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डॉ छोटेलाल सिंह
  • Varanasi, Uttar Pradesh
  • India
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डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"अच्छा भाव पिरोया है आपने वाह दिल से बधाई क़ुबूल कीजिए"
Feb 26
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"बहुत ही बेहतरीन गजल वाह दिली मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए"
Feb 26
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी बहुत ही उम्दा गजल वाह दिली मुबारकबाद कुबूल कीजिए"
Feb 26
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-123
"नई सुबह नई सुबह लेकर आयी है, जीवन में खुशहालीदीपित हो विस्तीर्ण जगत ये, झूम रही हर डालीअमल-कमल दल सुरभित होते, दिनकर के आने सेहास-हुलास मधुप सब करते, गुन- गुन-गुन गाने से अवनि और अम्बर चहुँ दिशि में, अमंद किरणें छायींनव पराग नित भरकर कलियाँ, रस…"
Jan 10
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-123
"आदरणीय दयाराम मथानी जी सादर अभिवादन एक से बढ़कर एक शानदार मुक्तक पढ़कर मन आह्लादित हुआ सादर बधाई कुबूल कीजिए"
Jan 10
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-123
"आदरणीया प्रतिभा पंडे जी सादर प्रणाम बहुत ही आकर्षक मुक्तक जीवन्त भाव वाह बधाई कुबूल कीजिए"
Jan 10
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-123
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन सुंदर सन्देशप्रद दोहावली पढ़कर मन झूम उठा सादर बधाई कुबूल कीजिए"
Jan 10
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया पतिभा पंडे जी बहुत बेहतरीन रचना के लिए सादर बधाई"
Dec 20, 2020
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय मुकुल कुमार जी चित्रानुरूप बहुत बेहतरीन रचना के लिए बधाई"
Dec 20, 2020
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"उत्साहवर्धन के लिए दिल से आभार आदरणीय"
Dec 20, 2020
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय रक्ताले साहब सादर अभिवादन ,चित्रानुरूप बेहतरीन गीतिका छंद पढ़कर मन प्रसन्न हो गया ,आपको दिल से बधाई "
Dec 20, 2020
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक रक्ताले साहब सादर अभिवादन उत्साहवर्धन और ध्यानाकर्षण के लिए आपका हृदय से आभार,इसे पुनः सुधारने की कोशिश करता हूँ "
Dec 20, 2020
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"गीतिका छंद घाटियों में दृश्य अनुपम छा गयास्वर्ग मानों इस धरा पर आ गया हर तरफ़ लावण्यता है शिर्ष परइंद्रधनुषी रंग मन को भा गया रश्मियाँ नर्तन करें भू लोक परमंजु मधुवन प्यार का सरसा गया हर तरफ़ छवि-जाल ज्योतित हो रहीभूप दिनकर धूप से नहला गया ईश…"
Dec 20, 2020
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"चित्रानुरूप सुंदर शब्द चयन के साथ बहुत ही आकर्षक पंक्तियाँ सृजित की आपने दिल से बधाई"
Dec 20, 2020
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-122
"बेहतरीन हाइकु के लिए सादर बधाई"
Dec 13, 2020
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-122
"अन्नदाता काँप रहा भारत का वैभव, देखो अत्याचारों सेकृषक विचारे कुपित हुए हैं,इन ज़ुल्मी सरकारों सेविकल हुआ मन हर किसान का सदा क्रूर व्यवहारों सेदिग्मण्डल कम्पित होता है, जुल्म विरोधी नारों से। बलाक्रान्त हैं भ्रांत सभी जन, हुक्मरान के घातों सेगरल…"
Dec 13, 2020

Profile Information

Gender
Male
City State
Varanasi
Native Place
Varanasi
Profession
Teacher
About me
I am a hindi lecturer in karra intercollege Jaunpur Uttar Pradesh

डॉ छोटेलाल सिंह's Blog

परम पावनी गंगा

चन्द्रलोक की सारी सुषमा, आज लुप्त हो जाती है।

लोल लहर की सुरम्य आभा, कचरों में खो जाती है

चाँदी जैसी चंचल लहरें, अब कब पुलकित होती हैं

देख दुर्दशा माँ गंगा की, हरपल आँखे रोती हैं।

बस कागज पर निर्मल होती, मीठी-मीठी बातों से।

कल्पनीय चपला जस शोभित, होती हैं सौगातों से।

व्यथित सदा ही गंगा होती, मानव के संतापों से।

फिर कैसे वह मुक्त करेगी, उसे भयंकर पापों से।

एक समय था गंगा लहरें, उज्ज्वल रूप दिखाती थी।

धवल मनोहर रात चाँदनी, गंगा…

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Posted on June 1, 2020 at 5:45pm — 5 Comments

श्रमजीवी

श्रमिक दिवस पर श्रमजीवी को आओ शीश झुकाएँ।

बलाक्रान्त शोषित निर्बल को मिलकर सभी बचाएँ।

दुरित दैन्य दुख झेल रहे हैं

सदा मौत से खेल रहे हैं।

तृषा तपन पावस तुसार सह

जीवन नौका ठेल रहे हैं।

हर सुख से जो सदा विमुख हो उस पर बलि-बलि जाएँ।

निर्मित जो करता नवयुग तन,उसे नहीं ठुकराएँ।

आजीवन कटु गरल पी रहे

दुर्धर जीवन सभी जी रहे।

हाँफ-हाँफ कर विदीर्ण दामन

जीने के हित सदा सी रहे।

कर्म निरत गुरु गहन श्रमिक…

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Posted on May 1, 2020 at 11:30am — 8 Comments

नव विहान (नवगीत)

नव विहान का गीत मनोहर गाता चल।

जीवन में मुस्काता चल।।

मन मराल को कभी मनोहत मत करना ।

हो कण्टक परिविद्ध तनिक भी ना डरना।

गम को भूल सभी से नेह लगाता चल।

जीवन में मुस्काता चल।।

वैर भाव की ये खाई पट जाएगी।

वर्गभेद तम की बदली छँट जाएगी।

बनकर मयार मधुत्व रस छलकाता चल।

जीवन में मुस्काता चल।।

महदाशा रख मर्ष भाव अंतर्मन में

जानराय बन ओज जगाओ जनजन में।

हो भवितव्य पुनर्नव राह बनाता चल।

जीवन में मुस्काता…

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Posted on January 1, 2020 at 1:00pm — 8 Comments

आक्रोश

प्रतिदिन बढ़ता जा रहा, सामूहिक दुष्कर्म

क्रूर दरिन्दे भेड़िये, क्या जाने सत्कर्म।।1

जाएँ तो जाएँ किधर, चहुँ दिशि लूट खसोट

दानव सदा कुकर्म के, दिल पर करते चोट।।2

आये दिन ही राह में, होता अत्याचार।

छुपे हुए नर भेड़िये, करते रोज़ शिकार।।3

हवसी नर जो कर रहा, सारी सीमा पार।

सरेआम हैवान को, अब दो गोली मार।।4

शैतानों की चाल से, बढ़े रोज व्यभिचार।

रोम-रोम विचलित हुआ, सुनकर चीख पुकार।।5

खूनी पंजे कर रहे,…

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Posted on December 3, 2019 at 7:30am — 4 Comments

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At 11:31am on September 29, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय डॉ. छोटेलाल सिंह जी समय देकर ग़ज़ल तक आने का और हौसला अफ़जाई का बहुत बहुत शुक्रिया
At 1:24pm on August 16, 2019, TEJ VEER SINGH said…

जन्मदिन की हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ छोटे लाल सिंह जी।

 
 
 

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