For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

धार्मिक साहित्य Discussions (168)

← Back to धार्मिक साहित्य
Discussions Replies Latest Activity

१२ सदाशिव ज्योतिर्लिंगों का सक्षिप्त वर्णन

  १२   सदाशिव ज्योतिर्लिंगों का सक्षिप्त वर्णन कैलाश पर्वत पर भगवन शिव और पार्वती निवास करते है |इसलिए यह  अति पवित्र स्थान माना जाता है…

Started by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

0 Apr 21, 2012

धर्म एक बस अग्नि धर्म है/जो आवे सो क्षार|

आज पहली बार मैंने इस मंच पर भी अपनी प्रवृत्ति के अनुरूप चर्चा करने का विचार किया है|वर्तमान समय में सनातन मूल्यों में स्खलन चरम पर है|वैदिक…

Started by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

6 Apr 10, 2012
Reply by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

लंका दहन किसके द्वारा

अयोध्या में जानकी घाट मंदिर के श्री वेदान्तीजी महाराज द्वारा सद्गुरु भवन,जयपुर में हनुमत कथा में दिए प्रवर्चन के अनुसार बजरंग बलि हनुमानजी …

Started by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

0 Mar 30, 2012

तुमको शत शत नमन मेरा ,

सब के दुखड़े हरने वाले , तुमको शत शत नमन मेरा , तू हैं सब कुछ जानने वाला , नहीं देखता दर्द क्यों मेरा, सब के दुखड़े हरने वाले , तुमको शत शत…

Started by Rash Bihari Ravi

0 Mar 29, 2012

सदस्य कार्यकारिणी

ॐ भूर भुवः स्वः ||

जैसे अंखियन नीर बिनु,जैसे धेनु क्षीर बिनु  जैसे भोजन खीर बिनु,जैसे होली अबीर बिनु  तैसे जीवन धीर बिनु || जैसे धरणी मेह बिनु ,जैसे मानव गेह…

Started by rajesh kumari

0 Mar 14, 2012

चहल्लम शरीफ के मुबारक मौके पर नजर हजरत इमाम हुसैन

साक़ी भी है हुसैन के कौसर हुसैन का ! मोहताज है हर एक समंदर हुसैन का !! दोशे मुबरिका पे बिठाते थे खुद हुज़ूर ! रखते थे कितना ध्यान पयम्बर ह…

Started by Hilal Badayuni

1 Jan 14, 2012
Reply by Saurabh Pandey

मै देता हूँ दुःख को बधाई |

यह सच है कि दुःख में इंसान भगवान् को सच्चे मन से याद करता है इसीलिए द्रोपदी ने एक बार कृष्ण से अपने लिए दुःख का वरदान माँगा था ताकि हे कृष्…

Started by Mukesh Kumar Saxena

0 Jan 5, 2012

अंतर्घट

महोदय यह लेख मेरे अपने ब्लॉग अंतर्घट पर प्रकाशित है. मगर क्योंकि एक तो यह लेख तथ्यपरक है और दूसरे यह लेख मेरे आगे के लेखों में भूमिका का क…

Started by Mukesh Kumar Saxena

0 Jan 5, 2012

संत वाणी 1 ( श्री रामकृष्ण परमहंस )

संत वाणी  अवतार या अवतार के अंश को ईश्वरकोटि कहते हैं और साधारण लोगों को जीवकोटि ! जो जीवकोटि के हैं, वे साधनाएँ करके ईश्वर का लाभ प्राप्त…

Started by Rash Bihari Ravi

3 Sep 15, 2011
Reply by Saurabh Pandey

विनय करूँ प्रभु श्री गणेश जी ! ..संजीव 'सलिल'

ॐ गणेश भजन : --संजीव 'सलिल विनय करूँ प्रभु श्री गणेश जी! विघ्न करो सब दूर हमारे... * सत-शिव-सुन्दर हम रच पायें, निज वाणी से नित सच गायें. अ…

Started by sanjiv verma 'salil'

0 Sep 2, 2011

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
22 minutes ago
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Saturday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Thursday
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

बरसात

बरसात घन गरजे अंधियारी छाई,बिजली अम्बर पर इठलाई  बूँदें टपकी टप-टप भाईरिमझिम रिमझिम बारिश आई पत्ते…See More
Jul 5
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"Dear respected Admin team: A few minutes ago, I typed my suggestion, but lost it all before it was…"
Jul 5

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service