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मुख्य प्रबंधक भोजपुरी लघुकथा : मन्थरा (गणेश जी बागी)गवना के एक साल बाद गोदी मे चान नियन बेटी लेके रूपा पहिला हाली नईहर आइल बाड़ी, घर मे तेवहार जइसन माहौल बा, अँगना मे घर के सभे लोग उनुका के घ… Started by Er. Ganesh Jee "Bagi" |
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Mar 12, 2014 Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi" |
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मुख्य प्रबंधक बात जवन भुलाला ना (सरस्वती पूजा पर विशेष)बोल बोल कागा, तोरे सगुनवा नीक लागा ..... चिकनी चमेली आ फेविकोल के बीचे जब "कागा" सुनाइल त हम अपना के रोक ना सकनी आ टेक्टर पर छोट-छोट लइकन… Started by Er. Ganesh Jee "Bagi" |
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Feb 5, 2014 Reply by Shyam Narain Verma |
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सदस्य टीम प्रबंधन दशहरा : भोजपुरी दोहे // -- सौरभजोन्ही भर के जोर पर, चिहुँकल छनकि अन्हार ढिबरी भर के आस ले, मनवाँ सबुर सम्हार रहि-रहि मन अकुतात बा, दुअरा लखन-लकीर सीता सहमसु चूल्हि… Started by Saurabh Pandey |
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Feb 2, 2014 Reply by Dr. Anil Mishra |
बिना माई के ई संसार ना चली ।बिना माई के ई संसार ना चली । कइसे कहल बबुआ , तोहरा से भार ना चली । बड़ कइनी तोहरा के दुधवा पीयाके । छाती से लगा के रखनी दुखवा भुलाके ।… Started by Shyam Narain Verma |
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लहरे तिरंगा झंडा अपना देश के शान |लहरे तिरंगा झंडा अपना देश के शान | आजादी के चाहत में केतने दिहले जान | स्वतंता संग्राम के देख दर्द भरी कहानी | भेद … Started by Shyam Narain Verma |
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Dec 1, 2013 Reply by Neelam Upadhyaya |
हाथे मेंहदीहाथे मेंहदी चूड़ी कगनावा, पांवे पइलीया डारी के चलली गोरी पिया संगवा, नईहर नगरीया छोरी के, माई रोवे, बाबू रोवे रोवे दुलरा भ… Started by Akhand Gahmari |
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Nov 26, 2013 Reply by Shyam Narain Verma |
सुन शहरी बाबू जा देख गाँव के नज़ारा |सुन शहरी बाबू जा देख गाँव के नज़ारा | देखि बताव कईसे होई तोहार गुज़ारा | पहिरेल रंग विरंगे ही नया परिधान | शह… Started by Shyam Narain Verma |
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Nov 8, 2013 Reply by Meena Pathak |
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मुख्य प्रबंधक भोजपुरी हास्य घनाक्षरीछंद विधा : घनाक्षरी छंद प्रकार : वर्णिक विधान : [4 x (8+8+8+7)] **** सात साल के छोटुआ, माने नहीं आवऽत बा गारी पारि-पारि देखs, मास्टरे… Started by Er. Ganesh Jee "Bagi" |
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Nov 8, 2013 Reply by Meena Pathak |
सावनी गीतसावनी गीत सावन क आयल महीनवा हो हियरा हुलसाईल चनवा क जईसे चननिया हो अड.गना उतराईल ! १ – पण्डित पाहुन अग… Started by mrs manjari pandey |
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Oct 18, 2013 Reply by रामनाथ 'शोधार्थी' |
उपदेश बतावेलनगुरु के बिना सबके संसार बा अधूरा । जबे मीलिहें गुरुजी हो जाई पूरा । अँगूरी पकड़ी लिखे पढ़े सिखावेलन , मीठी बतिया से दिल बहलावेलन । सब के… Started by Shyam Narain Verma |
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Oct 4, 2013 Reply by Saurabh Pandey |
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