफसर है इंसाफ का मंजर क्या होगा ।अब लोग सितमगर से ही तो हर घाव का मरहम पूछ रहे ।"
May 8
TEJ VEER SINGH commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी साहब जी।बेहतरीन गज़ल। बदला बदला आपका है ये मिज़ाज ।हाथ में क्या फिर खज़ाना आ गया ।।"
May 8
TEJ VEER SINGH left a comment for Naveen Mani Tripathi
"जन्मदिन की हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी साहब जी।"
May 8
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आद0 नवीन मनी त्रिपाठी जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल कही आपने बधाई स्वीकार कीजिये"
May 8
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

2122 2122 212जब लबों पर वह तराना आ गया ।याद फिर गुजरा ज़माना आ गया ।।शब के आने की हुई जैसे खबर ।जुगनुओं को जगमगाना आ गया ।।मैकदे को शुक्रिया कुछ तो कहो।अब तुम्हें पीना पिलाना आ गया ।।वस्ल की इक रात जो मांगी यहां ।फिर तेरा लहजा पुराना आ गया ।।छोड़ जाता मैं तेरी महफ़िल मगर ।बीच मे ये दोस्ताना आ गया ।।जब भी गुज़रे हैं गली से वो मेरे ।फिर तो मौसम क़ातिलाना आ गया ।।आरिजे गुल पर तबस्सुम देख कर ।तितलियों को भी रिझाना आ गया ।।उठ रहीं जब से कलम पर उँगलियाँ ।और चर्चा में फ़साना आ गया ।।कुछ तेरी सुहबत का शायद…See More
May 6
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

221 1222 22 221 1222 22गुज़री है मेरे दिल पर क्या क्या अब हिज्र का आलम पूछ रहे ।।मालूम तुम्हें जब गम है मेरा क्यूँ आंखों का पुरनम पूछ रहे ।।1इक आग लगी है जब दिल में चहरे पे अजब सी बेचैनी । इकरारे मुहब्बत क्या होगी ये बात वो पैहम पूछ रहे ।।2कुछ फ़र्ज़ अता कर दे जानां कुछ खास सवालातों पर अब ।होठों पे तबस्सुम साथ लिए जो वस्ल का आगम पूछ रहे ।।3हालात मुनासिब कौन कहे जलती है जमीं जलता भी है दिल।बादल से परिंदे रह रह कर बरसात का मौसम पूछ रहे ।।4हम यूँ ही तरक्क़ी करते हैं महफूज़ रहेगा मुल्क यहाँ ।।कुछ खास तो…See More
May 4
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 हरिओम श्रीवास्तव जी हार्दिक आभार"
May 4
Hariom Shrivastava commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"वाह,वाहहह,बड़ी बह्र पर लाजवाब ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी।"
May 4
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

221 1222 22 221 1222 22गुज़री है मेरे दिल पर क्या क्या अब हिज्र का आलम पूछ रहे ।।मालूम तुम्हें जब गम है मेरा क्यूँ आंखों का पुरनम पूछ रहे ।।1इक आग लगी है जब दिल में चहरे पे अजब सी बेचैनी । इकरारे मुहब्बत क्या होगी ये बात वो पैहम पूछ रहे ।।2कुछ फ़र्ज़ अता कर दे जानां कुछ खास सवालातों पर अब ।होठों पे तबस्सुम साथ लिए जो वस्ल का आगम पूछ रहे ।।3हालात मुनासिब कौन कहे जलती है जमीं जलता भी है दिल।बादल से परिंदे रह रह कर बरसात का मौसम पूछ रहे ।।4हम यूँ ही तरक्क़ी करते हैं महफूज़ रहेगा मुल्क यहाँ ।।कुछ खास तो…See More
May 3
Naveen Mani Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106
"आ0 आसिफ जैदी साहब तहेदिल से शुक्रिया"
Apr 26
Naveen Mani Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106
"आ0 अमित जी तहेदिल से शुक्रिया"
Apr 26
Naveen Mani Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106
"आ0 नादिर खान साहब तहेदिल से शुक्रिया"
Apr 26
Naveen Mani Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106
"आ0 नादिर खान साहब तहेदिल से शुक्रियः"
Apr 26
Naveen Mani Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106
"शूक्रिया खान साहब"
Apr 26

Profile Information

Gender
Male
City State
Kanpur , Uttar Pradesh
Native Place
Basti
Profession
Govt. Service
About me
I am a poet and trained astrologer. Write geet and ghazal.

Naveen Mani Tripathi's Blog

ग़ज़ल - दिल मे भगवान का डर पैदा कर

2122 1122 22

आपने जुमलों में असर पैदा कर ।

कुछ तो जीने का हुनर पैदा कर ।।

दिल जलाने की अगर है ख्वाहिश ।

तू भी आंखों में शरर पैदा कर ।।

गर ज़रूरत है तुझे ख़िदमत की ।

मेरी बस्ती में नफ़र पैदा कर ।।

हर सदफ जिंदगी तो मांगेगी ।

इस तरह तू न गुहर पैदा कर ।।

देखता है वो तेरा जुल्मो सितम।

दिल में भगवान का डर पैदा कर ।।

अब तो सूरज से है तुझे खतरा…

Continue

Posted on May 16, 2019 at 1:35pm — 1 Comment

ग़ज़ल

2122 1212 22

फासले    बेकरार    करते   हैं ।

और   हम   इतंजार  करते   हैं ।।

इक तबस्सुम को लोग जाने क्यूँ ।

क़ातिलों में सुमार करते हैं ।।

सिर्फ धोखा मिला ज़माने से ।

जब कभी ऐतबार करते हैं ।।

मैं तो इज्ज़त बचा के चलता हूँ ।

और वह तार तार करते हैं ।।

उम्र गुज़री है बस चुकाने में ।

आप जब भी उधार करते हैं।।

उनको गफ़लत हुई यही यारो…

Continue

Posted on May 15, 2019 at 3:47pm

ग़ज़ल

2122 2122 212

जब लबों पर वह तराना आ गया ।

याद फिर गुजरा ज़माना आ गया ।।

शब के आने की हुई जैसे खबर ।

जुगनुओं को जगमगाना आ गया ।।

मैकदे को शुक्रिया कुछ तो कहो।

अब तुम्हें पीना पिलाना आ गया ।।

वस्ल की इक रात जो मांगी यहां ।

फिर तेरा लहजा पुराना आ गया ।।

छोड़ जाता मैं तेरी महफ़िल मगर ।

बीच मे ये दोस्ताना आ गया ।।

जब भी गुज़रे हैं गली से वो मेरे ।

फिर तो…

Continue

Posted on May 5, 2019 at 11:43pm — 3 Comments

ग़ज़ल

221 1222 22 221 1222 22

गुज़री है मेरे दिल पर क्या क्या अब हिज्र का आलम पूछ रहे ।।

मालूम तुम्हें जब गम है मेरा क्यूँ आंखों का पुरनम पूछ रहे ।।1

इक आग लगी है जब दिल में चहरे पे अजब सी बेचैनी ।

इकरारे मुहब्बत क्या होगी ये बात वो पैहम पूछ रहे ।।2

कुछ फ़र्ज़ अता कर दे जानां कुछ खास सवालातों पर अब ।

होठों पे तबस्सुम साथ लिए जो वस्ल का आगम पूछ रहे ।।3

हालात मुनासिब कौन कहे जलती है जमीं जलता भी है…

Continue

Posted on May 3, 2019 at 12:30am — 3 Comments

Comment Wall (3 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:44am on May 8, 2019, TEJ VEER SINGH said…

जन्मदिन की हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी साहब जी।

At 6:32am on August 5, 2018, Kishorekant said…

लाजवाब रचना केलिये आपको बहुत बहुत बधाइयाँ आदरणीय नविनमणी त्रिपाठी जी  ,

At 2:14am on May 8, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें!

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

विनय कुमार posted a blog post

ग़लतफ़हमी-लघुकथा

"याद पिया की आए" ठुमरी लैपटॉप में मद्दम स्वर में बज रही थी, बाहर बरसती हुई बूंदों का शोर मन में…See More
6 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

शृंगारिक दोहे :

शृंगारिक दोहे : नैनों से बरखा बहे, जब से छूटा हाथ। नींदें दुश्मन हो गईं, कब आओगे नाथ।1।एक श्वास…See More
8 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post बौना आदमी - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय  सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'जी।"
11 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल _किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदा
"जनाब भाई सुरेंद्र नाथ साहिब, ग़ज़ल पर आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत…"
11 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आद0 लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन। एक से बढ़कर एक बेहतरीन दोहे लिखे आपने। इन दोहों के लिए बधाई…"
11 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल _किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदा
"आद0 तस्दीक अहमद खान साहब सादर अभिवादन। बहुत ही बेहतरीन ग़ज़ल कही आपने। वाह वाह वाह। बहुत बहुत बधाई…"
11 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on TEJ VEER SINGH's blog post बौना आदमी - लघुकथा -
"आद0 तेजवीर सिंह जी सादर अभिवादन। बढ़िया और संदेशपरक लघुकथा लिखी आपने। इस लघुकथा पर ढेरों बधाई आपको।"
11 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Anamika singh Ana's blog post गीत
"आद0 अनामिका सिंह जी सादर अभिवादन। बढ़िया लय युक्त गीत प्रस्तुत किये आपने। बधाई स्वीकार कीजिये इस…"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani added a discussion to the group बाल साहित्य
Thumbnail

कित्ती कैसे सुख-शांति (बाल-कविता)

तोल मोल के बोल रानीकित्तन- कित्तन है पानी।ढोल पीट के बोल  जूलीहै कित्ती-कित्ती हरियाली।मोल-अनमोल…See More
13 hours ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" posted a blog post

प्रेम हो जाना अर्थात रात भर जगना------गीत

प्रेम हो जाना अर्थात रात भर जगना।।भूख प्यास नींद चैन सब गँवा करअवधान में एकल उद्दीपक बसा करउस तक…See More
15 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani posted a blog post

अथ अभिकल्पित-आचार-संहिता (आलेख)

बच्चों को शुरू से अध्यात्म, आराधना,  वंदना आदि का व्यावहारिक अभ्यास 'लर्न विद़ फ़न, लर्न विद़ कर्म'…See More
17 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Gajendra shrotriya's blog post इक ही दिन काफ़ी नही है - ग़ज़ल
"आ. भाई गजेंद्र जी, माँ को समर्पित सुंदर गजल के लिए हार्दिक बधाई।"
20 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service