For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Amita tiwari's Blog (82)

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें



बेगुनाही और

इन्साफ की

बात क्यों सोचती हैं ये औरतें

चुपचाप अहिल्या बन क्यों नहीं जातीं  ?


अस्मिता और

सवाल उठाने की

बात क्यों सोचती हैं ये औरतें

चुपचाप द्रौपदी बन क्यों नहीं जातीं …
Continue

Added by amita tiwari on May 14, 2026 at 10:00pm — 1 Comment

गर्भनाल कब कट पाती है किसी की

कहीं भी कोई भी माँ

अमर तो नहीं होती

एक दिन जाना होता ही है सब की माताओ को

फिर भी

जानते बूझते भी मन को ये क्या हो जाता है…
Continue

Added by amita tiwari on April 14, 2026 at 7:30pm — 3 Comments

प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर

प्यादे : एक संख्या भर

प्यादे— बेकसूर, बेख़बर, नियति और नीति से अनजान—

अक्सर मान लिये जाते हैं

मात्र एक संख्या भर।

तैनात कर दिये जाते हैं महाराज-महारानी के गिर्द रक्षा-कवच बनकर,

और उसी क्षण

उनकी पहचान सिमट जाती है—

एक संख्या भर।

वे मात खाते हैं, कभी मात दिलाते भी हैं, गिरते हैं, उठते हैं,

और फिर गिरा दिये जाते हैं—

इतनी सहजता से

कि किसी को

कोई फ़र्क नहीं…

Continue

Added by amita tiwari on March 30, 2026 at 10:31pm — 2 Comments

आत्म मुग्ध मदारी

Continue

Added by amita tiwari on March 17, 2026 at 4:07am — No Comments

भ्रम सिर्फ बारी का है

भ्रम सिर्फ बारी का है

************************************



बरसों बरस लगे

बीज को बहलाने में

भरपूर दरखत बनाने में





बरसात नहलाती रही

धूप सहलाती रही

हवा आती रही

हवा जाती रही

बरसों बरस लगे धरा को

जड़ो की जगह बनाने में

बीज को दरख्जत बनाने में







और…
Continue

Added by amita tiwari on March 17, 2026 at 4:05am — 2 Comments

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए
---------------------------
कैसा लगता होगा
ऊपर से देखते होंगे जब
माँ -बाबा
कि जिस
मुकाम मकान दुकान
खानदान के नाम को
कमाने में
सारी उम्र लगाई
पाई पाई बचाई
खुली खुशी
संतति को थमाई…
Continue

Added by amita tiwari on March 17, 2026 at 4:00am — No Comments

हर साल ,जाते हुए साल

जाते हुए साल

एक बात पूछनी है  

सीधा सीधा सा बस एक सवाल

कि तुम हर साल बदलने वाला

केवलमात्र क्या एक अंक हो

अथवा समझते हो कि तुम निष्कलंक हो

सारी जिम्मेवारी समय के काँधों पर डाल

किसे बहलाते हो

कुछ बदल नहीं सकते

अथवा बदलना नहीं चाहते

तो फिर -फिर क्यों आते हो

एक चेतावनी समझ लेना

अब के तभी आना

जो यदि

बंद करा सको युद्ध को

मुक्त करा सको प्रबुद्ध को

अथवा वहीं रहना

किसी से न कहना

कि तुम हार गए हो

..........

मौलिक व…

Continue

Added by amita tiwari on December 15, 2023 at 12:00am — 1 Comment

दिल का दादी होना

दिल का दादी होना 

 तब कोई हैरानी भी नहीं होती थी
जब कागा मुंडेर पर कगराता था
और सांझ तक कोई अतिथि आ भी जाता था


तब कोई हैरानी भी नहीं होती थी…

Continue

Added by amita tiwari on February 14, 2023 at 4:00am — No Comments

बरगद गोद ले लिया

ज़मीन पर पड़ा  अवशेष

बरगद का मूल आधार शेष

 

सोचता है आज

कल तक था बरगद विशाल

बरगदी सोच,बरगदी ख्याल

बरगदी मित्र ,मन भी बरगदी

सहयोगी प्रतिद्वंदी बरगदी बरगदी

 

गर्वित निज का उत्कर्ष रहा

शेष की लघुता पर हर्ष रहा

निज तक की जड़ को नहीं ताका

गैर की छांह को कभी  न  लांघा

झुकना न सीखा सूखना न जाना

मनना न सीखा रूठना न जाना

आंधी को थकाया

मेघों को रुलाया

जलते सूरज को छतरी…

Continue

Added by amita tiwari on May 9, 2022 at 9:00pm — 11 Comments

युद्ध के विरुद्ध हूँ मैं

युद्ध के विरुद्ध हूँ मैं …

Continue

Added by amita tiwari on March 30, 2022 at 12:00am — 5 Comments

नए साल

नए साल
तुझसे गुहार

छोटी सी पुकार

 

 क़ि छोटा सा एक नीड़ है 

मेरी अमानत

 इस पर नज़र रखना…

Continue

Added by amita tiwari on December 30, 2021 at 11:30pm — No Comments

सलाह दे पाऊँ दीवार को

आज

काश ! सलाह दे पाऊँ

दीवार को

कि बाहों में भर

फुसफुसा ले

सुना ले सारी दिल की बातें

कर ले सारे गिले शिकवे शिकायतें

ठंडी साँसों को और गहराले

कर ले कलेजे का लिहाज़

कि कहाँ अब बाकि हफ़्ते दिन रैन

घड़ी दो घड़ी की भी क्या बिसात

कि बस सीने से चस्पाँ कलेंडर

इतिहास हो जाने को है

काल क़ा चक्र एहसास हो जाने को है

जी चाहता है

स्मरण दिला दूँ

दीवार को

क़ि ये भी…

Continue

Added by amita tiwari on December 30, 2021 at 11:30pm — 1 Comment

दस वर्षीय का सवाल

सपूत को स्कूल वापिसी पर उदास देखा

चेहरा लटका हुआ आँखों में घोर क्रोध रेखा

कलेजा मुंह को आने लगा

कुछ पूछने से पहले जी घबराने लगा

 

आखिर पूछना तो था ही

जवाब से जूझना तो था ही

जवाब मिला

ग्लोबल वार्मिंग !!

 

ग्लोबल वार्मिंग ??

माथा ठनका !

बेचारी उषमिता ने ऐसा क्या कर दिया

कि लाल को इतना लाल कर दिया

 

जवाब जारी था कि

आपकी पीढी का सब किया कराया है

पारे को इतना ऊपर पहुँचाया…

Continue

Added by amita tiwari on May 4, 2021 at 9:30pm — 3 Comments

लो चढ़ आया फिर पूर्वी फेरी वाला

लो चढ़ आया फिर पूर्वी फेरी वाला
सीधी कमर
उठाए स्वर्ण की छाबड़ी…
Continue

Added by amita tiwari on March 4, 2021 at 8:30pm — 1 Comment

समूची धरा बिन ये अंबर अधूरा है

ये जो है लड़की

हैं उसकी जो आँखे

हैं उनमें जो सपने

जागे से सपने

भागे से सपने

सपनों में

पंख

पंखों में

परवाज

बंद खामोशी में पुरज़ोर आवाज

आवाज़ में

वादा

बहुत सच्चा, बहुत सीधा -बहुत सादा

कि

मुझे आसमान दे दो

छोटा सही इक जहान दे दो

बदले में देती हूँ वादा

कि अकेली आसमान नहीं ओढ़ूँगी

ओढ़ ही नहीं पाऊँगी

ऐसी ही बनी हूँ मैं

स्वंय को छोड़ ही नहीं…

Continue

Added by amita tiwari on March 3, 2021 at 10:00pm — 2 Comments

सर्दीली सांझ ऐसे आई मेरे गाँव

 सर्दीली सांझ ऐसे आई मेरे गाँव

अभी अभी तो सांझ थी उतरी  
चंदा ने कुण्डी खटकाई
 
सूरज ने यों पीठ क्या फेरी
 शीत ने जैसे धौल जमाई
 
उतने जितने जतन जुटाये…
Continue

Added by amita tiwari on January 19, 2021 at 4:00am — 2 Comments

नए वर्ष तुझ को बहुत काम करने हैं

नए वर्ष चल थाम उंगली दिखाऊँ

तुझ को  बहुत काम करने को हैं

दिये जो जख्म गत वर्ष तूने

इस साल तुझ ही को भरने को हैं

आ चल दिखाऊँ तुझे यह  स्कूल

दीवारों पे जाले हैं खाली पड़ा है

भरोसा दिलाना, घर से बुलाना  

जिम्मा तुम्हारा यह सचमुच बड़ा है

 

आ चल दिखाऊँ सड़कें वो पटरी

वीरान चक्का भोंपू  बहरा  हैं

इंजन को जंग है चालक उनींदे

महीनों से सब कुछ यहीं ठहरा है

आ चल दिखाऊँ तुझको वीरानी

वीरान झूले…

Continue

Added by amita tiwari on January 3, 2021 at 12:00am — 1 Comment

नए साल कुछ नया सिखाना

अपूर्ण मानव की अर्ध-क्षमताओं का पूर्ण उपहास उड़ाता

बीतते बीतते बीत गया यह साल

 

धरा चलती रही ,परिक्रमा करती रही

निज धुरी की भी सूरज की भी ...

चंद्रमा ने भी हिम्मत कहाँ हारी

ग्रहणों से ग्रसित होता रहा

मगर परिक्रमाएँ ढोता रहा

 

तारों ने कहाँ टिमटिमाना छोड़ा

घोड़ों ने कहाँ हिनहिनाना छोड़ा

कोयल भी वैसी ही कूकी

कागा भी वैसे ही कगराया

बस  सिसकी…

Continue

Added by amita tiwari on January 1, 2021 at 3:00am — 2 Comments

सोचती हूँ उन नरपशुओं की माताओं से मिला जाये

अब  जब दामिनी चली गई है

चले जा चुके हैं उसके हत्यारे भी

वो नर पशु

जिनसे सब स्तब्ध रहे

 दरिंदगी से त्रस्त रहे

 हर तरफ मौत की मांग उठती  रही

दबती रही उठती रही बिलखती रही

 

 मेरी भी एक मांग रही

कि एक बार मुझे उन नर-पशुओं की माताओं से मिलाया…

Continue

Added by amita tiwari on December 26, 2020 at 3:00am — 2 Comments

मोल भाव मत करना

नंगे पाँव

ठंड मे ठिठुरते

फुला फुला के गुब्बारे बेचते

किसी शहरी बचपन को देखो

तो मोल भाव मत करना

शुक्र मनाना

कि तुम्हारे पास गाँव है

गरीब सही पर सुरक्षित पाँव हैं

ठंड मे ठिठुरते

नंगे पाँव गुब्बारे बेचते

किसी शहरी बचपन को देखो

तो मोल भाव मत करना

 

इसी उम्र के अपने नौनिहालों को याद करना

उनके लिए शुक्र मनाना

कि तुम्हारे पास बल है बलबूते हैं

उनके पास पाँव हैं

पाँव…

Continue

Added by amita tiwari on December 10, 2020 at 2:30am — 5 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
16 hours ago
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
Wednesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
May 13
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
May 11
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service