For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सामाजिक सरोकार Discussions (89)

← Back to सामाजिक सरोकार
Discussions Replies Latest Activity

भ्रष्टाचार और सिविल सोसाइटी से उम्मीद

आजकल भ्रष्टाचार देश में बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है जिस पर अंकुश लगाना बहुत ही कठिन साबित हो रहा है .ऐसे में राजनेताओं ,विद्वानों ,वकालत ,…

Started by Ajay Singh

0 May 31, 2012

सिंग्ल पैरेन्टस और बच्चों की परवरिश

सिंग्ल पैरेन्टस और बच्चों की परवरिश   चार दिवारी से मकान बनता है और उसमें रहने वाले लोंगों के आपसी प्रेम, सम्पर्ण, और सद्भावनाओं से एक मकान…

Started by Monika Jain

6 May 2, 2012
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

कैसे होगा दूर अँधेरा जब…

अभी चलना है बाकी, रास्ते को मंजिल मान लूं कैसे तुम ही बताओ, मैं कातिल को मसीहा मान लूं कैसे चारों तरफ फैला है अंधेरा, मैं रात को दिन मान लू…

Started by Harish Bhatt

2 Mar 11, 2012
Reply by rajesh kumari

विषुवतीय वृक्ष

(आज संसार में एक दूसरे से आगे निकलने की प्रतिस्पर्धा इस कदर हावी है कि लोगों को अपना पराया नहीं सूझता,मार काट मची है।इस होंड़ में जो लोग उच्…

Started by विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी

0 Feb 25, 2012

सावधान: खाद्य पदार्थों में सूअर की चर्बी Posted by sanjiv verma 'salil'

सावधान: खाद्य पदार्थों में सूअर की चर्बी  "Lays चिप्स के पैकेट में जोE631 लिखा है वह दर असल सूअरकी चर्बी है। चाहो तो गूगल पर देख लो।''   गब…

Started by sanjiv verma 'salil'

0 Oct 11, 2011

आखिर कब कुछ अमीर अमीर बनेगेँ?

भारत एक गरीबोँ का अमीर देश है। यहाँ अधिकांश लोग गरीब है । जिनके पास कुछ नहीँ है वो तो गरीब है ही पर कुछ लोग जो गरीबी रेखा से बहुत ऊपर होगेँ…

Started by रवि बेक

0 Mar 5, 2011

कँवारी - अमृता प्रीतम

मैंने जब तेरी सेज पर पैर रखा था मैं एक नहीं थी - दो थी एक समूची ब्याही - और एक समूची कँवारी तेरे भोग की खातिर मुझे उस कँवारी को क़त्ल करना…

Started by Pankaj Trivedi

1 Nov 11, 2010
Reply by Rector Kathuria

बच्चो के पालन पोषण की समस्या

आज के समय में पैसा एक अहम् भूमिका निभा रहा है.आज संबिधान में में स्त्री पुरुष दोनों को ही सामान अधिकार दिया जा रहा है .आज जब स्त्रीयां शिक…

Started by Ratnesh Raman Pathak

0 Oct 9, 2010

दादाजी और पौत्र - पंकज त्रिवेदी

दादाजी और पौत्र का संबंध होता है निर्दोष और पारदर्शक | सामान उम्र के दोस्तों जैसा ! पौत्र अपने पिता से ज्यादा दादाजी के साथ रहता है, खेलता…

Started by Pankaj Trivedi

0 Sep 28, 2010

पर्यटन दिवस विशेष ( श्रीमती जया शर्मा )

(आदरणीया जया शर्मा द्वारा प्राप्त लेख हुबहू पोस्ट किया जा रहा है) भारत की हृदय स्थली मध्यप्रदेश, भारत के ठीक मध्य में स्थित है। अधिकतर पठा…

Started by Admin

1 Sep 28, 2010
Reply by Pankaj Trivedi

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
23 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service