For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मेरा ईमान है हिंदी (ग़ज़ल 'राज')

1222  1222

वतन की जान है हिंदी

उपार्जित मान है हिंदी

 

धरा जो गुनगुनाती है

मुक़द्दस गान है हिंदी

 

हिमालय फ़क्र करता है

अजल से शान है हिंदी

 

तेरे वर्के तगाफ़ुल पे

नया  फ़रमान है हिंदी

 

इबादत पे सदाक़त पे

सदा कुर्बान है हिंदी

 

मेरा मजहब मेरी दौलत

मेरा ईमान है हिंदी

हमारी पाक़ संस्कृति में

बसा सम्मान है हिंदी  

------------------

(मौलिक एवं अप्रकाशित )

Views: 874

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by vijay nikore on September 27, 2014 at 1:34pm

अति सुन्दर। हिन्दी को अच्छा मान दिया है। बधाई।

Comment by khursheed khairadi on September 27, 2014 at 12:48pm

आदरणीया  राजेश कुमारी जी ,उम्दा ग़ज़ल हुई है सादर अभिनन्दन 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 26, 2014 at 7:04pm

आ० कल्पना रामानी दी,रचना को आपका आशीष मिला लिखना सार्थक हुआ दिल से आभार आपका.सादर   

Comment by कल्पना रामानी on September 26, 2014 at 6:58pm

बहुत सुंदर भावपूर्ण गजल, हार्दिक बधाई आपको प्रिय राजेश जी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 26, 2014 at 4:44pm

आ० डॉ.गोपाल नारायण जी,ग़ज़ल पर आपकी प्रतिक्रिया से अभिभूत हूँ मेरा लिखना सफल हुआ ,तहे दिल से आभार आपका सादर.   

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on September 26, 2014 at 3:01pm

vaah---------

महनीया

गजल की रवानी पढ़ते ही बनती है i सभी शब्द चुस्त चुने हुए i आपको बहुत-बहुत  बधाई i


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 26, 2014 at 10:37am

आ० गिरिराज जी ,आपको ग़ज़ल पसंद आई मेरा लिखना सार्थक हुआ तहे दिल से आभारी हूँ जो शेर आपने कोट किया उसे देख कर अभी ध्यान गया फ़ख्र है फक्र नहीं इसे एडमिन जी से एडिट करवाउँगी.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 26, 2014 at 10:33am

हिमालय फ़क्र करता है

अजल से शान है हिंदी ------------------------ बहुत बढ़िया बात कही आदरणीया राजेश जी , हिन्दी की शान में कही ग़ज़ल के लिए दिली बधाइयाँ |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 26, 2014 at 10:23am

आ० श्याम नारायण वर्मा जी,आपका बहुत- बहुत शुक्रिया.  


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 26, 2014 at 10:22am

प्रिय शिज्जू भैय्या,इस उत्साह वर्धन हेतु तहे दिल से शुक्रिया.  

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sushil yadav posted blog posts
Monday
Sushil posted blog posts
Monday
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
Monday
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service