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भाई हो हम आ गईनी ,गरीबन से करेलन प्यार , हाउअन यारान के यार , इनके देखते भागे बवाल , भाई हो देखा आ गईले , इ आपन भूचाल , सुख आउर समब्रिधि चारू ओर , भाई चारा… Started by Rash Bihari Ravi |
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Sep 16, 2010 Reply by Rash Bihari Ravi |
नोकरानी मति रखिहs,भाई तोहर नाम बा, नोकरानी मति रखिह , नोकरानी रखिह, त घरनी मत छोरिहा , भाई तोहर नाम बा, नोकरानी मति रखिह , आगे पीछे ओकर इतिहास पाहिले देखिह ,… Started by Rash Bihari Ravi |
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Sep 14, 2010 Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi" |
Meri Rachna Bhojpuri mainStarted by Subodh kumar |
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Sep 14, 2010 Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi" |
कहना मानदूर-दूर तक ले जंगल के विस्तार रहे । जहाँ तक ले नजर परे हरियालिये हरियाली लउकत रहे । एकरे बीच में अपना हरिणी माई के गर्भ से ऊ सु्न्दर छौना ज… Started by Neelam Upadhyaya |
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Sep 9, 2010 Reply by आशीष यादव |
ई भोजपुरी के 'उत्थान' बा की 'पतन'आज सब जानत बा की भोजपुरी कवन तरह से फईलत बा| . आज जहाँ कुछ लोग भोजपुरी के उठान में आपन जी-जान लगा दिहलें बाटे उहवे कुछ 'करता'-'धर्ता' लोग ए… Started by आशीष यादव |
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Sep 4, 2010 Reply by sandeep kumaar kushwaha |
का आइसन अपराध के छमा कईल जा सकेला रुआ लोग आपान बिचार दी ,आज सुबेरे सुबेरे हमरा लगे दिलीप गिरी जी के फोने आइल हा जे महुआ के बिउरो चीफ बानी कोलकता में उहा के सवाल रहुये की भोजपुरी के नाम पर इ का होत… Started by Rash Bihari Ravi |
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Sep 3, 2010 Reply by pankaj jha |
बाबूजी रहती ता का कहती , (ek purana kavita)बाबूजी रहती ता का कहती , इ सवाल हमारा मन में बार बार आवत बा , बात ओ बेर के हा जब हम पढ़त रहनी , स्कुल छोर के खुबे सिनेमा देखत रहनी , केहू क… Started by Rash Bihari Ravi |
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Sep 2, 2010 Reply by Shakur Khan |
उ जमाना इयाद बा तोहर बन ठन के आइल इयाद बा ,उ जमाना इयाद बा तोहर बन ठन के आइल इयाद बा , ना कटत रहे समय हमरा बिन इ तोहर कहल इयाद बा , साझ के मिलल हो जात रहे रात अइसही बातो में , ना ला… Started by Rash Bihari Ravi |
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Sep 1, 2010 Reply by Deepak Sharma Kuluvi |
"उ प्यार कहाँ से ले आई"उ प्यार कहाँ से ले आई , जे से तोहके आपन बनाई उ बंधन कहाँ से ले आई , जे से तोहके बाँध पाई उ सपना कहाँ से ले आई, जे मे तोहार दरश पाई उ दुन… Started by Raju |
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Sep 1, 2010 Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi" |
तिकड़ी का बदलासुरी कुआं भीरी खड़ा बा ...केहू के आवे के इंतज़ार हो रहल बा ..हेने होने लगातार देख रहल बा ...निचे देखलस इनार में ,सुखाल इनार जौना में बहारण… Started by ritesh singh |
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Aug 31, 2010 Reply by Rash Bihari Ravi |
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