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सामाजिक सरोकार Discussions (89)

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भ्रष्टाचार और सिविल सोसाइटी से उम्मीद

आजकल भ्रष्टाचार देश में बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है जिस पर अंकुश लगाना बहुत ही कठिन साबित हो रहा है .ऐसे में राजनेताओं ,विद्वानों ,वकालत ,…

Started by Ajay Singh

0 May 31, 2012

सिंग्ल पैरेन्टस और बच्चों की परवरिश

सिंग्ल पैरेन्टस और बच्चों की परवरिश   चार दिवारी से मकान बनता है और उसमें रहने वाले लोंगों के आपसी प्रेम, सम्पर्ण, और सद्भावनाओं से एक मकान…

Started by Monika Jain

6 May 2, 2012
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

कैसे होगा दूर अँधेरा जब…

अभी चलना है बाकी, रास्ते को मंजिल मान लूं कैसे तुम ही बताओ, मैं कातिल को मसीहा मान लूं कैसे चारों तरफ फैला है अंधेरा, मैं रात को दिन मान लू…

Started by Harish Bhatt

2 Mar 11, 2012
Reply by rajesh kumari

विषुवतीय वृक्ष

(आज संसार में एक दूसरे से आगे निकलने की प्रतिस्पर्धा इस कदर हावी है कि लोगों को अपना पराया नहीं सूझता,मार काट मची है।इस होंड़ में जो लोग उच्…

Started by विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी

0 Feb 25, 2012

सावधान: खाद्य पदार्थों में सूअर की चर्बी Posted by sanjiv verma 'salil'

सावधान: खाद्य पदार्थों में सूअर की चर्बी  "Lays चिप्स के पैकेट में जोE631 लिखा है वह दर असल सूअरकी चर्बी है। चाहो तो गूगल पर देख लो।''   गब…

Started by sanjiv verma 'salil'

0 Oct 11, 2011

आखिर कब कुछ अमीर अमीर बनेगेँ?

भारत एक गरीबोँ का अमीर देश है। यहाँ अधिकांश लोग गरीब है । जिनके पास कुछ नहीँ है वो तो गरीब है ही पर कुछ लोग जो गरीबी रेखा से बहुत ऊपर होगेँ…

Started by रवि बेक

0 Mar 5, 2011

कँवारी - अमृता प्रीतम

मैंने जब तेरी सेज पर पैर रखा था मैं एक नहीं थी - दो थी एक समूची ब्याही - और एक समूची कँवारी तेरे भोग की खातिर मुझे उस कँवारी को क़त्ल करना…

Started by Pankaj Trivedi

1 Nov 11, 2010
Reply by Rector Kathuria

बच्चो के पालन पोषण की समस्या

आज के समय में पैसा एक अहम् भूमिका निभा रहा है.आज संबिधान में में स्त्री पुरुष दोनों को ही सामान अधिकार दिया जा रहा है .आज जब स्त्रीयां शिक…

Started by Ratnesh Raman Pathak

0 Oct 9, 2010

दादाजी और पौत्र - पंकज त्रिवेदी

दादाजी और पौत्र का संबंध होता है निर्दोष और पारदर्शक | सामान उम्र के दोस्तों जैसा ! पौत्र अपने पिता से ज्यादा दादाजी के साथ रहता है, खेलता…

Started by Pankaj Trivedi

0 Sep 28, 2010

पर्यटन दिवस विशेष ( श्रीमती जया शर्मा )

(आदरणीया जया शर्मा द्वारा प्राप्त लेख हुबहू पोस्ट किया जा रहा है) भारत की हृदय स्थली मध्यप्रदेश, भारत के ठीक मध्य में स्थित है। अधिकतर पठा…

Started by Admin

1 Sep 28, 2010
Reply by Pankaj Trivedi

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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . क्रोध

दोहा पंचक. . . . क्रोधमानव हरदम क्रोध में, लेता है प्रतिशोध ।सही गलत का फिर उसे, कब रहता है बोध…See More
52 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . शृंगार
"आदरणीय जी भविष्य के लिए  स्पष्ट हुआ ।हार्दिक आभार आदरणीय जी "
19 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .दीपावली
"आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी सृजन की समीक्षात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभार । इंगित बिन्दुओं का भविष्य…"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ * ता-उम्र जिसने सत्य को देखा नहीं कभी मत उसको बोल पक्ष में बोला नहीं…See More
20 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कुर्सी जिसे भी सौंप दो बदलेगा कुछ नहीं-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, इस गजल को अभी तनिक और समय दिया जाना था.  सादर  "
22 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .दीपावली
"आदरणीय सुशील सरना जी,  दीप जले हर द्वार पर, जग में हो उजियार ...       …"
22 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी,  तीर्थ जाना  हो  गया है सैर जबभक्ति का यूँ भाव जाता तैर…"
22 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . शृंगार
"किसने कहा छंद स्वर आधारित 'ही' हैं। तब तो शब्दों के अशुद्ध उच्चारण करने वाले छांदसिक…"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . शृंगार
"आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी सृजन पर आपकी समीक्षात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभार । स्पर्शों में…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"आदरणीय विजय निकोर जी, एक अरसे बाद आपकी कोई रचना पढ़ रहा हूँ. एकान्त और अकेलापन के बीच के अन्तर को…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . शृंगार
"बात हुई कुछ इस तरह,  उनसे मेरी यार ।सिरहाने खामोशियाँ, टूटी सौ- सौ बार ।। ............ क्या…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"इस स्नेहिल अनुमोदन हेतु हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी. "
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