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मेरा ईमान है हिंदी (ग़ज़ल 'राज')

1222  1222

वतन की जान है हिंदी

उपार्जित मान है हिंदी

 

धरा जो गुनगुनाती है

मुक़द्दस गान है हिंदी

 

हिमालय फ़क्र करता है

अजल से शान है हिंदी

 

तेरे वर्के तगाफ़ुल पे

नया  फ़रमान है हिंदी

 

इबादत पे सदाक़त पे

सदा कुर्बान है हिंदी

 

मेरा मजहब मेरी दौलत

मेरा ईमान है हिंदी

हमारी पाक़ संस्कृति में

बसा सम्मान है हिंदी  

------------------

(मौलिक एवं अप्रकाशित )

Views: 847

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Comment by vijay nikore on September 27, 2014 at 1:34pm

अति सुन्दर। हिन्दी को अच्छा मान दिया है। बधाई।

Comment by khursheed khairadi on September 27, 2014 at 12:48pm

आदरणीया  राजेश कुमारी जी ,उम्दा ग़ज़ल हुई है सादर अभिनन्दन 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 26, 2014 at 7:04pm

आ० कल्पना रामानी दी,रचना को आपका आशीष मिला लिखना सार्थक हुआ दिल से आभार आपका.सादर   

Comment by कल्पना रामानी on September 26, 2014 at 6:58pm

बहुत सुंदर भावपूर्ण गजल, हार्दिक बधाई आपको प्रिय राजेश जी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 26, 2014 at 4:44pm

आ० डॉ.गोपाल नारायण जी,ग़ज़ल पर आपकी प्रतिक्रिया से अभिभूत हूँ मेरा लिखना सफल हुआ ,तहे दिल से आभार आपका सादर.   

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on September 26, 2014 at 3:01pm

vaah---------

महनीया

गजल की रवानी पढ़ते ही बनती है i सभी शब्द चुस्त चुने हुए i आपको बहुत-बहुत  बधाई i


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 26, 2014 at 10:37am

आ० गिरिराज जी ,आपको ग़ज़ल पसंद आई मेरा लिखना सार्थक हुआ तहे दिल से आभारी हूँ जो शेर आपने कोट किया उसे देख कर अभी ध्यान गया फ़ख्र है फक्र नहीं इसे एडमिन जी से एडिट करवाउँगी.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 26, 2014 at 10:33am

हिमालय फ़क्र करता है

अजल से शान है हिंदी ------------------------ बहुत बढ़िया बात कही आदरणीया राजेश जी , हिन्दी की शान में कही ग़ज़ल के लिए दिली बधाइयाँ |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 26, 2014 at 10:23am

आ० श्याम नारायण वर्मा जी,आपका बहुत- बहुत शुक्रिया.  


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 26, 2014 at 10:22am

प्रिय शिज्जू भैय्या,इस उत्साह वर्धन हेतु तहे दिल से शुक्रिया.  

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