For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आशिक हो पर..........."जान" गोरखपुरी

२२१२      २२१२      २२

 

फ़रियाद ये मेरी सुनो कोई

दो इश्क में मुझको डबो कोई

..

सात आसमां पार उनका गर है शह्र

कू-ए-सनम ही ले चलो कोई

..

है दोजखो जन्नत मुहब्बत में

आशिक हो पर शायर न हो कोई

..

जाने गज़ल तुम मुझको दो थपकी

बरसों न पाया मुझमें सो कोई

..

‘जान’ आखिरी वख्त अपना जाने कौन?

लो प्रीत के मनके पिरो कोई

.

जीने की ख्वाहिश फिर न जाग उट्ठे

मरता हूँ नाम उस का न लो कोई

 

*****************************************

मौलिक व् अप्रकाशित (c)”जान” गोरखपुरी

*****************************************

Views: 298

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by jaan' gorakhpuri on July 14, 2015 at 2:07pm

परम आदरणीय गोपाल सर!आपका अनुमोदन पाकर मन बहुत आश्वस्त हुआ!रचनाकर्म सार्थक हुआ! आभार सर!

Comment by jaan' gorakhpuri on July 14, 2015 at 2:05pm

हार्दिक आभार आदरणीय नरेन्द्रसिंह जी!

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 14, 2015 at 9:26am

प्रिय कृष्णा

बेहतरीन . सुन्दर .

Comment by narendrasinh chauhan on July 13, 2015 at 1:29pm

सुन्दर प्रस्तुति हुई है हार्दिक बधाई 

Comment by jaan' gorakhpuri on July 13, 2015 at 10:03am

आदरणीय गिरिराज सर! आपकी प्रशंसा पाकर गज़ल मुकम्मल हो गयी! हार्दिक आभार आदरणीय!

Comment by jaan' gorakhpuri on July 13, 2015 at 10:01am

उत्साहवर्धन के लिए तहेदिल से शुक्रिया! आ० विनय सरजी!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 13, 2015 at 8:46am

आदरणीय कृषणा भाई , लाजवाब  हर शे र बेहतरीन ! हार्दिक बधाई आपको ।

Comment by विनय कुमार on July 13, 2015 at 2:11am

// जाने गज़ल तुम मुझको दो थपकी
बरसों न पाया मुझमें सो कोई // , वाह , वाह , बहुत उम्दा पंक्तियाँ । बहुत बहुत बधाई आदरणीय जान गोरखपुरी जी इस ग़ज़ल के लिए.

Comment by jaan' gorakhpuri on July 12, 2015 at 7:50pm

अंतिम शेर के सम्बन्ध में मेरे मन में कुछ संशय है उसके निवारण के लिए गुनीजनो से निवेदन हैं...

मिसरा-ए-उला में अलिफ़ वस्ल //जाग + उट्ठे= जागुट्+ठे// करना क्या सही होगा??

सानी में //मरता हूँ// का प्रयोग क्या उचित हैं??

Comment by jaan' gorakhpuri on July 12, 2015 at 7:40pm

हार्दिक आभार आ० मिथिलेश सर!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"भाई जी, कहाँ लेखक ने कर्फ्यू का जिक्र किया है, हम जबरदस्ती कथा को आज से न जोड़ें, कथा तो दस साल…"
20 minutes ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"रवि भाई, लेखक ने लॉक डाउन का जिक्र नहीं किया है, चुकी आज के हालत हम पर हावी है इसलिए वहां से जोड़…"
23 minutes ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीय तेजवीर सिंह जी, क्या कहने, शानदार और कसी हुई लघुकथा सृजित हुई है, बहुत बहुत बधाई।"
26 minutes ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"भाई मनन जी, जब अनबोलो से बुलवाकर कर कथा सृजित होती है तो उसमे सबसे बड़ा रिस्क होता है कि कही लेखक न…"
30 minutes ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"नई किरण उम्मीद की किरण हो।"
35 minutes ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आभार आदरणीय।"
36 minutes ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीया रचना त्रिपाठी जी, कुछ बात बन नहीं रही, या यह कहे कि जो आप कहना चाह रही वो पाठक तक…"
37 minutes ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीय रवि भसीन साहब, आपकी लघुकथा एक बहुत ही गंभीर मुद्दे को सरलता से उठाती है, बहुत ही संदेशपरक…"
44 minutes ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीया बबिता जी, कथानक का चयन बढ़िया हुआ है, शिल्प को तनिक बाँध लघुकथा की खूबसूरती बढ़ाई  सकती…"
52 minutes ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीय सतविंदर जी,आपका आभार। हां,त्रुटियों को इंगित करें।यदि होंगी, तो सुधार होगा।"
1 hour ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आपका आभार आदरणीय भसीन जी।"
1 hour ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीय ओमप्रकाश क्षत्रिय सर, सादर हार्दिक नमन। एक प्रेरक कथा बन पाई है। उसके लिए हार्दिक बधाई।…"
1 hour ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service