For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

Views: 79172

Reply to This

Replies to This Discussion

आदरणीय समर जी, आपका आपरेशन सफल हो और आप शीघ्र स्वस्थ्य हो यही कामना है। सादर।

हार्दिक धन्यवाद भाई मिथिलेश जी ।

आज मै बहुत समय के उपरान्त ओ बी ओ पर आ सका हूँ, क्यूँ ?..यह मैं अलग से बताऊँगा। अभी तो प्रिय समर कबीर जी को सादर प्रणाम देकर कहना है कि उपरोक्त समाचार पढ़ कर चिन्ता भी हुई और राहत भी मिली ... राहत इसलिए कि समर जी, आप काफ़ी समय से आँख की इस दशा से गुज़र रहे थे, और अब मेरी उमीद बनी कि शायद इस आपरेशन से आपको सुख मिले... यही मेरी दुआ है, मेरी प्रबल दुआ है आपके लिए। आशा है कि आप आँख के अब सही होने का समाचार ३० मार्च के बाद जल्दी देंगे।
सस्नेह और सा्दर,

विजय निकोर

प्रिय भाई विजय निकोर जी आदाब, आपकी महब्बतों को सलाम, मैं भी नवम्बर माह से ही ओबीओ पर कम ही आ पाया, नवम्बर में बाईं आँख का मोतिया बिंद का ऑपरेशन हुआ, 5 मार्च को दाईं आँख का भी ऑपरेशन हो गया लेकिन ऑपरेशन के बाद भी मेरी समस्या जैसी पहले थी वही आज भी है,बल्कि एक दो समस्याएँ और पैदा हो गईं, मसलन बाईं आँख में पढ़ने लिखने से पानी आ जाता है, 26 मार्च को इंदौर जाकर तीन बड़े डॉक्टरों को दिखाया उन्होंने कई जाँचें करने के बाद बताया कि ब्लेक ग्लूकोमा और बढ़ गया है और इसका इलाज किसी के पास नहीं है, आँख में पानी आ जाने के लिए दवा दी है, जो ले रहा हूँ, इसके बावजूद अब ओबीओ पर पहले की तरह सक्रिय रहने का प्रयास रहेगा ।

शीघ्र स्वस्थ हों, आदरणीय समर साहब. 

शुभातिशुभ

बहुत शुक्रिय: भाई ।

प्रिय मित्रगण। प्रणाम और आदाब।

मैं आज बहुत ही समय के बाद ओ बी ओ पर आ पाया हूँ। नवम्बर में आचनक डाक्टरों ने समाचार दिया कि हार्ट- वाल्व की लीक mild से severe हो गई है, और कहा कि open heart surgery करनी होगी। मेरी इस आयु में ऐसी बड़ी सरजरी के लिए मेरा परिवार तैयार नहीं था। अत: नवम्बर से अभी गत सप्ताह तक बहुत टेस्ट चलते रहे.. because of increased shortness of breath, lack of stamina and energy, और इतने  टेस्ट के अन्तर्गत डाक्टरॊं को लगा कि शायद कहीं पर blood clot भी है... तो फिर उसके लिए कई और टेस्ट शूरू हो गए।  पाँच C T  Scan के बाद भी अभी तक पता नहीं चला कि यदि blood clot है तो कहाँ पर है। डाक्टर अब हर ३ माह के बाद टेस्ट दुहराते रहेंगें, यही जानने के लिए कि क्या परिवर्तन आ रहे हैं heart condition में और blood clot के chemical markers में।
२०१३ से ओ बी ओ के साथ जुड़ जाने के बाद यह पहली बार है कि मैं इतने महीनों से यहाँ न आ सका।  मुझको बहुत ही अच्छा लगा कि मैं आज यहाँ अपने प्रिय ओ बी ओ परिवार के पास पुन: आया हूँ... और आशा है कि आपकी दुआओं से मैं यहाँ आता रहूँगा।

सादर और सस्नेह।

विजय निकोर      

आपकी उपस्थिति से पटल पर जो सात्विक आनन्द का वातावरण बनेगा, उसे सोच कर ही, आदरणीय, मन पुलकित है. आप सुझावों के अनुसार स्वास्थ्य लाभ करें. यह अवश्य है कि साहित्य का सर्वसमावेशी स्वरूप तथा आध्यात्मजनित सचेतपन आपके किंचित क्लिष्ट वर्तमानकाल को सहज, सरस तथा सप्रवाह रख आपको निर्मल आनन्द से आप्लावित रखेगा. 

आप पुन: स्वस्थ और ऊर्जस्वी हो कर साहित्य-प्रयासों को निरंतर करें.

जीवेत् शरद: शतम् !

शुभातिशुभ

प्रिय भाई विजय निकोर जी आदाब, आपकी बीमारी के बारे में जानकर परेशान हूँ,और ये देख कर प्रसन्न भी हूँ कि आप आज कल ओबीओ पर पुनः सक्रिय हैं, मैं दुआ गो हूँ कि आप जल्द पूरी तरह स्वस्थ हों ।

मुहतरम समर कबीर साहिब और जनाब विजय निकोर जी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। 

अहा ! अहा !! .. अपना अद्वितीय मंच ओपन बुक्स ऑनलाइन, ओबीओ, आज बारहवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. 

सभी सुधी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं अशेष बधाइयाँ

शुभातिशुभ

सभी मित्रों को बधाई व शुभकामनाएँ

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आ. भाई सुशील जी , सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहा मुक्तक रचित हुए हैं। हार्दिक बधाई। "
12 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय अजय गुप्ताअजेय जी, रूपमाला छंद में निबद्ध आपकी रचना का स्वागत है। आपने आम पाठक के लिए विधान…"
16 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय जी ।सृजन समृद्ध हुआ…"
17 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । आपका संशय और सुझाव उत्तम है । इसके लिए…"
17 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आयोजन में आपकी दूसरी प्रस्तुति का स्वागत है। हर दोहा आरंभ-अंत की…"
18 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आपने दोहा मुक्तक के माध्यम से शीर्षक को क्या ही खूब निभाया है ! एक-एक…"
18 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२१२२/२१२२/२१२ **** तीर्थ  जाना  हो  गया  है सैर जब भक्ति का हर भाव जाता तैर जब।१। * देवता…See More
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"अंत या आरंभ  --------------- ऋषि-मुनि, दरवेश ज्ञानी, कह गए सब संतहो गया आरंभ जिसका, है अटल…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा पंचक  . . . आरम्भ/अंत अंत सदा  आरम्भ का, देता कष्ट  अनेक ।हरती यही विडम्बना ,…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा मुक्तक. . . . . आदि-अन्त के मध्य में, चलती जीवन रेख ।साँसों के अभिलेख को, देख सके तो देख…"
yesterday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सुशील जी। आप से मिली सराहना बह्त सुखदायक है। आपका हार्दिक आभार।"
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
Wednesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service