For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आजकल हँसता हंसाता कौन है

२१२२...२१२२...२१२.

फाइलातुन फाइलातुन फाइलुन ..

=====================

आजकल हँसता हंसाता कौन है

गम छुपा के मुस्कराता कौन है !!

हम ज़माने पे यकीं कैसे करें,

आज कल सच-सच बताता कौन है.!!

उलझनों में भी हैं कुछ नादानियाँ,

याद बचपन की भुलाता कौन है !!

जब मिलूँगा तो शिकायत भी करू

इसलिए मुझको बुलाता कौन है!!

दो घडी की बात है ये ज़िन्दगी,

ज़िन्दगी भर को निभाता कौन है.!!

हार है या जीत है इस खेल में,

छोड़ कर मैदान जाता कौन है !!

(मौलिक एवं अप्रकाशित )

** आलोक **

मथुरा

Views: 905

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by maharshi tripathi on November 25, 2014 at 5:07pm

बेहद शानदार गजल ,आ.अलोक जी |

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on November 25, 2014 at 4:50pm

सुंदर i असरदार i

Comment by Meena Pathak on November 25, 2014 at 4:02pm

हम ज़माने पे यकीं कैसे करें,

आज कल सच-सच बताता कौन है.!!..........बहुत सुन्दर ..बधाई स्वीकारें आदरणीय 

Comment by Ketan Kamaal on November 25, 2014 at 12:14pm

आजकल हँसता हंसाता कौन है

गम छुपा के मुस्कराता कौन है !!

Waaaah khoob Matla Huaa hai 

हम ज़माने पे यकीं कैसे करें,

आज कल सच-सच बताता कौन है.!!

Aaj Kal Sach Ko Batata Kaun hai. Aesa kuch kiya jaa sakta hai 

उलझनों में भी हैं कुछ नादानियाँ,

याद बचपन की भुलाता कौन है !!

Waaaaaaaaaaaah

जब मिलूँगा तो शिकायत भी करू

इसलिए मुझको बुलाता कौन है!!

ise aur polish kariye bahut achcha sher hoga 

दो घडी की बात है ये ज़िन्दगी,

ज़िन्दगी भर को निभाता कौन है.!! Is Misare Men Ko Bharti ka lag raha hai Jisase Lay atak rahi hai uski jagah Aik Suggestion Hai Dekhiye
DO GHADI SAB SATH CHALTE HAI YAHA'N
ZINDAGI MEN SATH JATA KAUN HAI 

हार है या जीत है इस खेल में,

छोड़ कर मैदान जाता कौन है !!

IS SHER MEN CLEAR NAHIN AAP KAUN SE KHEL KI BAAT KAR RAHE HAI 

JEET BHI MILTI RAHI AU'R HAAR BHI. AAP PAHLA MISARA YUN KAHE TO ZYADA MAANI NIKALTE HAI 

YE MERE NIJI SUJHAAV HAI INHE MANNA YA NA MANNA AAPKE UPAR HAI SAHAB 

BAHUT ACHCHI GHAZAL KAHI HAI MUBARAK BAAD AAPKO AUR KAHTE RAHIYE QAMIYABI MILEGI ZAROOR 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on November 25, 2014 at 11:10am

हम ज़माने पे यकीं कैसे करें,

आज कल सच-सच बताता कौन है.!!--वाह्ह्ह्ह 

बहुत सुन्दर ग़ज़ल ...हार्दिक बधाई आपको आलोक जी 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 25, 2014 at 11:07am

उलझनों में भी हैं कुछ नादानियाँ,

याद बचपन की भुलाता कौन है !!

बहुत खूब , हार्दिक बधाई स्वीकारें आदरणीय आलोक जी l

Comment by Dr. Vijai Shanker on November 25, 2014 at 9:20am
अच्छी रचना है , जब तक जिंदगी है , जिंदगी छोड़ कर जाता कौन है।
बधाई आदरणीय आलोक जी।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
Wednesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
Tuesday
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
May 11
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
May 11
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आदरणीय सुशील जी बड़े सुन्दर दोहे सृजित हुए...हार्दिक बधाई "
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service