For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

डॉ छोटेलाल सिंह
  • Varanasi, Uttar Pradesh
  • India
Share

डॉ छोटेलाल सिंह's Groups

 

डॉ छोटेलाल सिंह's Page

Latest Activity

डॉ छोटेलाल सिंह commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post जागो भाग्य विधाताओ
"आदरणीय बासुदेव शरण अग्रवाल जी बहुत अच्छी रचना के लिए हार्दिक शुभकामनाएं"
yesterday
डॉ छोटेलाल सिंह commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि)
"आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब बहुत ही बेहतरीन श्रद्धांजलि बधाई कुबूल कीजिए"
yesterday
डॉ छोटेलाल सिंह commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post जल रही दिलों में आग हम बुझाएँ किसलिए (३० )
"आदरणीय गहलोत साहब बहुत ही बेहतरीन गजल के लिए ढेरों बधाई"
yesterday
डॉ छोटेलाल सिंह commented on rakesh gupta's blog post चलो सरहद पे चलना है, वतन ने फिर बुलाया है
"आदरणीय राकेश गुप्ता जी शानदार धारदार कविता के लिए बहुत बधाई"
yesterday
डॉ छोटेलाल सिंह commented on Ganga Dhar Sharma 'Hindustan''s blog post भारत माता करे पुकार...
"आदरणीय गंगाधर शर्मा जी देशप्रेम से ओतप्रोत सुंदर रचना के लिए बहुत बहुत बधाई"
yesterday
डॉ छोटेलाल सिंह commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post कभी सदा-ए-दिल-ए-यार जो सुनी होती (३१)
"आदरणीय गहलोत साहब बेहतरीन गजल के लिए बहुत बहुत बधाई"
yesterday
डॉ छोटेलाल सिंह commented on Mohammed Arif's blog post कविता -तुम्हें मेरी फ़िक्र कहाँ है
"आदरणीय मो आरिफ साहब सुंदर भावों से सजी अच्छी कविता के लिए दिली मुबारकबाद कुबूल कीजिए"
yesterday
डॉ छोटेलाल सिंह commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post सन्त भूषण रविदास
"परमादरणीय समर साहब सादर अभिवादन आपके अनमोल उत्साह वर्धन से मन प्रसन्न हुआ दिल से शुक्रिया"
yesterday
Samar kabeer commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post सन्त भूषण रविदास
"जनाब डॉ. छोटेलाल सिंह जी आदाब,सन्त रविदास जी को समर्पित अच्छे दोहे लिखे आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday
डॉ छोटेलाल सिंह commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post सन्त भूषण रविदास
"भाई सुरेन्द्र जी आपका बहुत बहुत आभार"
Tuesday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post सन्त भूषण रविदास
"आद0 भैया डॉ छोटेलाल सिंह जी सादर अभिवादन। संत शिरोमणि रविदास जी को याद करती बेहतरीन दोहे पर बधाई आपको"
Tuesday
डॉ छोटेलाल सिंह posted a blog post

सन्त भूषण रविदास

गुंजित सब धरती गगन, जन-जन में उल्लास lदिग्दिगन्त झंकृत हुआ, जन्म लिए रविदास ll1दर्शनविद कवि सन्त को, नमन करूँ कर जोर lकीर्ति ध्वजा लहरा रही, कण-कण में चहुँ ओर ll2कर्मनिष्ठ प्रतिभा कुशल, सन्त श्रेष्ठ रविदास lज्ञानदीप ज्योतित किये, पूर्ण किये विश्वास ll3सकल सृष्टि वाहक बने, सन्त शान्ति के दूत lमुखमण्डल रवि तेज से, मिटा छूत का भूत ll4दुरित दैन्य अस्पृश्यता, जड़ से किए विनाश lसत्कर्मों के बल सदा , काटे दुर्गुण पाश ll5मन चंगा का भाव हो, तो कठवत में गंग lसन्त शिरोमणि प्यार से,सिखलायें गुण ढंग ll6सौम्य…See More
Tuesday
डॉ छोटेलाल सिंह commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post वतन का राग
"परमादरणीय समर साहब जी सादर अभिवादन आपका उत्साह वर्धन मेरे लिए बड़ी बात है ,दिल से आभार "
Tuesday
Samar kabeer commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post वतन का राग
"जनाब डर.छोटेलाल सिंह जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Tuesday
डॉ छोटेलाल सिंह posted a blog post

वतन का राग

व्यर्थ नहीं जाने देंगे हम ,वीरों की कुर्बानी को चढ़ सीने पर चूर करेंगे,दुश्मन की मनमानी को माफ नहीं हरगिज करना है, भीतर के गद्दारों को बनें विभीषण वैरी हित में,बुलन्द करते नारों को llअन्न देश का खाने वाले, दुर्जन के गुण गाते हैं जिस माटी में पले बढ़े हैं, उस पर बज्र गिराते हैं छिपे हुए कुलघाती जब ये, मिट्टी में मिल जाएंगे बचे सुधर्मी सरफरोश सब,राग वतन के गाएंगे llदेश कुकर्मी हठधर्मी को, कर देना बोटी बोटी उस भुजंग को कुचल मसल दो,जिसकी हो नियत खोटी अतलवितल वैरी नभतल में,अब भूचाल मचा दो ना खींचखींच…See More
Monday
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 94 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय राणा जी दिल से साधुवाद"
Sunday

Profile Information

Gender
Male
City State
Varanasi
Native Place
Varanasi
Profession
Teacher
About me
I am a hindi lecturer in karra intercollege Jaunpur Uttar Pradesh

डॉ छोटेलाल सिंह's Blog

सन्त भूषण रविदास

गुंजित सब धरती गगन, जन-जन में उल्लास l

दिग्दिगन्त झंकृत हुआ, जन्म लिए रविदास ll1

दर्शनविद कवि सन्त को, नमन करूँ कर जोर l

कीर्ति ध्वजा लहरा रही, कण-कण में चहुँ ओर ll2

कर्मनिष्ठ प्रतिभा कुशल, सन्त श्रेष्ठ रविदास l

ज्ञानदीप ज्योतित किये, पूर्ण किये विश्वास ll3

सकल सृष्टि वाहक बने, सन्त शान्ति के दूत l

मुखमण्डल रवि तेज से, मिटा छूत का भूत ll4

दुरित दैन्य अस्पृश्यता, जड़ से किए विनाश l

सत्कर्मों के बल सदा , काटे…

Continue

Posted on February 19, 2019 at 5:07pm — 4 Comments

वतन का राग

व्यर्थ नहीं जाने देंगे हम ,वीरों की कुर्बानी को

चढ़ सीने पर चूर करेंगे,दुश्मन की मनमानी को

माफ नहीं हरगिज करना है, भीतर के गद्दारों को

बनें विभीषण वैरी हित में,बुलन्द करते नारों को ll

अन्न देश का खाने वाले, दुर्जन के गुण गाते हैं

जिस माटी में पले बढ़े हैं, उस पर बज्र गिराते हैं

छिपे हुए कुलघाती जब ये, मिट्टी में मिल जाएंगे

बचे सुधर्मी सरफरोश सब,राग वतन के गाएंगे ll

देश कुकर्मी हठधर्मी को, कर देना बोटी बोटी

उस भुजंग को कुचल मसल…

Continue

Posted on February 18, 2019 at 12:00pm — 2 Comments

दोहे

दोहे

दीप जलाएं मौज से, रखें सदा ही ध्यान

आगजनी होवे नहीं, हरपल हो कल्यान ll 1

दीपों की लड़ियाँ जले, हो प्रकाश चहुँओर

ज्ञान पुंज से हर कहीं, होवें सभी विभोर ll 2

घोर तमस मन का मिटे, जीवन हो खुशहाल

भाई भाई सब मिले, कभी न रखें मलाल ll 3

जगमग दीपक सा बनें, तभी बनेगी बात

निरालम्ब को दीजिए, खुशियों की सौगात ll 4

तम आडम्बर का मिटे, मिटे अंधविश्वास

ज्योतिर्मय जग ये करें, दुख ना आये पास ll…

Continue

Posted on November 7, 2018 at 9:30pm — 8 Comments

लौहपुरुष

लौहपुरुष

( आल्हा-वीर छन्द )

लौहपुरुष की अनुपम गाथा,दिल से सुने सभी जन आज

दृढ़ चट्टानी हसरत वाले,बचा लिये भारत की लाज

धन्य हुई गुजराती गरिमा,जहाँ जन्म पाए सरदार

अखंड भारत बना गए जो,सदा करूँ उनकी जयकार

पिता झवेर लाडबा माता,की पटेल चौथी सन्तान

सन अट्ठारह सौ पचहत्तर,पैदा हुए हिन्द की शान

इकतीस अक्टूबर हिन्द में,हम सबका पावन दिन खास

भारतरत्न हिन्द की हस्ती,कण कण को आ किये उजास

खेड़ा जनपद गाँव करमसद,लेवा कृषक एक…

Continue

Posted on October 31, 2018 at 1:05pm — 8 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 9:07am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"इस कदर फित्नो में उलझे कि ये हम भूल गएकिस तरफ चल पड़े हम, और किधर जाना था जनाब शिज्जु साहब उम्दा बात…"
56 seconds ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"यार,ख़ुशबू का मुक़द्दर ही यही है उसकोजिस तरफ़ लेके हवा जाए उधर जाना था...जनाब आसिफ ज़ैदी साहब उम्दा गज़ल…"
3 minutes ago
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"मोहतरम जनाब मिर्ज़ा जावेद बेग साहब आदाब ख़ूबसूरत ग़ज़ल की ढेर सारी मुबारकबाद क़ुबूल फ़रमाएं सादर"
24 minutes ago
rakesh gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आदरणीय कृपया मार्गदर्शन करते हुए इन्ही भावों को व्यक्त करते हुए गजल कैसे बन पाएगी बताएं।"
32 minutes ago
rakesh gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आदरणीय कबीर साहब, मैं मानता हूँ यह गजल के मापदंडों पर सम्भवतः यह खरी ना उतरे। आप लोग सिखाएंगे तो…"
41 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब राकेश गुप्ता जी आदाब,ग़ज़ल अभी बहुत समय चाहती है,बह्र,शिल्प,व्याकरण पर आपको अभी बहुत अभ्यास की…"
54 minutes ago
rakesh gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"अंतिम लाइन का पहला शब्द मुझको पड़ा जाए, मझको नही , टायपिंग मिस्टेक है। सादर"
54 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब आसिफ़ ज़ैदी साहिब आदाब,अच्छी ग़ज़ल कही आपने,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।"
59 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"अच्छा सुझाव है ।"
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"ऊला में 'उठकर' शब्द भर्ती का है,ऊला यूँ कर लें:- 'आप ने कह तो दिया है,मुझे घर जाना…"
1 hour ago
rakesh gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"तूने ठाना आदिल, तुझको उधर जाना था, उनकी चाहत थी, तुझको मर जाना था। ** पाले पत्थरबाज, होली खून की वो…"
1 hour ago
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"मोहतरम जनाब SHARIF AHMED QADRI "HASRAT" साहब आदाब बहुत ख़ूबसूरत अशआर, ग़ज़ल के लिए…"
1 hour ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service