For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Seema agrawal's Comments

Comment Wall (11 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:26pm on August 11, 2013, mrs manjari pandey said…

  धन्यवाद सीमा जी

At 5:18pm on May 4, 2013, यशोदा दिग्विजय अग्रवाल said…

शुभ संध्या सीमा दीदी
आभार
उपासना दीदी की कलम की कृति
औरतें होती है
नदिया सी
तरल पदार्थ की
तरह जन्म से ही
हर सांचे में रम
जाती है ...

सादर

At 5:12pm on April 5, 2013, vijayashree said…

सीमाजी      मंद मंद  मुस्कान ..............

                मधुर आपका गान .............

                नमन आपकी लेखनी को.......

                रहे यूँ ही आपकी शान ..........

 

At 11:52pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 11:43pm on February 22, 2013, Rohit Rusia said…

सीमा जी, बहुत धन्यवाद और आभार आपका.......इस समूह से मुझे जोड़ने हेतु

At 7:55am on January 6, 2013, Abhinav Arun said…


आदरणीय सीमा जी बहुत बहुत आभार आपका उत्साहवर्धन के हेतु !!

At 1:17pm on January 2, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

हम सभी बीते वर्ष की  भूल सुधार कर नव वर्ष 2013 में उत्तरोत्तर चहुँमुखी विकास 
के नए आयाम स्थापित करे आपस में स्नेह बनाए रखे यही मंगल कामनाए करते है ।
आप सभी को सपरिवार मंगलमय हार्दिक शुभकामनाएँ 
नववर्ष पर शुभ कामनाएँ, सब को स्वीकार हो
आपस में सभी  स्नेह करे, सहयोग सदभाव हो
देश और समाज विकास में,हम सब भागिदार हो
ऐसी सद बुद्धि वरदान दे, याचना माँ शारदे  । 
 
 
 
At 4:07pm on December 8, 2012, Rohit Rusia said…

धन्यवाद सीमा जी....इस समूह से मेरा परिचय करवाने के लिए...

At 8:44pm on August 31, 2012, विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी said…
आदरणीया सीमा दी!हमारे गुरु श्री सौरभ जी का तो अता-पता नहीं है,आदरणीय अम्बरीष जी से किया गया निवेदन भी बेकार ही जा रहा है।अब इस गीत की कमी को कैसे दूर किया जाये आप ही बताने की कृपा करें।
At 1:04am on August 7, 2012, Er. Ambarish Srivastava said…

आपके अपने ओबीओ परिवार में आपका स्वागत है !

At 5:15pm on August 6, 2012, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

ओ बी ओ में आपका स्वागत है | मै जयपुर अग्रवाल समाज का एक कार्यकर्ता 

हूँ और अग्रवाल समाज समिति की अग्रगामी मासिक का सह संपादक रह चूका 
हूँ |लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Euphonic Amit commented on Mamta gupta's blog post गजल
"अच्छी ग़ज़ल कही आपने बधाई "
16 hours ago
Aazi Tamaam posted a blog post

ग़ज़ल : मिज़ाज़-ए-दश्त पता है न नक़्श-ए-पा मालूम

१२१२ ११२२ १२१२ २२मिज़ाज़-ए-दश्त पता है न नक़्श-ए-पा मालूमहमारे दर्द-ए-जिगर का भी किसको क्या…See More
20 hours ago
Mamta gupta posted a blog post

गजल

बह्र-2122 2122 2122 212काफ़िया- गुमरही "ई" स्वररदीफ़-"क्या चीज़ है"ग़ज़ल-समझा राहे-दिल से हट कर गुमरही…See More
20 hours ago
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212   112/22*ज़ीस्त  का   जो  सफ़र   ठहर   जाएआरज़ू      आरज़ू      बिख़र     जाए बेक़रारी…See More
20 hours ago
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

जो कहता है मज़ा है मुफ़्लिसी में (ग़ज़ल)

1222 1222 122-------------------------------जो कहता है मज़ा है मुफ़्लिसी मेंवो फ़्यूचर खोजता है लॉटरी…See More
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"आ. भाई मिथिलेश जी, सादर अभिवादन।गीत पर पुनः उपस्थिति और विस्तृत सुझावपूर्ण टिप्पणी के लिए हार्दिक…"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"नदियाँ लूटीं जंगल काटे रस्ते करते पर्वत नाटे आदरणीय व्याकरण की गलती को ऐसे ठीक किया है। बाकी इस…"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"काटे जंगल, नदिया लूटीव्यापारी बन दौलत कूटी।। नदी को गीतकारों ने नदिया भी कहा है। जैसे नदिया…"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"अनुमोदन हेतु हार्दिक धन्यवाद आपका। सादर"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"अनुमोदन हेतु हार्दिक धन्यवाद आपका। सादर"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"अनुमोदन हेतु हार्दिक धन्यवाद आपका। सादर"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"बहरहाल प्रदत्त विषय को सार्थक करते बहुत बढ़िया सार छंद हुए हैं। इस प्रस्तुति हेतु हार्दिक बधाई…"
yesterday

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service