For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आता है जब न्यूज़ में, होता कष्ट अपार

रख आश्रम माँ बाप को, बेटा हुआ फरार

बेटा हुआ फरार, तनिक भी क्षोभ न जिसका

होगा वह भी वृद्ध, कभी पर भान न इसका

रिश्तों का इतिहास, स्वयम् को दुहराता है

ख़ुद पे गिरती गाज़, समझ में तब आता है।।

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 71

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on November 9, 2019 at 5:25am

आद0 लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी सादर अभिवादन। रचना पर आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया के लिए आभार। सादर

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 9, 2019 at 3:24am

आ. भाई सुरेंद्र सिह जी, उत्तम कुंडलियाँ हुई हैं । हार्दिक बधाई।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 8, 2019 at 8:14pm

आ. भाई सुरेंद्र सिह जी, उत्तम कुंडलियाँ हुई हैं । हार्दिक बधाई।

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on November 4, 2019 at 8:36pm

आद0 समर कबीर साहब सादर प्रणाम। रचना को आपका आशीष मिला,, लिखना सार्थक हुआ। मुझ जैसे साहित्यकार के लिए आपकी प्रतिक्रिया बेहद जरूरी है। बहुत बहुत आभार आपका। स्नेह बनाये रखें। सादर

Comment by Samar kabeer on November 4, 2019 at 2:21pm

जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,अच्छा कुण्डलिया छन्द लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on November 2, 2019 at 4:47pm

 आद0 सौरभ पाण्डेय जी सादर प्रणाम। आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए एक पुरस्कार होता है। अपने बहुमूल्य समय में से कुछ समय आपने इस रचना पर दिया और अपनी प्रतिक्रिया से मुझे उत्साहित किया,, उसके लिए हृदय तल से आभार। बहुत दिन से छंद लेखन से दूर रहने के बाद यह पहली रचना है। पुनः आभार। सादर

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on November 2, 2019 at 4:43pm

आद0 डॉ. विजय शंकर जी सादर अभिवादन। आपने अपना बहुमूल्य समय मेरी रचना पर देकर उसे अपने शब्दों से अलंकृत किया। बहुत बहुत आभार आपका। सादर


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on November 2, 2019 at 2:06pm

आम जन-मानस को सदिश करती कुण्डलिया छंद के लिए हार्दिक बधाइयाँ , आदरणीय सुरेन्द्र जी

शुभ-शुभ

Comment by Dr. Vijai Shanker on November 2, 2019 at 8:56am

आदरणीय सुरेंद्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप जी , बहुत ही संवेदनशील विषय पर प्रस्तुत रचना है , बहुत ही सटीक , हार्दिक बधाई , सादर .

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Md. Anis arman updated their profile
12 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"भाई लक्ष्मण धामी जी, बहुत अच्छे शेर प्रस्तुत किये। गिरह का शेर को लाजवाब हुआ है। //जवानी भर..... इस…"
42 minutes ago
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"1222, 1222, 1222, 122इसी इक सोच से ये मुल्क हारा जा रहा है हमें क्या करना इसमें क्या हमारा जा रहा…"
42 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on SALIM RAZA REWA's blog post रौशन है उसके दम से - सलीम 'रज़ा' रीवा
"हार्दिक बधाई आदरणीय सलीम "रजा" रीवा जी। बेहतरीन गज़ल। उस घर से दूर रहती हैं हरदम…"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post उसूल - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय सलीम "रजा" रीवा जी।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"तनिक सी बात पर यूँ खुद को मारा जा रहा हैजहाँ में  ज़िंदगी  को  अब  नकारा …"
2 hours ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"अच्छी ग़ज़ल हुई है मनन कुमार सिंह जी। बहुत ख़ूब"
2 hours ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"अच्छी ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद तसदीक़ साहब"
2 hours ago
SALIM RAZA REWA posted a blog post

जब तलक ख़ुद ख़ुदा नहीं चाहे - सलीम रज़ा

2122 1212 22-हौसला जिसका मर नहीं सकता  मुश्किलों से वो डर नहीं सकता  - लोग कहते हैं ज़ख़्म गहरा है …See More
2 hours ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"सुना हमने, हकीकत को संवारा जा रहा है लगा ऐसा,गगन को ही उतारा जा रहा है।1 दिलों की बात दिल में…"
2 hours ago

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आ० सुशील सरना जी, हार्दिक आभार."
2 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"ग़ज़लहमें हर आजमाइश से गुज़ारा जा रहा है lदिवानों की तरह पत्थर से मारा जा रहा है l मेरा ही आशियाँ…"
3 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service