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Naveen Mani Tripathi
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  • Ajay Tiwari
 

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Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ालिब की ज़मीन में ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'सारी बस्ती तबाह है तुझसे' इस मिसरे में तनाफ़ुर देखें,मिसरा यूँ कर लें तो ऐब निकल जायेगा:- 'सारी बस्ती तबाह की तूने' 'रुख से चिलमन…"
yesterday
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"गज़ल का सबसे जानदार शेर नौकरी मत  ढूढ़  तू इस मुल्क में ।अब तेरे हिस्से की थाली जाएगी ।।"
Friday
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"फूँक कर छाछ पी रहा है वो ।आदमी दूध का जला क्या है ।। चाँद दिखता नहीं है कुछ दिन से ।घर पे पहरा कोई लगा क्या है ।। गज़ब ख्याल"
Friday
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 कबीर साहब वेहतरीन इस्लाह हेतु हार्दिक आभार और नमन।"
Tuesday
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

2122 1212 22.पूछिये मत कि हादसा क्या है । पूछिये दिल मेरा बचा क्या है।।दरमियाँ इश्क़ मसअला क्या है। तेरी उल्फ़त का फ़लसफ़ा क्या हैसारी बस्ती तबाह है तुझसे । हुस्न तेरी बता रजा क्या है ।।आसरा तोड़ शान से लेकिन । तू बता दे कि फायदा क्या है ।।रिन्द के होश उड़ गए कैसे । रुख से चिलमन तेरा हटा क्या है।।बारहा पूछिये न दर्दो गम । हाले दिल आपसे छुपा क्या है ।। फूँक कर छाछ पी रहा है वो । आदमी दूध का जला क्या है ।।चाँद दिखता नहीं है कुछ दिन से । घर पे पहरा कोई लगा क्या है ।।अश्क़ उतरे हैं तेरी आंखों में । ख़त में…See More
Jul 16
TEJ VEER SINGH commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि जी।बेहतरीन गज़ल। यह छलकती आंखों से मय देखिए ।कौन  से  प्याले  में  डाली जाएगी ।।"
Jul 16
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें । 'नौकरी मत  ढूढ़  तू इस मुल्क में ।अब तेरे हिस्से की थाली जाएगी' इस शैर का भाव स्पष्ट नहीं है,देखियेगा । 'चाहतें   अब  क्या …"
Jul 14
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"//अब तक मिले जो लोग हमें हौसला के साथ// इस मिसरे में क़ाफ़िया का इस्तेमाल ठीक नहीं है,दुरुस्त करने का प्रयास करें ।"
Jul 13
Naveen Mani Tripathi commented on Samar kabeer's blog post एक मुश्किल बह्र,"बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम" में एक ग़ज़ल
"आ0 कबीर सर सादर नमन ।  इतनी मुश्किल बह्र पर ग़ज़ल कहना बड़ी बात है । हर शेर लाजवाब लिखा गया है । तहेदिल से आपको बहुत बहुत बधाई सर ।"
Jul 13
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 कबीर सर सादर आभार और नमन । विदादित काफ़िया हटा कर शेर में परिवर्तन कर दिया है । प्रस्तुत है परिवर्तित ग़ज़ल  221 2121 1221 212 मुद्दत के बाद आई है ख़ुश्बू सबा के साथ ।बेशक़ बहार होगी मेरे हमनवा के साथ ।। शायद मेरे सनम का वो इज़हारे इश्क था ।यूँ…"
Jul 13
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

2122 2122 212दुश्मनी हमसे  निकाली  जाएगी । बेसबब इज्ज़त उछाली जाएगी ।।नौकरी मत  ढूढ़  तू इस मुल्क में । अब तेरे हिस्से की थाली जाएगी ।।लग रहा है अब रकीबों के लिए । आशिकी साँचे में ढाली जाएगी ।।चाहतें   अब  क्या  सताएंगी   उसे । जब कोई ख़्वाहिश न पाली जाएगी ।।इश्क़ गर अंजाम  तक  पहुंचा नहीं । फिर कही उल्फ़त ख़यालीजाएगी।।ऐ खुदा इक दिन तेरे दर पर तो ये । जिंदगी  बनकर  सवाली  जाएगी।।इश्क़ पर कुछ तो भरोसा है मुझे । कैसे कह दूं बात खाली जाएगी ।।यह छलकती आंखों से मय देखिए । कौन …See More
Jul 11
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"जी, सहीह वाक्य होगा 'तजरिबे के साथ','मशविरे के साथ' शिकवे गिले के साथ'  ग़ौर करें ।"
Jul 11
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"जी, सहीह वाक्य होगा 'तजरिबे के साथ','मशविरे के साथ' शिकवे गिले के साथ'  ग़ौर करें ।"
Jul 11
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 सुशील शरण साहब तहेदिल से बहुत बहुत शुक्रियः"
Jul 11
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 प्रदीप भट्ट साहब हार्दिक आभार "
Jul 11
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 कबीर सर सादर आभार नमन । तज्रिबा : गिला: मशविरा : में स्वरांत आ है । इसलिए ये क्वाफी लिया था । इसके आगे क्या टेक्निकल बात है बताने की कृपा करें ।  सादर नमन ।"
Jul 11

Profile Information

Gender
Male
City State
Kanpur , Uttar Pradesh
Native Place
Basti
Profession
Govt. Service
About me
I am a poet and trained astrologer. Write geet and ghazal.

Naveen Mani Tripathi's Blog

ग़ज़ल

2122 1212 22

.

पूछिये मत कि हादसा क्या है ।

पूछिये दिल मेरा बचा क्या है।।

दरमियाँ इश्क़ मसअला क्या है।

तेरी उल्फ़त का फ़लसफ़ा क्या है

सारी बस्ती तबाह है तुझसे ।

हुस्न तेरी बता रजा क्या है ।।

आसरा तोड़ शान से लेकिन ।

तू बता दे कि फायदा क्या है ।।

रिन्द के होश उड़ गए कैसे ।

रुख से चिलमन तेरा हटा क्या है।।

बारहा पूछिये न दर्दो गम ।

हाले दिल आपसे छुपा क्या है ।।



फूँक कर…

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Posted on July 16, 2019 at 12:00am — 2 Comments

ग़ज़ल

2122 2122 212

दुश्मनी हमसे  निकाली  जाएगी ।

बेसबब इज्ज़त उछाली जाएगी ।।

नौकरी मत  ढूढ़  तू इस मुल्क में ।

अब तेरे हिस्से की थाली जाएगी ।।

लग रहा है अब रकीबों के लिए ।

आशिकी साँचे में ढाली जाएगी ।।

चाहतें   अब  क्या  सताएंगी   उसे ।

जब कोई ख़्वाहिश न पाली जाएगी ।।…

Continue

Posted on July 11, 2019 at 12:12am — 4 Comments

ग़ज़ल

221 2121 1221 212

मुद्दत के बाद आई है ख़ुश्बू सबा के साथ ।

बेशक़ बहार होगी मेरे हमनवा के साथ ।।

शायद मेरे सनम का वो इज़हारे इश्क था ।

यूँ ही नहीं झुकी थीं वो पलकें हया के साथ ।।

वह शख्स दे गया है मुझे बेवफ़ा का नाम ।

जो ख़ुद निभा सका न मुहब्बत वफ़ा के साथ ।।

माँगी मदत जरा सी तो लहज़े बदल गए ।

अब तक मिले जो लोग हमें मशविरा के साथ ।।

आँखों में साफ़ साफ़ सुनामी की है…

Continue

Posted on July 8, 2019 at 11:00am — 10 Comments

ग़ज़ल

एक खास बह्र  पर ग़ज़ल

122 122 121 22

तेरे हुस्न पर अब शबाब तय है ।

खिलेगा चमन में गुलाब तय है ।।

अगर हो गयी है तुझे मुहब्बत ।

तो फिर मान ले इज्तिराब तय है ।।

अभी तो हुई है फ़क़त बगावत ।

नगर में तेरे इंकलाब तय है ।।

बचा लीजिये आप कुछ तो पानी ।

मयस्सर न होगा ये आब तय है ।।

किया मुद्दतों तक वो जी हुजूरी ।

सुना है कि जिसका खिताब तय है ।।

अगर आ…

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Posted on June 26, 2019 at 12:01am — 3 Comments

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At 10:44am on May 8, 2019, TEJ VEER SINGH said…

जन्मदिन की हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी साहब जी।

At 6:32am on August 5, 2018, Kishorekant said…

लाजवाब रचना केलिये आपको बहुत बहुत बधाइयाँ आदरणीय नविनमणी त्रिपाठी जी  ,

At 2:14am on May 8, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें!

 
 
 

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