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नव वर्ष पर कुछ कुण्डलिया

कहकर सबको अलविदा, चला गया वो साल
छोड़ गया यादें बहुत, अरु जीवन जंजाल
अरु जीवन जंजाल, रहेंगे उलझे जिसमें
जारी है संघर्ष, मिलेगा सद्फल इसमें
जीवन में सुख हाथ, लगेगा दुख को सहकर
लें हम नव संकल्प, गया गत संवत् कहकर।1।

मन से मन जोड़ें सभी, उत्तम हो सब काज
मंगलमय नव वर्ष की, करूँ कामना आज
करूँ कामना आज, सत्य का उगे सवेरा
हो नित नव निर्माण, मिटे घनघोर अँधेरा
देश प्रेम हो भाव, जुटें सब तन मन धन से
रहे न कोई क्लेश, जुड़ें हम सबसे मन से।2।

आया फिर नव वर्ष है, हे मानुष अब जाग
द्वेष दम्भ सब खत्म कर, कर ईष्या परित्याग
कर ईर्ष्या परित्याग, बसायें समरस मन में
खिले ख़ुसी के पुष्प, सभी के मन उपवन में
हो न कहीं संताप, रहे प्रमुदित मन काया
हर्ष साथ नववर्ष लिए नव अवसर आया।3।

(मौलिक व अप्रकाशित)

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Comment by नाथ सोनांचली on January 4, 2018 at 1:36pm

आद0 लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन। रचनाके अनुमोदन के लिए हॄदय तल से आभार

Comment by नाथ सोनांचली on January 4, 2018 at 1:35pm

आद0 सलीम रज़ा जी सादर अभिवादन। रचना पर आपकी उपस्थिति और हौसला अफजाई का बहुत बहुत आभार। सादर

Comment by नाथ सोनांचली on January 4, 2018 at 1:34pm

आद0 मोहम्मद आरिफ जी सादर अभिवादन। रचना के अनुमोदन के लिए हृदय तल से आभार आपका। सादर

Comment by नाथ सोनांचली on January 4, 2018 at 1:33pm

आद0 आली जनाब समर साहब सादर प्रणाम। रचना पर आपकी उपस्थिति का मुझे बेसब्री से इंतिजार रहता है। आपको कुंडलिया पसन्द आयी, लिखना सार्थक हुआ। सादर

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 4, 2018 at 10:09am

आ. भाई सुरेंद्र जी, सुंदर कुंडलियाँ हुई है । हार्दिक बधाई।

Comment by SALIM RAZA REWA on January 2, 2018 at 9:16pm
जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,नव वर्ष पर बढ़िया कुण्डलिया छन्द लिखे आपने, मुबारक़बाद ।
Comment by Mohammed Arif on January 2, 2018 at 8:43pm

आदरणीय सुरेंद्रनाथ जी आदाब,

                   नववर्ष के आगमन पर बेहतरीन कुंडलियाँ रची । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Samar kabeer on January 2, 2018 at 5:37pm

जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,नव वर्ष पर बढ़िया कुण्डलिया छन्द लिखे आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

Comment by नाथ सोनांचली on January 2, 2018 at 3:49pm

आद0 मोहित मुक्त जी सादर अभिवादन। रचना पसन्द आयी,लिखना सार्थक हुआ। आभार आपका

Comment by नाथ सोनांचली on January 2, 2018 at 3:48pm

आद0 शेख शहज़ाद उस्मानी साहब सादर अभिवादन। आपकी प्रशंशा करती बेहतरीन प्रतिक्रिया से बेहतर लिखने को प्रेरणा मिलती है। बहुत बहुत आभार आपका

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