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हौसला फिर कोई बड़ा रखिये

2122 1212 22

हौसला फिर कोई बड़ा रखिये ।
खुद के होने की इत्तला रखिये ।।

जिंदगी में सुकूँ ज़रूरी है ।
आसमां सर पे मत उठा रखिये ।।
‌
बन्द मत कीजिये दरीचों को ।
इन हवाओं का सिलसिला रखिये ।।

हार जाएं न कोशिशें मेरी ।
मेरे खातिर भी कुछ दुआ रखिये ।।

खो न जाऊं कहीं जमाने में ।
हाल क्या है जरा पता रखिये ।।

दुश्मनी खूब कीजिये लेकिन ।
दिल से जुड़ने का रास्ता रखिये ।।

गर जमाने के साथ है चलना ।मुज़रिमों से भी वास्ता रखिये ।।

लोग मिलते यहां नकाबों में ।
कुछ हक़ीक़त यहां छुपा रखिये ।।

जिंदगी में सुकूँ ज़रूरी है ।
आसमां सर पे मत उठा रखिये ।।

है शुकूँ की अगर तलास बहुत ।
हुक्मरां से भी लस्तगा रखिये ।।

काम बिगड़े अगर बनाने हैं ।
तो खुशामद का पैतरा रखिये ।।

हो इजाज़त तो आप से कह दूं ।
पास अपने ये मशबरा रखिये ।।

बिक गया बाप पढाकर बेटा ।
काम के नाम घुनघुना रखिये ।।

नवीन मणि त्रिपाठी
मौलिक अप्रकाशित

Views: 830

Comment

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Comment by Naveen Mani Tripathi on July 21, 2017 at 12:54pm
आ0 समर कबीर सर सादर नमन और आभार
Comment by Naveen Mani Tripathi on July 21, 2017 at 12:53pm
आ0 गुरुप्रीत सिंह साहब सादर आभार
Comment by Naveen Mani Tripathi on July 21, 2017 at 12:53pm
आ0 गिरिराज भंडारी सर सादर आभार ।
Comment by Naveen Mani Tripathi on July 21, 2017 at 12:52pm
आ0 विजय निकोरे जी सादर आभार
Comment by Naveen Mani Tripathi on July 21, 2017 at 12:51pm
आ0 नीरज कुमार जी सादर आभार
Comment by vijay nikore on July 21, 2017 at 11:10am

अच्छी गज़ल के लिए बधाई।

Comment by Niraj Kumar on July 20, 2017 at 4:51pm

आदरणीय नवीन जी, सारी ग़ज़ल अच्छी है लेकिन मतला बहुत अच्छा लगा. दाद के साथ मुबारकबाद. दूसरा शेर ग़ज़ल में दो बार आ गया है देख लीजियेगा.

सादर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 20, 2017 at 11:47am

आ, नवीन भाई , अच्छी गज़ल कही है .. हार्दिक बधाइयाँ ।
शुकूँ को सुकूँ - और
मशबरा - को मशवरा  ... कर लीजियेगा

Comment by Gurpreet Singh jammu on July 19, 2017 at 9:33pm
आदरणीय नवीन बहुत खूबसूरत ग़ज़ल है..ज्यादातर अशआर दिल पर असर छोड़ रहे हैं..पहले दोनो शेर तो बहुत ही बाकमाल लगे
Comment by Samar kabeer on July 19, 2017 at 12:19pm
जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।

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