For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल (दीपावली)
212×4

जगमगाते दियों से मही खिल उठी,
शह्र हो गाँव हो हर गली खिल उठी।

लायी खुशियाँ ये दीपावली झोली भर,
आज चेह्रों पे सब के हँसी खिल उठी।

आप देखो जिधर नव उमंगें उधर,
हर महल खिल उठा झोंपड़ी खिल उठी।

सुर्खियाँ सब के गालों पे ऐसी लगे,
कुमकुमे हँस दिये रोशनी खिल उठी।

ओ बी' ओ को बधाई 'नमन' पर्व की
मंच पर आज दीपावली खिल उठी।

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 134

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Mohammed Arif on October 20, 2017 at 6:13pm
आदरणीय वासुदेव अग्रवाल जी आदाब, दीपोत्सव पर बेहतरीन ग़ज़ल की सौग़ात । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें ।
Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on October 19, 2017 at 8:55pm
1222×4

दिवाली की बधाई है मेरी साहित्य बन्धुन को,
सभी बहनें सभी भाई करें स्वीकार वन्दन को,
भरे भण्डार लक्ष्मी माँ सभी के प्रार्थना मेरी,
रहें मिलजुल सदा धारण करें साहित्य चन्दन को।

समस्त ओ बि ओ के साथियों को दीपमाला की शुभकामना।
Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on October 19, 2017 at 8:54pm
आ0 अजय तिवारी जी दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामना और हृदय तल से आभार।
Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on October 19, 2017 at 8:52pm
आ0 शेख सहजाद उस्मानी जी दीपावली की शुभकामना के साथ आपका हार्दिक आभार।
Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on October 19, 2017 at 8:51pm
आ0 समर कबीर जी दीपावली की हार्दिक शुभकामना के साथ ग़ज़ल को आपका आशीर्वाद मिला लिखना सार्थक हुआ।
Comment by Samar kabeer on October 19, 2017 at 5:32pm
जनाब बासुदेव अग्रवाल'नमन'जी आदाब,बहुत सुंदर और सार्थक ग़ज़ल हुई है,हर शैर दीपावली के दिए जैसा जगमगा रहा है,शैर दर शैर दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।
आपको दीपावली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं ।
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on October 19, 2017 at 3:52pm
पर्व विशेष पर शुभकामनाएं प्रेषित करती बढ़िया प्रस्तुति के लिए सादर हार्दिक बधाई आदरणीय बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी। दीपोत्सव पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
Comment by Ajay Tiwari on October 19, 2017 at 1:30pm

आदरणीय बासुदेव जी,

ग़ज़ल में आपने खूबसूरत दीपावली खिलाई है.

दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं.

सादर 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post आस्था "
"बेहतरीन तालीम/सबक़/प्रेरणा युक्त सृजन हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय प्रदीप देवीशरण भट्ट साहिब। कृपया…"
3 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sushil Sarna's blog post नए आयाम ....
"बहुत सुंदर और विचारोत्तेजक/प्रेरक सृजन हेतु सादर हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना साहिब।"
3 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'कौन बदल रहा है?' (लघुकथा)
"मेरी इस ब्लॉग पोस्ट पर समय देकर अपनी राय से वाक़िफ़ कराते हुए मेरी यूं हौसला अफ़ज़ाई हेतु तहे दिल से…"
3 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"मेरे उपरोक्त पुनर्अभ्यास अनुमोदन और मिसरों के प्रतिस्थापन हेतु तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम…"
4 hours ago
Samar kabeer commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post ग़ज़ल
"जनाब सतविन्द्र कुमार राणा जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । आपने ओबी ओ के गोल्डन…"
8 hours ago
Shlesh Chandrakar replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आ. राणा प्रताप जी, ग़ज़ल संख्या 85 के 4थे शेर मिसरा ए उला सुधार कर ‛अब तेरा इंतजार करता हूँ'…"
11 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

नए आयाम ....

नए आयाम ....मुझे नहीं सुननी कोई आवाज़ मैंने अपने अन्तस् से हर आवाज़ के साथ जुड़े हुए अपनेपन की अनुभूति…See More
11 hours ago
Pradeep Devisharan Bhatt posted a blog post

आस्था "

हर घर में एक राम है रहता।हर घर में एक रावण भी॥जैसी जिसकी सोच है रहती।उसको दिखता वो वैसा ही॥ टूट…See More
12 hours ago
Mahendra Kumar replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"गोल्डन जुबली मुशायरा (अंक-100) के सफल संचालन एवं तीव्र संकलन की हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए आदरणीय…"
13 hours ago
Samar kabeer replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"जनाब अफ़रोज़ साहिबअदाब,तक़ाबुल-ए-रदीफ़ वाले मिसरे दुरुस्त कर लें ।"
14 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय कृष्ण सिंह जी वांछित संशोधन कर दिया है|"
14 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीया अंजलि जी वांछित संशोधन कर दिया गया है|"
14 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service