For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जिगर से पूछकर देखो,नज़र से पूछकर देखो (ग़ज़ल)

1222 1222 1222 1222

मज़ा क्या है सफ़र का,हमसफ़र से पूछकर देखो
है मंज़िल दूर कितनी,ये डगर से पूछकर देखो
-
सुनाएँगी दरो-दीवार,खिड़की रोज़ ही तुमको
कहानी अपने पुरखों की तो घर से पूछकर देखो
-
बिताई जिस के साये में थी तुमने धूप जीवन की
कि अब तो हाल उस बूढ़े शजर से पूछकर देखो
-
पता चल जाएगा, किसने फ़िज़ा में है ज़हर घोला
हवाओं से,ये बू आती किधर से..पूछकर देखो
-
वफ़ा के ज़ख्म कितने हैं,बहे कितने मेरे आँसू
जिगर से पूछकर देखो,नज़र से पूछकर देखो
(मौलिक व अप्रकाशित)
~
~

जयनित कुमार मेहता "जय"
अररिया,बिहार

Views: 637

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by जयनित कुमार मेहता on May 12, 2016 at 6:43am
आप सभी आदरणीय सदस्यों की उपस्थिति के लिए आभारी हूँ।
Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on February 23, 2016 at 1:48pm

अच्छी ग़ज़ल हुई है जयनित साहब, दाद कुबूल कीजिए।

Comment by kanta roy on October 22, 2015 at 6:56am
वफ़ा के ज़ख्म कितने हैं,बहे कितने मेरे आँसू
जिगर से पूछकर देखो,नज़र से पूछकर देखो..... वाह !!! जिगर से पूछकर देखो । बधाई हो
Comment by Ravi Shukla on October 21, 2015 at 12:52pm

आदरणीय जयनित जी सुन्‍दर ग़ज़ल के लिये शेर दर शेर दाद कुबूल करें  आदरणीय गिरिराज जी की सलाह से मुफाईलुन अरकान का प्रवाह और भी सुरीला हो रहा है पढ के देखियेगा ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on October 21, 2015 at 12:39pm

आदरणीय जयनित भाई , लाजवाब गज़ल कही है , दिल से बधाइयाँ स्वीकार करें ।

हवाओं से,ये बू आती किधर से..पूछकर देखो
- इसे - ऐसा पढ के भी देख लीजियेगा , अगर सही लगे तो ।
हवाओं में ये बू आयी किधर से..पूछकर देखो
-


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on October 19, 2015 at 7:18pm

आदरणीय जयनित भाई जी बहुत ही बढ़िया ग़ज़ल हुई है. शेर दर शेर दाद हाज़िर है. सादर 

Comment by जयनित कुमार मेहता on October 18, 2015 at 7:22pm
सादर धन्यवाद, जयप्रकाश जी..
Comment by Jayprakash Mishra on October 18, 2015 at 6:45pm
Behatareen gazal ke liye badhaai priya Jayanti ji
Comment by जयनित कुमार मेहता on October 18, 2015 at 6:38pm
आदरणीय पंकज मिश्र जी, आपके स्नेह के लिए आभार प्रकट करता हूँ..

आपके सलाह पर त्रुटि वाले शे'अर को सही करता हूँ..
Comment by Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" on October 18, 2015 at 6:14pm
बढ़िया ग़ज़ल की बधाइयाँ।

दूसरे शेर में; सुनायेंगी की जगह सुनाएगी कर दीजिये; क्योंकि आगे आपने हर इक लिखा है, इस लिए एकवचन हो रहा।

या फिर उसे यूँ कर दें-
सुनायेंगी दरो दीवार खिड़की रोज़ ही तुमको।

बहुत खूबसूरत शेर-
पता चल जाएगा, किसने फ़िज़ा में है ज़हर घोला
हवाओं से,ये बू आती किधर से..पूछकर देखो

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Friday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Friday
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service