For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"सुशील , शालिनी को लेने कब जाएगा ?" माँ ने चिंतित स्वर में कहा ।
" कब है रक्षा-बंधन ?"
"बस ! आज से ठीक चार दिन बाद ।
"मगर...मगर...।"
" क्या मगर , मगर ।'
" कुछ नहीं माँ.....।"
अब सुशील माँ से कैसे कहे कि उसने शालिनी की मोटी उधार की रकम आज तक नहीं चुकाई जो माँ के बग़ैर पूछे ले आया था ।
मौलिक एवं अप्रकाशित ।

Views: 662

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Mohammed Arif on August 7, 2017 at 8:30am
बहुत-बहुत आभार आदरणीय सुरेंद्रनाथ जी । आपकी उत्साहवर्धक टिप्पणी से लेखन सार्थक हो गया ।
Comment by नाथ सोनांचली on August 7, 2017 at 8:27am
जनाब मोहम्मद आरिफ भाई जी सादर अभिवादन, लघुकथा का शानदार रूप,बहुत खूब,दिल खोल कर बधाई लीजिये।सादर
Comment by Mohammed Arif on August 6, 2017 at 11:03pm
आदरणीय मोहित मुक्त जी आपकी टिप्पणी और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत-बहुत आभार ।
Comment by Mohammed Arif on August 6, 2017 at 11:00pm
आदरणीय तस्दीक़ अहमद साहब आपकी टिप्पणी से संबल मिला । बहुत-बहुत आभार ।
Comment by Mohammed Arif on August 6, 2017 at 10:58pm
आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब आदब, आपकी हौसला अफज़ाई , निरपेक्ष टिप्पणी से काफी संबल मिला । बहुत-बहुत आभार ।
Comment by Mohammed Arif on August 6, 2017 at 6:47pm
आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,आपकी पहली सटीक , निरपेक्ष प्रतिक्रिया ने ने सफल लघुकथा होने की मुहर लागा दी । मुझे हमेशा आपकी और आली जनाब समर कबीर साहब की प्रतिक्रिया का इंतज़ार रहता है । बहुत-बहुत शुक्रिया ।
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on August 6, 2017 at 3:42pm
मुहतरम जनाब आरिफ साहिब ,गागर में सागर भर दिया अपने ,उम्दा लघुकथा ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं। उस्मानी साहिब की प्रतिक्रिया में अपने गलती मेरा नाम टाइप करदिया है
Comment by Samar kabeer on August 6, 2017 at 2:34pm
जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब आदाब,कम शब्दों में बड़ी बात कहना भी एक फ़न है, जो सबको नहीं आता,बहुत उम्दा और कामयाब लघुकथा के लिये दिल से बधाई स्वीकार करें ।
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on August 6, 2017 at 9:56am
'रक्षाबंधन' को सार्थक करती एक-दूसरे के प्रति 'कर्ज़/उधारी/दायित्व' आदि के बंधन को उभारती छोटी-सी, किन्तु विचारोत्तेजक बढ़िया प्रस्तुति के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत बधाई मुहतरम जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहब। यह दुविधा की स्थिति कई भाईयों या बहिनों के साथ रहती/रह सकती है। सत्य व यथार्थ। सादर।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post कुंडलिया. . . . झोला
"आ. भाई सुनील जी सुंदर कुंडलियां हुई हैं हार्दिक बधाई।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted blog posts
5 hours ago
sushil yadav posted blog posts
Oct 26
Sushil posted blog posts
Oct 26
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
Oct 26
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service