For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Archana Tripathi
  • Female
Share

Archana Tripathi's Friends

  • Prashant Priyadarshi
  • Mala Jha
  • सर्वेश कुमार मिश्र
  • VIRENDER VEER MEHTA
  • Gopal Maurya
  • Omprakash Kshatriya
  • brajesh kumar tripathi
  • Dr. Chandresh Kumar Chhatlani
  • Abid ali mansoori
  • PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA
  • मिथिलेश वामनकर
  • Shubhranshu Pandey
 

Archana Tripathi's Page

Latest Activity

Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
" बढिया लघुकथा के लिए हार्दिक बधाई आ. Sheikh Sahjad Usmani जी"
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"जबरदस्त कटाक्ष करती लघुकथा के लिए हार्दिक बधाई आ. Manan Kumar Singh जी "
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
" आ. Veena Sethi जी , प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई। आपकी कथा विषय को कैसे परिभषित कर रही हैं? साथ ही प्रस्तुत कथा से कोई संदेश भी नही मिल पा रहा हैं।सादर"
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"गागर में सागर सी आपकी लघुकथा के लिए हार्दिक बधाई आ. Namita Sunder जी "
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"ओह ! यह भी एक रास्ता हैं पता नही था।उम्दा कथा के लिए हार्दिक बधाई आ Tej Veer Singh जी"
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
" उम्दा कथा आ. गणेश बागी जी , आपने एक पुराने समय को कथा द्वारा जीवित कर दिया। एक समय था जब पुरानी नौकरानी साधिकार घर आई नई बहुओं का भी मार्गदर्शन करती थी।हार्दिक बधाई आपको"
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
" कथा पर अमूल्य समय देने के लिए आ. Er Ganesh Jee Bagi जी हार्दिक आभार"
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"कथा पर अमूल्य समय देने के लिए आ. Manan Kumar Singh जी आपका हार्दिक आभार "
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"बढिया कथा हुई हैं या.Mohan Begowal जी ओर आ. सर ने कथा में ओर निखार ला दिया हैं।आपको हार्दिक बधाई "
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
" कथा को अमूल्य समय देने के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद आ. Sheikh Sahjad Usmani जी "
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"आ.लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी, आपका हार्दिक धन्यवाद"
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"  कथा पर अमूल्य समय देने के लिए हार्दिक धन्यवाद आ. Tejveer singh जी "
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"सही कहा आपने ,ये रिश्ते जिस पर आधारित हैं अब वो बिखर रहा हैं।रिश्तों की गरिमा भूल हम दैहिक आकर्षण में फंसते जा रहे हैं।कथा पर अमूल्य समय देने के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद आ.Mohan Begowal जी "
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"क्षमा चाहती हूं आ. सर। पढ़ तो कल ही लिया था परंतु जवाब नही दे पाई थी।इतने उम्दा मार्गदर्शन के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद ।यह हमारी ऐसी त्रुटियां हैं जिसे हम चाहकर भी ठीक नही कर पा रहे हैं। आगे कोशिश रहेगी।"
Sunday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"आपका हार्दिक धन्यवाद आ. बबिता गुप्ता जी "
Saturday
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"सर्वप्रथम आयोजन में आपकी प्रथम प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई। बढिया समसामायिक रचना , आज वैश्विक महामारी के दौरान सभी अपनी जान की फिक्र में पड़े हैं।आज जब अपनो के ही शव लेने से जब इनकार हो जा रहा हैं तब किसी अनजान के शव को देख किसी का ह्रदय कैसे…"
May 30

Profile Information

Gender
Female
City State
Tanakpur, Uttarakhand
Native Place
Allahabad
Profession
housewife
About me
चलना ही जिंदगी है।

Archana Tripathi's Blog

लघुकथा

प्रतिफल

चन्द दिनों मे ही पर्याप्त नींद लेकर मैं स्वस्थ सी लगने लगी थी। उसमे करना भी कुछ ना था बस एकाग्रचित्त होकर मंत्र का मानसिक जाप करना था। आज पुनः उनके पास जाना था ।निलय किसी भी सूरत चलने को तैयार ना थे।दरअसल उन्हें विश्वास भी ना था इन बातों पर। मेरे अंदर की लालसा ने, कुछ धर्मगुरुओं द्वारा किये गलत आचरण को भी परे कर दिया था।

" गुरुजी मेरे विवाह को दस वर्ष हो चुके हैं,लेकिन हम संतान सुख से वंचित हैं और इलाज कराते कराते थक गए हैं।"

कुछ गणना के पश्चात , " आपको दवा, दुआ…

Continue

Posted on June 17, 2019 at 3:18am

औपचारिक्ता की दरकार

औपचारिक्ता की दरकार "

" पागलों की तरह भागते हुए लेक्चरर शिल्पी ने कॉलेज में आये उस नवयुवक को आलिंगन में यूँ जकड़ लिया जैसे वह भाग ना पाये।यह बात पुरे कालेज में जंगल में आग की तरह फैल गयी।जितने मुँह उतनी बातें और उतने ही लांछन!

अपने ऊपर लगते लांछनों ने उसे भीतर तक तोड़ दिया और आज तो उनकी पराकाष्ठा हो गयी थी ।लेकिन कभी-भी हार ना मानने वाली शिल्पी सभ्य सहयोगियों से दो-चार हो ली।



" मैं क्यों बदचलन आवारा हूँ कोई बताएगा मुझे ? क्योकि मैं सबसे हँसकर बात करती हूँ? क्योकि मैंने… Continue

Posted on February 18, 2016 at 3:34pm — 8 Comments

कंगली (लघुकथा )

साक्षी ने सारी सीमाएं विवाह पूर्व ही तोड़ दी थी ।विवश हो उसके प्रेम विवाह को सहमति देनी पड़ी लेकिन विवाह के मात्र आठ माह बाद तीन माह की पुत्री को लेकर लौट आयी थी । बिटिया तीन वर्ष की हो गयी थी ।साक्षी ने पुनः विवाह कर लिया बेटी ननिहाल में ही पल रही थी।इसी बात से संतोष था की वह ससुराल में रम जाय लेकिन -

" माँ अब मैं उस घर नहीं जाउंगी।"



"क्यों ? अब क्या हो गया ?"



"उसे पत्नी नहीं माँ के लिए नौकरानी चाहिए थी और वह तो पूरा कंगला हैं ,मैंने तो उसकी चमक देख ब्याह किया… Continue

Posted on October 27, 2015 at 11:52pm — 13 Comments

वंश वृद्धि (लघुकथा)

कवि सम्मेलन के आगाज़ के साथ ही नवांकुर कवि के कविता पाठ करते ही मरघट सा सन्नाटा पसर गया।बामुश्किल नामी कवी ने बात आगे बढ़ाते हुए कहा -

" इन्हें कलम चलानी तो आती नहीं फिर माहौल खराब करने के लिए यहाँ किसने आमन्त्रित किया हैं ?"

" अरे , शर्मा जी इन नवांकुरों को मैंने आमन्त्रित किया हैं ।इन्हें सिखाना भी तो जरुरी हैं।"

" ये केवल नाम बटोरना चाहते हैं ,लगन मेहनत से कोई वास्ता नहीं इनका।इन्हें मंच से हटाया जाय "

"शर्मा जी, ये हमे अपना आदर्श मानते हैं "

" तो हम ही मंच छोड़ देते…

Continue

Posted on September 14, 2015 at 12:46am — 24 Comments

Comment Wall (3 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:45am on November 4, 2019, TEJ VEER SINGH said…

जन्म दिन की हार्दिक बधाई आदरणीय अर्चना जी। ईश्वर सदैव सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करें। दीर्घायु बनो स्वस्थ रहो। हमेशा उन्नति के पथ पर अग्रसर रहो। हमारे सारे परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।

At 11:04am on November 4, 2018, TEJ VEER SINGH said…

जन्म दिन की हार्दिक बधाई आदरणीय अर्चना त्रिपाठी जी।

At 6:31pm on August 23, 2015, brajesh kumar tripathi said…

Dhanyavad priy archana ji .Aapke sneh ke liye aabhari hain.kshama karengi,kyonki aaj mera vah computer khrab hai jispar Devnagari me likha ja sakta hai.

punah anekashah abhar.

 main samprati Faizabad Ayodhya me nivas kar raha hun.Allahabad bank se sewanivritt hua hun.

mera mob.9935802996,8576884809 hain

 brajesh kumar tripathi

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post उफ़ ! क्या किया ये तुम ने ।
"जनाब सालिक गणवीर जी, आदाब। ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और हौसला अफ़ज़ाई के लिये तह-ए-दिल से…"
23 minutes ago
सालिक गणवीर commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post उफ़ ! क्या किया ये तुम ने ।
"मोहतरम अमीरूद्दीन 'अमीर' साहब आदाब एक शानदार ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाइयां स्वीकारें. जो ले…"
2 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( ये नया द्रोहकाल है बाबा...)
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी. सादर प्रणाम बकौल दुश्यंत कुमार.. सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद…"
11 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( ये नया द्रोहकाल है बाबा...)
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी. सादर प्रणाम बकौल दुश्यंत कुमार.. सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद…"
11 hours ago
रणवीर सिंह 'अनुपम' commented on रणवीर सिंह 'अनुपम''s blog post हल हँसिया खुरपा जुआ (कुंडलिया)
"आदरणीय, अग्रज राम अवध जी नमन। उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।"
13 hours ago
रणवीर सिंह 'अनुपम' commented on रणवीर सिंह 'अनुपम''s blog post हल हँसिया खुरपा जुआ (कुंडलिया)
"आदरणीय, अग्रज कबीर जी नमन। उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।"
13 hours ago
Anvita commented on Anvita's blog post चाहती हूँ
"माननीय अमीरूददीन साहब प्रणाम ।आपका हार्दिक धन्यवाद ।रचना पसंद आई जानकर अच्छा लगा ।सादर।अन्विता ।"
14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post जीवन पर कुछ दोहे :
"आ . भाई सुशील जी, सादर अभिवादन । अच्छे दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई ।"
14 hours ago
Samar kabeer commented on Admin's page FAQ
"डिम्पल जी,मैंने आपको फ़ोन पर समझाया तो था,अगर और समझना हो तो फिर से फ़ोन कर सकती हैं । आपकी टिप्पणी…"
14 hours ago
Dimple Sharma commented on Admin's page FAQ
"अपनी रचना पर आए कमेंट्स पर अपनी प्रतिक्रिया कैसे दें..?"
15 hours ago
Pratibha Sharma left a comment for Pratibha Sharma
"बहुत बहुत शुक्रिया आपका"
15 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Anvita's blog post चाहती हूँ
"वाह। सुश्री अन्विता जी, ग़ज़ब का चिन्तन और सृजन है। मन के तारों को झंकृत कर दिया आपकी रचना…"
15 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service