यह कविता उन व्यक्तियों ,महिलाओं के सन्दर्भ में है जो कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराध में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भागीदार हैं इसके खिलाफ लड़ाई में मेरा यह छोटा सा प्रयास है !मेरी यह कविता QAWWA(मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेन्स )
मुझको पौधा बन जाने दो
नहीं खोट कोई मुझमे ऐसा
मुझको दुनिया में आने दोI.
मैं तेरे मातृत्व का सम्मान
नहीं कोई शगल का परिणाम
मेरा अस्तित्व तेरा दर्प है
मुझमे निहित सारा संसारI
गहन तरु की छाया में
लघु अंकुर को पनपने दो
नहीं खोट कोई मुझमे ऐसा
मुझको दुनिया में आने दोI
जंगल उपवन खलियानों में
हर नस्ल के पुहुप महकते हैं
स्वछंद परिंदों के नीड़ो में
दोनों ही लिंग चहकते हैं
प्रकर्ति के इस समन्वय का
उच्छेदन मत हो जाने दो
नहीं खोट कोई मुझमे ऐसा
मुझको दुनिया में आने दो I
समाज की घ्रणित चालों से माँ
तुझको ही लड़ना होगा
नारी अस्तित्व के कंटक का
मूलोच्छेदन करना होगा
तेरे ढूध पर मेरा भी हक है
दुनिया को ये समझाने दो
नहीं खोट कोई मुझमे ऐसा
मुझको दुनिया में आने दो I
*****
Comment
Comment by rajesh kumari on February 26, 2012 at 8:37am tahe dil se shukriya Satish ji.
Comment by satish mapatpuri on February 25, 2012 at 10:32pm
Comment by rajesh kumari on February 25, 2012 at 11:40am गणेश जी आपकी प्रतिक्रिया पढ़ कर मन उल्लासित ,उत्साहित हो गया बहुत बहुत आभारी हूँ राष्ट्रपति महोदया जी से जैसे मैंने अनुरोध किया था की मेरा यह सन्देश हर गाईनो कलोजिस्ट की टेबल पर पहुचना चाहिए उन्होंने यह कर दिखाया अतः नारी की पीड़ा को नारी ने बखूबी समझा मैं नतमस्तक हूँ उनके इस समर्थन से |
Comment by Ganesh Jee "Bagi" on February 25, 2012 at 11:20am आदरणीया राजेश कुमारी जी, इस कविता पर जितना भी कही जाय कम है, सामाजिक बुराई कन्या भ्रूण हत्या पर सीधे सीधे चोट करती हुई एक बेहतरीन कृति, आप इस कविता द्वारा व्यापक सन्देश देने में सफल है, बधाई स्वीकार करें |
Comment by rajesh kumari on February 24, 2012 at 5:10pm dhanyavaad Aasha ji.
Comment by asha pandey ojha on February 24, 2012 at 3:19pm man ko chhuti hui chetna jagati hui rachna hetu badhai Rajesh kumari ji
Comment by rajesh kumari on February 24, 2012 at 8:45am hardik aabhar Saurabh ji mere uddeshay ki sarahna ke liye.
Comment by Saurabh Pandey on February 24, 2012 at 4:16am उद्येश्य विशेष के साथ कही गयी रचना और इस पावन प्रयास हेतु आपको हार्दिक बधाई राजेशकुमारीजी.
Comment by rajesh kumari on February 23, 2012 at 9:36pm bahut bahut aabhar .हार्दिक आभार आशुतोष जी मेरी इस प्रयास की सराहना के लिए मेरी इस लड़ाई में मेरे साथ चलने के लिए |
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