For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अतुकांत कविता : व्यवस्था (गणेश जी बागी)

अतुकांत कविता : व्यवस्था

 

गर्मी से तपती धरती

चहुँ ओर मचा हाहाकार

बादल को दया आयी

चारो तरफ नज़र दौड़ाई

जाति देखी, धर्म देखा

सगे-सम्बन्धी, पैरवीकार देखा  

खुद को सिमित करके  

खूब बरसा, जमकर बरसा

 

कही बाढ़ तो कही सूखा

पुनः मचा हाहाकार

बनाई गयी एक नई व्यवस्था

निर्धारित हुआ सबका कोटा

धर्म का कोटा, जाति का कोटा

 

नई व्यवस्था से

बरसा बादल

धरती हुई हरी भरी

लहलहा उठे फसल

और साथ में उग आये

ऊँचे-ऊँचे खतरनाक

खर पतवार...

(मौलिक एवं अप्रकाशित) 

Views: 652

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on May 9, 2016 at 8:04pm

नई व्यवस्था से
बरसा बादल
धरती हुई हरी भरी
लहलहा उठे फसल
और साथ में उग आये
ऊँचे-ऊँचे खतरनाक
खर पतवार...

वाह आदरणीय गणेश जी बागी सर प्राकृतिक प्रतिबिम्बों के माध्यम से आपने एक कटु यथार्थ को अपनी प्रस्तुति में चित्रित किया है। इस सुंदर,प्रवाहपूर्ण प्रस्तुति के लिए हार्दिक हार्दिक बधाई सर जी।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 9, 2016 at 7:17pm

बहुत सुन्दर सारगर्भित रचना हार्दिक बधाई आपको आ० गणेश बागी जी 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on May 8, 2016 at 4:08pm

आदरणीया कल्पना जी, कविता पर आपकी उपस्थिति से प्रयास सार्थक हुआ, सराहना हेतु आभार.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on May 8, 2016 at 4:06pm

आदरणीय रामबली गुप्ता जी, बात आप तक पहुंची प्रयास सफल हुआ, बहुत बहुत आभार.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on May 8, 2016 at 4:01pm

आदरणीय समर साहब प्रणाम, प्रस्तुत कविता आपको अच्छी लगी, लेखन सफल हुआ, बहुत बहुत आभार. 

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on May 7, 2016 at 11:07pm
समस्या से समाधान,समाधान से फिर समस्या।रूपक का बेहतरीन प्रयोग।सादर नमन
Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on May 7, 2016 at 10:20pm

वाह | गहरी बात कही है अपने आदरणीय अपनी इस रचना में | बधाई स्वीकारें सर |

Comment by रामबली गुप्ता on May 7, 2016 at 7:25pm
वाह आदरणीय बहुत ही गूढ़ तथ्य को समेटे आपकी अतुकांत रचना के लिए बधाई स्वीकार करें।
Comment by Samar kabeer on May 7, 2016 at 6:26pm
जनाब गणेश जी "बाग़ी"साहिब आदाब,बहुत अच्छा लिखते हैं आप,बहुत उम्दा लगी आपकी अतुकांत कविता,बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sunanda jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110
"अप्रतिम! अनुपम लेखन आदरणीया ,नमन है आपकी लेखनी को । मेरा हौसला बढ़ाने के हृदयतल से आभार आदरणीया ।"
3 hours ago
sunanda jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110
"आपको रचना पसन्द आई लेखन सार्थक हुआ आदरणीया ,हृदयतल से आभार आपका ।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110
"आ. प्राची बहन, सादर अभिवादन। सारगर्भित व प्रेरणादायी उपस्थिति के लिए ह्रिदयतल से आभार ।"
3 hours ago
Shlesh Chandrakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110
"विषय - “नारी सर्वत्य पूज्यते” शास्त्रीय छंद - कुंडलियां नारी देवी रूप है, करें नहीं…"
3 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110
"आदरणीया डॉ प्राची सिंह जी उत्साह वर्धन के लिए आपका दिल से आभार"
4 hours ago
vijay nikore commented on Sushil Sarna's blog post विशाल सागर ......
"अच्छी रचना बनी है। हार्दिक बधाई, मित्र सुशील जी।"
4 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post तुम न आना ...
"सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार, आदरणीय भाई समर कबीर जी।"
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110
"बहुत खूबसूरत तुकांत कविता आ० छोटेलाल सिंह जी बहुत बहुत बधाई "
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110
"रहे सर्वदा पूज्य जो , मातृ शक्ति के रूप जानें क्यों उस राह पर, अब हैं अंधे कूप अब हैं…"
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110
"जो कुल नारी का करे, देवी सा सत्कारउस कुल लेते जन्म हैं, अंशों में अवतार।१। .............नारी का…"
5 hours ago
आशीष यादव commented on Manan Kumar singh's blog post एनकाउंटर(लघुकथा)
"जी बिलकुल, "यही सच है"। अच्छी लघुकथा।"
5 hours ago
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post विशाल सागर ......
"अच्छी कविता पर बधाई स्वीकार कीजिए।"
5 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service