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सामाजिक सरोकार Discussions (89)

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मीडिया को सुधरना होगा .

मीडिया को सुधरना होगा . ''सरकार को जाँच पूरी होने तक जी न्यूज़ का लाइसेंस निलंबित कर देना चाहिए ''प्रैस कौंसिल ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष जस्टिस म…

Started by shalini kaushik

0 Nov 30, 2012

सदस्य टीम प्रबंधन

क्यों ज़रूरी है व्यक्तित्व निर्माण ? ( क्रमांक-१)

क्या होता है व्यक्तित्व किसी व्यक्ति विशेष का सम्पूर्ण चरित्र उसके व्यवहार द्वारा ही प्रस्तुत होता है, अतः समुच्चय में व्यक्तित्व हमारे चरि…

Started by Dr.Prachi Singh

3 Nov 29, 2012
Reply by विजय मिश्र

सज़ा-ए-मौत

  सज़ा-ए-मौत   यू० पी० की तरह अब हरियाणा में  दौर चल पड़ा रेप का समझ नहीं आता यारो अब क्या  होगा इस देश का नेता आरोप, प्रतिरोप लगाते उनका त…

Started by Deepak Sharma Kuluvi

2 Oct 12, 2012
Reply by Deepak Sharma Kuluvi

सैंपल फेल

सैंपल फेल रामदेव ट्रस्‍ट के फूड प्रॉडक्ट्स के कई सैंपल फेल पानी में रहकर मगर से बैर का यह है अनोखा खेल कह नहीं सकते इस कलयुग में कुछ भी हो…

Started by Deepak Sharma Kuluvi

0 Sep 26, 2012

सभ्य समाज का घिनौना चेहरा

किस समाज में हम रह रहे है ???? क्या हम इस समाज को विकसित और सभ्य कह सकते है ??? ये तो रोज ही घटित हो रहा है समाज में | कहाँ रोक पा रही है ल…

Started by दिव्या

1 Jul 16, 2012
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

घोटाले का टी -२०

घोटाले की   टी-२० टीम  ने     अच्छा खेल दिखाया है . किसी ने  अर्ध शतक मारा है  , तो किसी ने शतक लगाया है .            लालू जी तो ओपनिंग में…

Started by Ajay Singh

0 Jun 17, 2012

- - - हमारे नेताओं की जुबानी - - -

इस सरकार  ने बहुत लूट लिया अब हमें इक मौका दो ,इनकी कसर पूरी करने हम तैयार बैठे हैं.. अन्ना जी भ्रष्टाचार का एक पेड़ तो उखाड़ो  दस और पेड़…

Started by Ajay Singh

0 Jun 17, 2012

पारदर्शिता और जन नेताओ की मानसिकता

       पारदर्शिता  और जन नेताओ की मानसिकता  पारदर्शिता तो घर,परिवार, रिशते-नाते, मित्रों, और पडौसियों के साथ भी  व्यवहार में पारदर्शिता मान…

Started by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

0 Jun 16, 2012

पारदर्शिता

                                   सामान्य शीशा कुछ नहीं छुपाता जो जैसा है वैसा ही दिखाता है.देखने वाले के मन में उस द्रश्य के प्रति कोई सं…

Started by Ashok Kumar Raktale

0 Jun 16, 2012

समय और क्रांति

....

Started by Ajay Singh

1 Jun 2, 2012
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

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"   हमारे बिना यह सियासत कहाँजवाबों में हम हैं सवालों में हम।३।... विडम्बना…"
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"  आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल पर उत्साहवर्धन के लिए आपका दिल से शुक्रिया.…"
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"   आदरणीय भाई लक्षमण धामी जी सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
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"वाह बहुत सुंदर प्रस्तुति हुई है आदरणीय लक्ष्मण धामी जी । हार्दिक बधाई "
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"वाहहहहहह आदरणीय क्या ग़ज़ल हुई है हर शे'र पर वाह निकलती है । दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन।बहुत सुंदर समसामयिक गजल हुई है। बहुत बहुत हार्दिक बधाई।"
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

ग़ज़ल

   ग़ज़ल2122  2122  212 कितने काँटे कितने कंकर हो गयेहर  गली  जैसे  सुख़नवर हो गये रास्तों  पर …See More
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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . क्रोध

दोहा पंचक. . . . क्रोधमानव हरदम क्रोध में, लेता है प्रतिशोध ।सही गलत का फिर उसे, कब रहता है बोध…See More
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