For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अहिल्या के लिए मत सोचना

प्राण तो प्राण हैं दृष्टि के गुलाम हैं
वजह नहीं हैं कदापि ,वजह के अंजाम हैं  
कभी प्रेम पुचकार प्रगाढ़ से
पाषाणी अजन्ता युगवाणी  बना गए
कभी तिरस्कार का तीर भेद  
प्रेयसी अहिल्या को पाषाणी बना गए
अहिल्या के लिए
कभी भी मत सोचना
जैसे ऋषिवर ने नहीं सोचा
परमात्मा ने तो हरगिज़ नहीं  
कि प्रतिलांच्छित पतिव्रता
निरपराध ,निराश्रय अहिल्या
आदतन नारी -धर्म तो निभाएगी
श्राप ले पाषाणी तो अवश्य हो जाएगी
पर तिरस्कृत प्राणों को कैसे बचाएगी
इस बोझिल जिम्मेवारी को कैसे उठाएगी
अब से तब तक
श्राप के अगले अध्याय तक
कितने तूफ़ान ,कितनी आंधियां
घनघोर अंधरे ,डराती  बिजलियाँ
कितनी थू थू कितने धिक्कार
नफरतों के घिनौने वार प्रहार
दिवस रैन दशक से शताब्दी  तक
सपाट युगों तक श्रापित सफर विस्तार
श्रापित देह शंकित  प्राण कैसे कब तक  छिपाएगी
पति - परमात्मा दोनों विजयी
सर झुका श्राप उठा
परित्यक्त हारी नारी
पाषाणी देहा हो गई
तब भी
प्राण सम्भाल लिए
सम्भालना ज़रूरी था
श्राप के अगले अध्याय तक
तब तक
जब तक युग  बीत नहीं जाते
प्रभु पुनः अवतरित हो नहीं जाते
क्योंकि
एक प्रभू से दुसरे प्रभू तक
अवसरण से अवतरण तक
प्रभुताई प्राकट्य पृष्ठभूमि हेतु
अहिल्या की उपस्थिती
नितांत  परम आवष्यक शर्त होती है
कोई भी हो काल , कोइ भी युग
पाषाण ह्रदय में प्राण बस एक परत होती है। .
मौलिक और अप्रकाशित
अमिता  तिवारी

Views: 488

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 12, 2016 at 9:59am

खेद है इस प्रस्तुति पर देर से पँहुची ..मुग्ध कर गई आपकी ये प्रस्तुति नारी विडंबना को कितने सार्थक शब्द मिले हैं प्रस्तुति में |हार्दिक बधाई अमिता जी शुभकामनायें 

Comment by amita tiwari on May 3, 2016 at 6:47pm

मान देने के लिए हार्दिक आभार. 

Comment by रामबली गुप्ता on April 20, 2016 at 10:55am
वाह आदरेया बहुत ही शानदार लेखन
हृदयतल से बधाई स्वीकार करें।
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on April 18, 2016 at 11:38am

बहुत खूब...........

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
15 hours ago
Admin posted discussions
15 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
15 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday
amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
Tuesday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service