For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गजल(उजाले..लुभाने लगे हैं)

122 122 122 122

उजाले हमें फिर लुभाने लगे हैं

नया गीत हम आज गाने लगे हैं।1

बढ़े जो अँधेरे, सताने लगे हैं

गये वक्त फिर याद आने लगे हैं।2

कदम से कदम हम मिलाके चले थे

पहुँचने में क्यूँ फिर जमाने लगे हैं? 3

लुटे जालिमों से,यहाँ भी ठगे हम

लुटेरे मसीहा कहाने लगे हैं।4

अदाओं ने मारा बहाने बनाकर,

बसे जो ज़िगर खूं बहाने लगे हैं।5

"मौलिक व अप्रकाशित"

Views: 61

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Manan Kumar singh on August 17, 2018 at 6:44pm

आदरणीय सुरेंद्र जी,शुक्रिया।

Comment by Manan Kumar singh on August 17, 2018 at 6:43pm

गुरप्रीत जी।

Comment by Manan Kumar singh on August 17, 2018 at 6:40pm

शुक्रिया जी।

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on August 16, 2018 at 1:44pm

आद0 मनन कुमार सिंह जी सादर अभिवादन। अच्छी ग़ज़ल हुई है,,बधाई स्वीकार कीजिये।

Comment by Gurpreet Singh on August 16, 2018 at 9:52am

Comment by narendrasinh chauhan on August 15, 2018 at 4:54pm
खुब सुन्दर रचना
Comment by Manan Kumar singh on August 15, 2018 at 3:26pm

जनाब समर जी,आदाब एवं शुक्रिया।

Comment by babitagupta on August 15, 2018 at 3:26pm

उम्दा रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार कीजियेगा आदरणीय सरजी।

Comment by Manan Kumar singh on August 15, 2018 at 3:25pm

आभार आदरणीय तेजवीर जी।

Comment by Samar kabeer on August 15, 2018 at 2:39pm

जनाब मनन कुमार सिंह जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

TEJ VEER SINGH commented on विनय कुमार's blog post ईमान- लघुकथा
"हार्दिक बधाई आदरणीय विनय कुमार जी।बेहतरीन रचना।"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on vijay nikore's blog post आशंका के गहरे-गहरे तल में
"हार्दिक बधाई आदरणीय विजय निकोरे जी।बेहतरीन रचना। यह चुप्पी की खाई बीच हमारे शब्द असमर्थ हैं, लांघ…"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on rajesh kumari's blog post नाभी में लेकर कस्तूरी  तय करता मृग कितनी दूरी (गीत राज )
"हार्दिक बधाई आदरणीय राजेश कुमारी जी।बेहतरीन गीत। सहरा में पानी है दिखताबादल में रोटी दिखती…"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post शह्र अपना है बंट गया देखो------ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय पंकज जी।बेहतरीन गज़ल। देश की फिक्र की सजी अर्थीजाति का है कफ़न चढ़ा देखो"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on विनय कुमार's blog post उम्मीद दिल में पल रही है- ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय  विनय कुमार जी।बेहतरीन गज़ल। एक  दिन  ख़त्म  होगी …"
1 hour ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari posted a blog post

नाभी में लेकर कस्तूरी  तय करता मृग कितनी दूरी (गीत राज )

नाभी में लेकर कस्तूरी  तय करता मृग कितनी दूरी  पागल मनवा उलझा उलझा  सहरा-सहरा जंगल-जंगल  खोज रहा…See More
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जीवन में लड़ाते हैं क्यों यार गड़े मुर्दे - गजल
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।बेहतरीन गज़ल। वो शख्स बड़ा…"
1 hour ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"धन्यवाद आदरणीय राजेश कुमारी जी, सुझाव पर यकीनन अमल होगा ।"
1 hour ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएं :
"वाह्ह्ह बहुत सुंदर बेहतरीन सृजन आद० सुशील सरना जी हार्दिक बधाई आपको "
1 hour ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Samar kabeer's blog post "हिन्दी दिवस पर विशेष" हिन्दी ग़ज़ल
"भारत में कितनी हैं भाषाएँ लेकिनसारी भाषाओँ का यौवन हिन्दी है---वाह्ह्ह्हह  आद० यह प्रस्तुति…"
1 hour ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post मॉरिशस में हिंदी साहित्यिक समारोह (राजेश कुमारी राज )
"आद० छोटे लाल जी आपकी शुभकामनाएँ सर माथे पर एक रचनाकार को और क्या चाहिए दिल से आभार आपका "
1 hour ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post मॉरिशस में हिंदी साहित्यिक समारोह (राजेश कुमारी राज )
"आदरणीय सुशील सरना जी आपकी शुभकामनायें होस्लाफ्जाई हमेशा मार्ग प्रशस्त करती हैं आपका दिल से बहुत…"
1 hour ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service