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अदाओं से उसका लुभाना गया - ग़ज़ल ( लक्ष्मण धामी ‘मुसाफिर’ )

2122    1221     2212

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नीर पनघट  से  भरना, बहाना गया
चाहतों का वो दिलकश जमाना गया

***
दूरियाँ  तो  पटी  यार  तकनीक  से
पर अदाओं से उसका लुभाना गया

***
पेड़  आँगन  से  जब  दूर  होते गये
सावनों  का  वो मौसम सुहाना गया

***
आ  गये  क्यों  लटों  को बिखेरे हुए
आँसुओं  का  हमारे  ठिकाना  गया

***
नाम  उससे  हमारा  गली  गाँव  में
साथ  जिसके हमारा  जमाना  गया

***
गंद शहरी जो गिरने लगी रोज अब
झील  के  तट  परिंदों  नहाना गया

***
 ( रचना - 11 दिसम्बर 2011  )
मौलिक और अप्रकाशित
लक्ष्मण धामी ‘मुसाफिर’

Views: 707

Comment

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Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on August 27, 2014 at 10:59am


आदरणीय बहन प्राची जी आपको गजल अच्छी लगी यह मेरे लिए हर्ष का विषय है । स्नेह बनाए रखें ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on August 27, 2014 at 10:59am


आदरणीय भाई गिरिराज जी रचना पर प्रतिक्रिया से उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on August 27, 2014 at 10:59am


आदरणीया महिमा जी गजल पर आपकी उपस्थिति से उत्साहवर्धन हुआ है हार्दिक आभार ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on August 27, 2014 at 10:58am

आदरणीय सौरभ भाई जी , आपकी प्रतिक्रिया से उत्साहवर्धन हुआ । इस स्नेहाशीष के लिए हार्दिक आभार ।


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on August 26, 2014 at 9:49am

अच्छे अशआर कहे हैं आ० लक्ष्मण धामी जी 

ये शेर तो बहुत पसंद आया ....

दूरियाँ  तो  पटी  यार  तकनीक  से
पर अदाओं से उसका लुभाना गया

बहुत बहुत बधाई 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on August 25, 2014 at 8:35pm

आदरणीय लाक्स्मन भाई , सुन्दर ग़ज़ल हुई है , बधाइयाँ स्वीका करें |

Comment by MAHIMA SHREE on August 25, 2014 at 7:53pm

बेहद उम्दा ग़ज़ल कही है आदरणीय धामी जी हार्दिक बधाई आपको 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 25, 2014 at 3:39pm

इस अभ्यास का अपना महत्व है. वैसे अर्कान ही रोचक है.

बधाई

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on August 25, 2014 at 11:00am


आदरणीया राजेश बहन, आपकी उपस्थिति से गजल का मान और बढ़ गया । स्नेह बनाए रखें ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on August 25, 2014 at 10:59am


आदरणीया सविता बहन, उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद ।

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